ज़िला प्रशासन की तरफ से सिविल अस्पताल में एन.आई.सी.यू. के इलावा बच्चों का वार्ड बनाया जायेगा

जालंधर पंजाब

जालंधर, 8 जुलाई ( न्यूज़ हंट ) :

तीसरी लहर की स्थिति में बच्चों को कोविड -19 के बुरे प्रभावों से बचाने के लिए ज़िला प्रशासन ने शहीद बाबू लाभ सिंह सिविल अस्पताल, जालंधर में एक 10 बैंडों वाले न्योनटल आई.सी.यू. (नवजात बच्चों के लिए आई.सी.यू.) सहित एक पीडियाट्रिक वार्ड (30 बैड) स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिस सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने इस नये वार्ड की ज़रूरतों के बारे में

जानकारी प्राप्त करने के लिए निजी तौर पर अस्पताल का दौरा किया ,जिससे इस सम्बन्धित निर्धारित समय में हैल्थ अथारटी को अवगत करवाया जा सके। तीसरी लहर से प्रभावशाली ढंग के निपटने की तैयारी का जायज़ा लेने के लिए अस्पताल का दौरा करते हुए डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि बच्चों के लिए और ज्यादा बैड आरक्षित करने के इलावा यहाँ एक न्योनटल आई.सी.यू. (एन.आई.सी.यू.) की स्थापना की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि एन.आई.सी.यू. के लिए ज़रुरी बुनियादी ढांचे और उपकरणों की सूची स्थानीय स्वास्थ्य  आधिकारियों की तरफ से तैयार की गई है, जिस को स्वास्थ्य विभाग के उच्च आधिकारियों को भेज दिया गया है जिससे इस एन.आई.सी.यू. की स्थापना और बच्चों के लिए बैंडों की सामर्थ्य में विस्तार समय पर किया जा सके।

डिप्टी कमिश्नर ने इस अवसर पर सिविल अस्पताल में 1000 एल.पी.एम. की सामर्थ्य वाले नये पी.एस.ए. आधारित आक्सीजन प्लांट के निर्माण की प्रगति का जायज़ा भी लिया। उन्होंने कहा कि यह प्लांट सिविल अस्पताल की आक्सीजन उत्पादन सामर्थ्य को 700 एल.पी.ऐम. की मौजूदा सामर्थ्य से 1700 एल.पी.एम. तक ले जायेगा। श्री थोरी ने यह भी कहा कि इस नये प्लांट का काम बड़े स्तर पर चल रहा है और 15 जुलाई 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है।

एक अन्य पहल करते हुए सिविल अस्पताल में बैंडों की सामर्थ्य को 25 प्रतिशत बढ़ा कर स्तर -3 आई.सी.यू सुविधा में 70 बैंडों तक किया गया है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ज़िला प्रशासन स्वास्थ्य संकट के इस दौर में ज़िला निवासियों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है।

इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर जसप्रीत सिंह की तरफ से भी सिविल अस्पताल का दौरा करके स्वास्थ्य आधिकारियों की मीटिंग दौरान आगे वाली कोविड लहर के साथ निपटने के लिए उपलब्ध साधनों का जायज़ा लिया गया।

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