पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, मत्तेवाड़ा जंगलों के समीप कोई औद्योगिक इकाई स्थापित नहीं होगी

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न्यूज हंट. चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री ने आज ऐलान किया कि राज्य के जंगलों और बहुमूल्य जल स्रोतों को बचाने के लिए मत्तेवाड़ा के जंगलों के नज़दीक प्रस्तावित जगह पर कोई औद्योगिक इकाई नहीं लगेगी।
मत्तेवाड़ा जंगल बारे सार्वजनिक एक्शन कमेटी के साथ मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री ने ऐलान किया, ‘‘मैं स्पष्ट तौर पर बताना चाहता हूँ कि न सिर्फ़ मत्तेवाड़ा, बल्कि राज्य सरकार पंजाब के किसी भी नदी के किनारे कोई उद्योग स्थापित करने की इजाज़त नहीं देगी ताकि पानी के प्रदूषण को रोका जा सके।’’
मुख्यमंत्री ने दुख जताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा बनाए इस प्रोजैक्ट के सभी पक्षों को जाँचे बगैर एक हज़ार एकड़ जगह में टेक्स्टाईल पार्क स्थापित करने की मंज़ूरी दे दी थी। उन्होंने कहा कि प्रोजैक्ट की प्रस्तावित जगह मत्तेवाड़ा जंगलों के नज़दीक और सतलुज नदी के किनारे पर है परन्तु इस प्रोजैक्ट से राज्य के वातावरण पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों को कैप्टन सरकार ने पूरी तरह से अनदेखा कर दिया। भगवंत मान ने कहा कि इस प्रोजैक्ट से न सिर्फ़ पेड़ काटे जाएंगे, बल्कि इससे नदी के पानी में बड़े स्तर पर प्रदूषण फैलेगा, जो इस क्षेत्र में वन्य जीवन के साथ-साथ मानवीय जीवन के लिए भी घातक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने इस प्रोजैक्ट की गहराई के साथ जाँच की और पाया कि इससे इलाके का वातावरण संतुलन बिगड़ेगा। उन्होंने कहा कि वातावरण और मानवीय जीवन पर इस प्रोजैक्ट के बुरे प्रभावों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने फ़ैसला किया है कि इस ज़मीन पर कोई औद्योगिक इकाई नहीं स्थापित होगी। भगवंत मान ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार राज्य में हरियाली की हर कीमत पर रक्षा करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस प्रस्तावित टेक्स्टाईल पार्क के लिए किसी अन्य जगह पर ज़मीन देने के लिए तैयार है परन्तु शर्त यह है कि इससे राज्य का पानी प्रदूषित न हो। भगवंत मान ने पंजाब को साफ़-सुथरा, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त करने के लिए वातावरण प्रदूषण को रोकने की अपनी सरकार की वचनबद्धता दोहराई।

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