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Tuesday, March 5, 2024

वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ 6375 केसों का मौके पर निपटारा
– लोक अदालत के लिए जिले में 28 बैंचों का किया गया गठन
– वर्षों से लंबित मामलों का मौके पर ही किया गया निपटारा

होशियारपुर, 13 मई (न्यूज़ हंट)- पंजाब स्टेट कानूनी सेवाएं अथारिटी के निर्देशों पर जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी की ओर से आज जिले में इस वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। इस लोक अदालत में लोक अदालत में सिविल मामले, रेंट मामले, एम.ए.सी.टी, 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, फैमिली मैटर, लेबर मैटर्स, बैंक मामले, बिजली व पानी के बिल, ट्रैफिक चालान, कचहरी में पेंडिंग व प्री-लिटिगेटिव व अन्य मामलों का निपटारा करवाने संबंधी केस रखे गए।
जानकारी देते हुए सी.जे.एम-कम-सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी अपराजिता जोशी ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायधीश-कम-चेयरमैन जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी दिलबाग सिंह जौहल के नेतृत्व में जिले में लगाई गई लोक अदालत में कुल 28 बैंच बनाए गए। जिनमें से होशियारपुर ज्यूडिशियल कोर्ट में 10 बैंच व रेवेन्यू कोर्ट में 2 बैंच, सब-डिविजन दसूहा में ज्यूडिशियल कोर्ट के 5 बैंच व रेवेन्यू कोर्ट के 3 बैंच, गढ़ंशकर में ज्यूडिशियल कोर्ट के 3 व रेवेन्यू कोर्ट का 1 बैंच और मुकेरियां में ज्यूडिशियल कोर्ट के 3 व रेवेन्यूट कोर्ट के 1  बैंच का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि लोक अदालतों में 9276 केसों की सुनवाई हुई व 6375 केसों का मौके पर निपटारा किया गया और कुल 146214056 रुपए के अवार्ड पास किए गए।
नेशनल लोक अदालत के दौरान सिविल जज सीनियर डिविजन रुपिंदर सिंह की बैंच के प्रयासों से 6 वर्ष पुराना केस का दोनों पक्षों की सहमति व राजीनामे से निपटारा किया गया। इसके साथ एक केस प्रवीन कुमारी बनाम गुरदीप सिंह आदि का घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा एक्ट 2005 के अंतर्गत मौजूदा शिकायत पटिशनर द्वारा उत्तरदाताओं के बीच समझौता, जो कि और नहीं बल्कि पटीशनर के पती-पत्नी व ससुराली पक्ष थे। पटीशनकर्ता ने अपने पति के साथ अपने ससुराल में खुशी-खुशी रहना शुरु कर दिया है, इस तरह उक्त केस का निपटारा किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिविजन दसूहा परमिंदर कौर बैंस के प्रयासों से 5 वर्ष पुराना केस राम सिंह बनाम गुरनाम सिंह बेयरिंग नंबर  EXE/110/2019 फांसी की पटीशन का निपटारा किया गया, जिसमें डिक्री धारक को डिक्रिटल रकम 6,95,689 रुपए प्राप्त थी, जिसका अंतिम निर्णय आज राष्ट्रीय लोक अदालत में मौके पर ही किया गया। इसके अलावा अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिविजन अमरदीप सिंह बैंस की ओर से 6 वर्ष पुराने केस कुसुम रानी बनाम ग्राम से सिविल मुकद्दमे का मामला उठाया गया और इस लोक अदालत के दखल, प्रतिवादी ग्राम पंचायत ने वादी के पक्ष में 1,30,000 रुपए की अदायगी लेकर कब्जा देने पर सहमती दी। इस तरह लोक अदालत की ओर से सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इसके साथ एक केस जसविंदर सिंह बनाम दलीप चंद नाम से एक एग्जीक्यूशन का भी निपटारा कर दिया है, जिसमें संपती का कब्जा डिक्री धारक को सफलतापूर्वक प्रदान कर दिया गया, दूसरा केस छतर सिंह बनाम हजारा नाम से एग्जीक्यूशन का भी निपटारा किया गया और नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट से संबंधित एक फौजदारी केस का स्टेट बैंक आफ इंडिया बनाम रविंदर सिंह सी.एन.आर नंबर पी.बी.एच.ओ 006712017 के रुप में नेशनल लोक अदालत में निपटाया गया है। जिसका दोषियों ने पूरा अंतिम भुगतान कर दिया। दोषी की ओर से बैंक को पूरी चैक रकम 2,50, 000 अदायगी की गई। इस तरह इस बैंच की ओर से अपनी पूरी कोशिशों से नेशनल लोक अदालत में इस केस का निपटारा किया गया।
सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी ने बताया कि इस नेशनल लोक अदालत के मौके पर पुलिस विभाग के कर्मचारियों की ओर से ट्रैफिक चालान भुगतान करने आए व्यक्तियों के लिए स्पैशल हैल्प डैस्क लगाया गया ताकि अदालतों में लगे हुए ट्रैफिक चालान आसानी से भुगते जा सकें। उन्होंने लोगों को अपील की कि वे अधिक से अधिक अपने केसों को लोक अदालतों में लगाएं, जिससे समय व धन की बचत होती है और इन लोक अदालतों के फैसलों को दीवानी डिक्री की मान्यता प्राप्त है। लोक अदालत में फैसला होने के बाद केस में लगी सारी कोर्ट फीस वापिस मिल जाती है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में हुए फैसले की कोई अपील नहीं होती और यह अंतिम निर्णय होता है। उन्होंने बताया कि अगली राष्ट्रीय लोक अदालत 9 सितंबर 2023 को लगाई जाएगी।

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