पंजाब सरकार मातृभाषा के प्रसार और प्रफुलित करने के लिए पूरी तरह गंभीर: परगट सिंह

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जालंधर, 19 दिसम्बर (न्यूज़ हंट)- पंजाब के शिक्षा, भाषा और एन.आर.आई. मामलों के मंत्री परगट सिंह ने आज कहा कि मातृभाषा के प्रसार और उसे प्रफुलित करने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से पूरी गंभीरता के साथ काम करते हुए पंजाबी भाषा एक्ट को सख़्ती के साथ लागू करवाने सहित कई ठोस प्रयास किये जा रहे है, जिससे पंजाबी भाषा को औप मज़बूत किया जा सके।

स्थानीय देश भक्त यादगार हाल में केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा की तरफ से मातृभाषाओं का महत्व: भारतीय प्रसंग विषय पर करवाई पंजाबी भाषा चेतना कान्फ़्रैंस दौरान संबोधन करते हुए भाषा मंत्री ने मातृभाषा की महत्ता पर रौशनी डालते हुए कहा कि कोई भी देश या राज्य अपनी भाषा को अनदेखा करके तरक्की नहीं कर सकता। पंजाबी भाषा के विशाल दायरे और ऐतिहासिक पृष्टभूमि की बात करते हुए परगट सिंह ने कहा कि देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पंजाबी बोली का विशेष प्रभाव है, जिसके मद्देनज़र सभी को आने वाली पीढ़ीयों को इस अमीर भाषा से पूरी तरह वाकिफ करवाने के लिए बनते प्रयत्न करने चाहिए।

पंजाब सरकार की तरफ से मातृभाषा को प्रफुलित करने के लिए किये गए प्रयत्नों पर रौशनी डालते हुए परगट सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से पंजाबी भाषा एक्ट को सख़्ती के साथ लागू करने के लिए जहाँ खाली पड़े पदों पर ज़िला भाषा अधिकारियों को तैनात किया गया है वहीं राज्य भाषा कमिशन बनाने के लिए प्रयत्न बडे स्तर पर जारी है और इस कार्य को आने वाले दिनों में अमली जामा पहनाया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से 10वीं कक्षा तक सभी स्कूलों में पंजाबी पढ़ाने को लाज़िमी करके पंजाबी मातृभाषा को और प्रफुलित करने के लिए अहम कदम उठाया है और इसका उल्लंघन करने वाले स्कूलों को जुर्माने की व्यवस्था भी की गई है। इसके इलावा सभी सरकारी अधिकारी /कर्मचारी सभी दफ़्तरी काम पंजाबी भाषा में करेंगे और ऐसा न होने की सूरत में भाषा विभाग की सिफ़ारशों पर बनता जुर्माना भी किया जाएगा।उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पंजाबी मातृभाषा के प्रसार और उसकी बेहतरी के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है और इस सम्बन्धित हर अपेक्षित कदम उठाया जा रहा है।

मातृभाषा की और बेहतरी और विकास के लिए सांझे प्रयास करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा हम सभी को अपनी भाषा की मज़बूती के लिए मिल कर यत्न करने चाहिए जिससे हमारी युवा पीढ़ी अपनी भाषा, विरसे और सभ्याचार के साथ जुड़ी रहे। कान्फ़्रैंस के मुख्य वक्ता, मुम्बई यूनिवर्सिटी, मुम्बई से आए प्रो. दीपक पवार ने देश में क्षेत्रीय भाषाओं को अनदेखा करने पर चिंता का दिखावा करते हुए कहा कि आज क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिक और उच्च शिक्षा का माध्यम बनाने की ज़रूरत है, जिससे इन भाषाओं को बनता दर्जा दिया जा सके।

इस मौके पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के उप कुलपति प्रो. अरविन्द, डा. जोगा सिंह, डा. मनजीत सिंह, डा. सरबजीत सिंह, डा. सुखविन्दर सिंह संघा, केंद्रीय पंजाबी लेख सभा के प्रदान दर्शन बुट्टर, जनरल सचिव डा. सुखदेव सिंह सिरसा आदि ने भी क्षेत्रीय भाषाओं के बारे में कीमते विचार रखे। सभा के अधिकारियों की तरफ से कैबिनेट मंत्री परगट सिंह का पंजाबी भाषा की और मज़बूती के लिए किये जा रहे कामों के लिए विशेष तौर पर सम्मान भी किया ।

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