पंजाब सरकार के प्रयत्नों से ‘आक्सीजन ऐक्सप्रैस ’ तरल मैडीकल आक्सीजन ले कर फिल्लौर पहुँची तरल मैडीकल आक्सीजन की यह खेप कोविड विरुद्ध लड़ाई में निभाएगी निर्णायक भूमिका – एम.पी. और डिप्टी कमिश्नर

जालंधर पंजाब

फिल्लौर (जालंधर), 17 मई- ( न्यूज़ हंट )

पंजाब सरकार की तरफ से जरूरतमंद लोगों के लिए तरल मैडीकल आक्सीजन गैस को निर्विघ्न और उचित ढंग से सुनिश्चित करने के लिए किये जा रहे प्रयत्नों को तब सफलता मिली, जब 40 मीट्रिक टन आक्सीजन से भरी ‘ आक्सीजन एक्प्रैस ’ रेल गाड़ी का लोक सभा मैंबर चौधरी संतोख सिंह और डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री घनश्याम थोरी ने फिल्लौर पहुँचने पर स्वागत किया।

                             आज के दिन को अहम बताते हुए मैंबर पार्लियामैंट और डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की तरफ से 40 मीट्रिक टन गैस का प्रंबध लोगों की कीमती जानों बचाने के लिए किया गया है। उन्होनें बताया कि इसमें से 20 मीट्रिक टन आक्सीजन जालंधर ज़िले के लिए है जबकि बाकी रहता स्टाक अमृतसर, पठानकोट, और होशियारपुर जिलें में बाँटा जायेगा। उन्होनें कहा कि कोरोना वायरस के नये रूप का मुकाबला करने के लिए आक्सीजन प्राथमिक हथियारों में से एक है और इसकी नियमित तौर पर निर्विघ्न स्पलाई को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से कोई कमी बाकी नहीं छोड़ी जायेगी। दोनों ने कहा कि पंजाब सरकार के अथक प्रयत्नों से बोकारो से 40 मीट्रिक टन की पहली ‘ आक्सीजन ऐक्सप्रैस ’ रवाना हो सकी ,जहाँ पंजाब का 80 मीट्रिक टन कोटा है। उन्होनें बताया कि इसमें से 40 मीट्रिक टन आक्सीजन जालंधर को अलाट की गई है।

                             लोग सभा मैंबर और डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि महामारी कारण बढ रहे मामलों कारण आक्सीजन की कमी आई, इससे पहले पंजाब सरकार की तरफ से हवाई और सड़क रास्ते के द्वारा वाहनों को इन प्लांटों में गैस भरने के लिए भेजा जा रहा था .जिनको वापिस आने में 5 से 6 दिन का समय लग जाता था। उन्होनें बताया कि लोगों के हित को देखते हुए पंजाब सरकार की तरफ से भारतीय रेलवे का सहयोग लेते हुए ‘आक्सीजन ऐक्सप्रैस ’ शुरू की गई ,जिस को दप्पर (एस.ए.एस.नगर) से बोकारो के लिए रवाना किया गया। दोनों ने बताया कि मारकफ़ैड को इस स्पलाई के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया और इसकी तरफ से रेलवे के सहयोग के साथ आक्सीजन ऐक्सप्रैस को चलाया गया।

                   मैंबर पार्लियामेंट और डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि यहाँ से अब आक्सीजन के टैंकरों को वाहनों में ट्रांसफर किया जायेगा और फिर इस के बाद टैंकर खाली होने और आगामी स्पलाई के लिए जालंधर के आक्सीजन प्लांटों में भेजा जाएंगा। उन्होनें कहा कि खाली होने उपरांत टैंकरों को दोबारा भरने के लिए वापिस आक्सीजन ऐक्सप्रैस पर भरा जायेगा, दोनों ने बताया कि टैंकरों को जल्दी खाली करने और दोबारा वापिस रेल गाड़ी में भरने करने के लिए पहले ही पुख्ता प्रबंधों को पूरा करते हुए प्रक्रिया को तेज़ किया गया है।

                             इस अवसर पर उप मंडल मैजिस्ट्रेट वनीत कुमार और अन्य भी उपस्थित थे।

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