एम.पी., एम.एल.एज़, पुलिस कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में युवाओं ने नशे ख़िलाफ़ जंग तेज करने की उठाई शपथ

जालंधर पंजाब

जालंधर 26 जून ( न्यूज़ हंट ) :

मैंबर पार्लियामेंट चौधरी संतोख सिंह, विधायक श्री सुशील कुमार रिंकू और श्री रजिन्दर बेरी, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री घनश्याम थोरी के नेतृत्व में नशा छोड़ चुके युवाओं ने आज अंतराष्ट्रीय नशाखोरी और तस्करी दिवस के अवसर पर ज़िले से नशा ख़त्म करने के लिए लड़ाई को और तेज करने की शपथ उठाई।

कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से विशेष पहल करते हुए नशे को त्याग चुके लोगों, जिन्होनें स्वंय को इस दलदल से बाहर निकाल लिया है को ज़िले को नशा मुक्त करने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता अभियान में शामिल किया गया है, जिससे नशों पर निर्भर लोगों को नशे की दलदल में से बाहर निकलने के लिए अधिक से अधिक प्रेरित किया जा सके।

स्थानीय पुलिस लाईन में बोलस्टर ट्रीटमेंट और री-हैबलिएशन सैंटर के सहयोग से करवाए गए समागम दौरान नशे का त्याग कर चुके लोगों की तरफ से एम.पी., विधायकों, डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर की उपस्थिति में अपने अनुभवों को सांझा किया गया। उन्होनें कहा कि नशों पर निर्भरता किसी के भी हित में नहीं है और यह परिवार को बर्बाद कर देती है। उन्होनें कहा कि नशा छोड़ने की प्रेरणा अंदर से पैदा होती है और इसके लिए परिवार का सहयोग भी बहुत ज़रूरी है।

इस अवसर पर मैंबर पार्लियामेंट ने राज्य सरकार की तरफ से नशे को ख़त्म करने के लिए किये जा रहे प्रयत्नों पर विस्तार से बताया गया। उन्होनें कहा कि राज्य सरकार की तरफ से नशे जैसे गंभीर मुद्दों प्रति बड़े स्तर पर जागरूकता पैदा करने के लिए राज्य सरकार की तरफ से डैपो और बड्डी प्रोगराम पहले ही शुरू किये जा चुके है, जिनके लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के सार्थक नतीजे प्राप्त हुए है।

विधायक श्री सुशील कुमार रिंकू और श्री रजिन्दर बेरी ने कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से ऐसे सैमीनारों के द्वारा नशों पर निर्भर रह चुके लोगों द्वारा नशों के बुरे प्रभावों प्रति जागरूक करने के लिए किये जा रहे प्रयत्नों की भरपूर प्रशंसा की। उन्होनें प्रशासन को भविष्य में नशे ख़िलाफ़ इस प्रकार के और प्रयत्न करने का विश्वास दिलाया।

पुलिस कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जो लोग पहले ही नशे का प्रयोग कर चुके है को इस जागरूकता अभियान में शामिल करने का उदेश्य यह है कि लोग इनसे नसीहत ले कर स्वंय को नशे की दलदल में जाने से बचा सकें। उन्होनें कहा कि इससे नशों पर निर्भर लोगों को नशे छोड़ने के लिए प्रेरित करने में मदद मिलेगी कि यदि दूसरे नशों को छोड़ सकते है तो वह क्यों नहीं ? दोनों आधिकारियों ने कहा कि यदि एक व्यक्ति की इच्छा शक्ति है तो नशे के कलंक को बहुत आसानी से हटाया जा सकता है परन्तु नशे का कलंक समाज से जुड़ा होने कारण आगे आ कर बताने के लिए बहुत हिम्मत की ज़रूरत है और लोगों को बताया जाये कि मैंने नशा छोड़ दिया है।

पुलिस कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि अनुभव सांझा करने वाले ऐसे रू-ब-रू सैशन करवाने का मुख्य उदेश्य यह यकीनी बनाना है कि ज़्यादा से ज़्यादा नशो पर निर्भर लोगों को इस का लाभ हो। उन्होनें कहा कि ज़िले में से नशों को ख़त्म करने के लिए भविष्य में ऐसे और जागरूकता सैमीनार करवाए जाएंगे। दोनों आधिकारियों की तरफ से इस नेक काम के लिए ज़िला निवासियों को पूर्ण सहयोग की अपील की गई।

इस अवसर पर एम.पी., एम.एल.एज़, पुलिस कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर की तरफ से नशा मुक्ति सैंटर में शानदार सेवाएं निभाने वाले युवा काउंसलर का सम्मान किया गया।

इस अवसर पर अन्य के इलावा डिप्टी कमिश्नर पुलिस गुरमीत सिंह, जगमोहन सिंह, नरेश डोगरा, आफीशीएटिंग वाइस चांसलर डी.ए.पी.यूनीवर्सिटी जसबीर रिशी और मनोचिकित्सक डा.गगनजोत सिंह भी उपस्थित थे।

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