पंजाब: अपमान से आहत हुए फरीदकोट अस्पताल के VC, 24 घंटों के भीतर सौंपा इस्तीफा

Punjab

न्यूज हंट. फरीदकोट : फरीदकोट मेडिकल यूनिवर्सिटी (Faridkot Medical University) पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की इतनी कमियां गिना डालीं कि परेशान होकर वाइस चांसलर ने 24 घंटों के भीतर इस्तीफा दे दिया। जौड़ामाजरा के अभद्र रवैये से आहत होकर डॉ. राज बहादुर ने वाइस चांसलर पद से इस्तीफा दे दिया। दरअसल, शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री ने फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल का दौरा किया था। चेतन सिंह अस्पताल की मौजूदा स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने कुछ ऐसा किया, जिससे राज बहादुर आहत हो गए।
प्रेस और मीडिया के साथ अस्पताल पहुंचे चेतन सिंह अस्पताल की बदहाल स्थिति को देखकर नाराज थे। अस्पताल के गंदे वार्डों और खराब बेड से संबंधित तमाम शिकायतों के बाद चेतन ने अस्पताल का दौरा करने का फैसला किया था। जैसे ही वो अस्पताल पहुंचे, वहां की बदहाल स्थिति देखकर वह आपा खो बैठे। उन्होंने देखा कि स्किन वार्ड में बेड की हालत खस्ताहाल है। चिथड़े उड़े बेड़ की हालत देखने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर से कहा कि वह इसी बिस्तर पर लेटकर दिखाएं। मंत्री ने जबरन बहादुर को बिस्तर पर लिटाया। उनके इस रवैये से कई लोग खफा हो गए।
विपक्ष ने बोला हमला
मंत्री जौड़ामाजरा ने डॉक्टर के बिस्तर से उठते ही कहा कि ‘सब तुम्हारे हाथ में है।’ इसके बाद मंत्री के साथ मौजूद एक व्यक्ति ने खराब बेड की ओर इशारा किया। इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल के पूरे घटनाक्रम को देखा जा सकता है। वीडियों में वार्डों के बेड पर बिछे गद्दे फटी-जली हालत में नजर आ रहे हैं। 71 वर्षीय डॉ. बहादुर एक स्पाइनल सर्जन हैं। विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री के इस रवैये की कड़ी आलोचना की है।

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