भुवनेशवर में खींच का केंद्र बनी नागरिक सेवाओं की सुपुर्दगी में जालंधर की ज़ीरो पैडैंसी

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जालंधर, 5 दिसम्बर (न्यूज़ हंट)- नागरिक सेवाएं प्रदान करने में जालंधर जिले की ‘ज़ीरो पैंडैंसी’ भुवनेशवर में ‘रैपलीकेशन आफ गुड्ड गवर्नेंस प्रैकटिसज़’ विषय पर हुई 2-दिवसीय क्षेत्रीय कान्फ़्रेंस दौरान रूचि और खींच का मुख्य केंद्र रही।

डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी की तरफ से इस मौके अपने विचार सांझे करने के इलावा ‘ज़ीरो पैंडैंसी ’ के बारे में विस्थारपूर्वक पीपीटी पेश की गई कि प्रशासन की तरफ से कैसे इस कार्य को करना संभव बनाया गया, जिसके साथ नागरिकों को जनतक संस्थानों से ज़रूरी सेवाएं प्राप्त करने के समर्थ बनाया जा सके। इस कान्फ़्रेंस, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय परसोनल, लोक शिकायतें और पैनशनों के बारे में राज्य मंत्री डा. जतिन्दर सिंह ने की, को जालंधर जिले के ‘ज़ीरो पैंडैंसी’ कार्य विधि से अवगत करवाया गया।

क्षेत्रीय कान्फ़्रैंस दौरान अपने संबोधन में डिप्टी कमिशनर घनश्याम थोरी ने बताया कि कैसे उन्होंने पंजाब ट्रांसपेरैंसी एंड अकाऊंटेबिलटी एक्ट, 2018 (पी.टी.ए.ए. 2018) को उत्साहित किया, जिसके निष्कर्ष के तौर पर निर्धारित समय में बिना किसी रुकावट के नागरिक सेवाएं प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जालंधर प्रशासन की तरफ से नई मिसाल कायम करते हुए नागरिकों को ज़रूरत पड़ने पर बिना किसी रुकावट या तीसरी पक्ष के दख़ल से बिना सरकारी सेवाएं प्रदान करने को यकीनी बनाया जा रहा है। श्री थोरी ने यह भी बताया कि जनतक सेवाओं की प्रभावशाली सुपुर्दगी के साथ नागरिकों की सुविधा के लिए’डिजिटल एरा गवर्नेंस’का प्रयोग भी की गई और इन प्रयत्नों ने जनतक सेवाएं प्रदान करने में निष्पक्षता, जवाबदेही और पारर्दशिता को यकीनी बनाया है।

2018 में कार्यशील ई -सेवा प्लेटफार्म को लागू करने के बारे में बोलते हुए घनश्याम थोरी ने कहा कि यह प्रणाली निर्धारित समय में हर नागरिक को जनतक सेवाओं की सुर्पदगी की निगरानी करने और इस को सुचारू बनाने में मददगार साबित हुई है। जून 2019 में, जब ई -सेवा पोर्टल के द्वारा बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए और उनको ट्रैक किया गया तो जालंधर पंजाब के उन दो जिलों में से एक था, जहाँ पीटीएए 2018 की निर्धारित समय सीमा के बाद भी ज़िला आधिकारियों के पास नागरिक आवेदनों का 50 प्रतिशत से अधिक बकाया था। ज़िला प्रशासन की तरफ से’डीईजी टूलज़’का प्रयोग करके पैंडैंसी का निपटारा किया गया, जिसके निष्कर्ष के तौर पर नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने में आसानी हुई।

श्री थोरी ने कहा कि डिप्टी कमिशनर का नेतृत्व में एक ज़िला प्राजैकट लागूकरन समिति (डीपियाईसी) बनाई गई। इस तरह सुसत में डिप्टी कमिशनर ई -सेवा प्लेटफार्म पर नागरिक सेवाए प्रदान करने के लिए काम करते वन -स्टाप सैंटरों – सेवा केन्द्रों की सेवा सुपुर्दगी के लिए ज़िम्मेदार बन गए। इस स्टाफ ने दो वास्तविक नतीजों के लिए गुंजायश की इजाज़त दी। पहला एक जिले में जनतक सेवा प्रदान करने के लिए डिप्टी कमिशनरों को ज़िम्मेदार बना कर जवाबदेही तय की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अब कई सम्बन्धित विभागों और इसके आधिकारियों के साथ सीधा तालमेल करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि डिप्टी कमिशनर लागू करने को यकीनी बनाने और जिलों में अंत -विभागीय तालमेल की सुविधा के लिए राज्य सरकार के लिए संपर्क का एकमात्र बिंदु बन गए है।

दूसरा, डिप्टी कमिशनरों को जिले में जनतक सेवाएं प्रदान करने में सुधार करने और जनतक शिकायतों को कम करने के लिए नई रणनीती तक पहुँच के अमल की आज्ञा दी। डिप्टी कमिशनर ने यह भी बताया कि राज्य भर में नागरिक सेवाओं की समयबद्ध सुपुर्दगी को यकीनी बनाने के लिए इन नवीनताकारी उपायों या माडलों को बाद में राज्य भर में बढिया अभ्यासों के तौर पर बढ़ाया जा सकता है।

क्योंकि जालंधर अपने नागरिकों को प्रदान की जाने वाली पैंडिंग सेवाओं में दूसरा सब स उच्च स्तर वाला ज़िला था, इस लिए यह यकीनी बनाना महत्वपूर्ण था कि जिले में जनतक सेवाएं मुहैया करने में सुधार किया जाये ,जिससे राज्य में जनतक सेवाएं प्रदान करने की पूरी स्थिति में भी सुधार हो सके। जिले ने प्रक्रिया और प्रर्दशन प्रबंधन में ग्लोबल सर्वोत्तम अभ्यासों से सलाह के लिए और ज़िलो में एक “ज़ीरो पैंडैंसी पहुँच को लागू किया गया।


ज़ीरो पैंडैंसी फ्रेमवर्क – नागरिक सेवाओं की गारंटीशुदा समयबद्ध सुपुर्दगीहर सेवा की सुपुर्दगी ज़िला स्तर पर यकीनी बनाने के लिए जालंधर के सेवा केन्द्रों में नागरिक सेवाओं के लिए प्राप्त सभी आवेदनों के 56.39 प्रतिशत के लिए ज़िम्मेदार सभी डिलिंग हैंडज़ की मैपिंग और निगरानी करना ज़रूरी थी, जो जून 2019 में पीटीएए 2018 की निर्धारित समय -सीमा के बाद भी पैंडिंग थे।

ज़ीरो पैंडैंसी के लिए नोडल अधिकारी: जालंधर के “ज़ीरो पैंडैंसी ढांचे के अंतर्गत ज़िला स्तर पर मंज़ूरी से पहले नागरिकों की अर्ज़ी पर कार्यवाही करने वाले सभी डिलिंग हैंडज़ की कारगुज़ारी का प्रबंधन करने के लिए डिप्टी कमिशनर की तरफ से सीधे तहसील या सब -तहसील स्तर पर नोडल अधिकारियों की पहचान की गई। ऐसी आवेदनों पर कार्यवाही करने वाले हर दफ़्तर की कारगुज़ारी की रोजाना की मैनेजमेंट इन्फर्मेशन व्यवस्था (एम.आई.एस) रिपोर्टों के द्वारा निगरानी की जाती है। यदि कोई अर्ज़ी पैंडिंग पाई जाती है, तो इसको तुरंत सम्बन्धित अधिकारी को मेप किया जाता है और नोडल अधिकारियों को सुचेत किया जाता है। ज़िला प्रशासन पैंडैंसी सम्बन्धित न सिर्फ़ पहचान करता और सुचेत करता है बल्कि विभागों के ज़िला मुखियों के साथ ऐसी किसी भी पैंडैंसी के मूल कारण को सांझा और रिकार्ड भी करता है। बकाया सेवाओं वाले सभी सम्बन्धित आधिकारियों को अपनी सम्बन्धित पैंडैंसी का निपटारा करने के लिए हफ़्ते की शुरुआत से शनिवार तक का समय दिया जाता है, जिसमें असफल रहने पर उनको डिप्टी कमिशनर की अध्यक्षता में शनिवार को समीक्षा बैठकों में उपस्थित होना होता है। इन बैठकों को व्यापक विचार -अदला बदलो के सैशनें के तौर पर तैयार किया गया है, जहाँ डिप्टी कमिश्नर की तरफ से रुकावटों को दूर करने और नागरिक सेवाओं की सुपुर्दगी को यकीनी बनाने के लिए ज़िला आधिकारियों में तालमेल की सुविधा प्रदान की जाती है।

श्री थोरी ने यह भी बताया कि एक शिकायत हैल्पलाइन नंबर के द्वारा नागरिकों की शिकायतें और फीडबैक एकत्रित करने के इलावा उपभोक्ता अनुभव पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। ज़िला प्रशासन का अधिकारित फेसबुक्क, ई -मेल और यहाँ तक कि पंजाब सरकार का अधिकारित शिकायत निवारण पोर्टल भी इस उद्देश्य की पूर्ति में लाभदायक साबित हुआ है। यह भी यकीनी बनाया गया कि सभी शिकायतों को दर्ज किये जाने के 24 घंटों के अंदर -अंदर हल किया जाये। श्री थोरी ने कहा कि मौजूदा समय में जालंधर की तरफ से उन नागरिकों को व्यक्तिगत तौर पर फ़ोन करने की पहलकदमी को लागू किया जा रहा है, जिनकी तरफ से पिछले सात दिनों में सेवा केंद्र की सुविधाएं प्राप्त की गई है, जिससे उनके कीमती सुझाव और फीडबैक हासिल किया जा सके।

प्रशासन की तरफ से दूर -दूरगामे के क्षेत्रों में सेवाए प्रदान करने के लिए आऊटरीच कैंप भी लगाए जा रहे है, बुज़ुर्ग नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए उनके दरवाज़े तक सेवाओं की सुपुर्दगी को लागू किया जा रहा है। यह प्रयास समुदायक मंचों जैसे कि गाँवों के गुरुद्वारों में घोषणाओं के द्वारा और जागरूकता पैदा कर रहा है, जिसके साथ जिले में नागरिकों को बढिया जनतक सेवाएं प्रदान करने में मदद मिली है।

जालंधर की ज़ीरो पैंडैंसी: जालंधर जिले ने जून 2019 में नागरिक सेवाओं में अपनी पैंडैंसी को 56.39 प्रतिशत से कम कर नवंबर 2021 में 0.0 प्रतिशत कर दिया और जुलाई 2020 से पंजाब के सभी 22 जिलों में अपने अव्वल दर्जे को बरकरार रखा। पिछले एक साल की मियाद (नवंबर 2020 – नवंबर 2021) दौरान, ज़िला प्रशासन को 326 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से 321 शिकायतें का पहले ही निपटारा किया जा चुका है।जनतक सेवा प्रदान करने की कारगुज़ारी में सुधार ने सेवा केन्द्रों को वित्तीय तौर पर स्व -निर्भर भी बनाया है। जनवरी 2019 से जालंधर जिले की तरफ से अपने नागरिकों को 14,65,301 सेवाए प्रदान की गई है और जिले के 33 सेवा केन्द्रों से सेवा फीस के तौर पर 18,61,95,433 रुपए का सीधा वित्त प्राप्त हुआ, जो कि इन केन्द्रों के विकास पर ख़र्च किया जा रहा है।

वर्कशाप में 250 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनके सहित वर्चुअल ढंग के साथ शामिल होने वालों की तरफ से जालंधर प्रशासन की ‘ज़ीरो पैंडैंसी’ कार्यविधी की प्रशंसा की गई।

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