ज़िला प्रशासन ने भीख मांगने की समस्या के ख़ात्मे के लिए शहर में चलाई जागरूकता मुहिम

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जालंधर, 29 दिसम्बर (न्यूज़ हंट)- भीख मांगने की समस्या को जड़ से ख़त्म करने के उद्देश्य से ज़िला प्रशासन ने आज शहर में भीख मांगने के खिलाफ मुहिम चलाई ।

ज़िला प्रोग्राम अफ़सर गुरमिन्दर रंधावा, डी.सी.पी.ओ. अजय भारती, एल.पी.ओ. सन्दीप कुमार, विशाल दत्त के साथ चाइल्डलाइन जालंधर के सदस्यों कमलेश, बिंदु, लवली और किरण बाला की टीम ने बीएमसी चौक, गुरू नानक मिशन चौक, नकोदर चौक और अन्य प्रमुख इलाकों का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अपने माता -पिता के साथ दो बच्चों को भीख मांगते देखा। टीम सदस्यों ने इन बच्चों के माँ बाप को बच्चों से भीख न मंगवाने और उनको पढ़ने के लिए स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया ।

इस दौरान टीम के सदस्यों ने भीख मांगने वाले व्यक्तियों के साथ मुलाकात की और उनको इस ग़ैर-कानूनी काम को छोड़ने के निर्देश दिए और कहा कि ऐसा न होने पर सख़्त कार्यवाही की जायेगी।

सदस्यों की तरफ से अलग -अलग चौराहों पर यात्रियों के साथ भी मुलाकात की गई और उनको भीख दे कर भीखारियों ख़ास कर बाल भीखारियों को उत्साहित न करने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि भीख मांगना शहर में एक बड़ी समस्या बन चुका है, जिस को किसी भी कीमत पर ख़त्म करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि शहर को भीखारियों से मुक्त करने के लिए हर संभव यत्न किये जाएंगे।

टीम को भीख मांगने वाले लोगों को पकड़ने और कानून की धाराओं के अनुसार उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही करने के लिए पाबंद किया गया है। लीगल प्रोबेशन अफ़सर सन्दीप कुमार ने बताया कि कानून अनुसार आदतन भीखारी बार-बार भीख मांगने का दोशी पाया जाता है तो उसे तीन साल तक की कैद हो सकती है। इसी तरह किसी बच्चे को भीख मांगने के लिए मजबूर करने वाले व्यक्ति को पाँच साल की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि बच्चो के किसी अंग को नुक्सान पहुँचाने वाले व्यक्ति को भारी जुर्माने समेत 7 साल की सजा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि टीम की तरफ से पुलिस के भीख विरोधी दस्ते की तरफ से चलाई जाने वाली मुहिम की नियमत तौर पर निगरानी की जायेगी।

इस दौरान डी.पी.ओ. गुरमिन्दर सिंह रंधावा ने लोगों को भीख देकर भीख मांगने को उत्साहित न करने की अपील करते हुए कहा कि जागरूकता मुहिंम उपरांत शहर में इन्नफोरसमैंट शुरू की जायेगी।

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