जालंधर, 5 नवंबर (न्यूज़ हंट)- शिक्षा मंत्री परगट सिंह दीवाली की रात एक बड़ी पहलकदमी करते हुए जालंधर स्थित अपनी रिहायश के पास धरने पर बैठे बेरोज़गार युवाओं से मिलने पहुँचे। शिक्षा मंत्री ने कहा, “आप भी मेरे बेटे-बेटियों की तरह हो, त्योहार के दिन आप बाहर बैठे हो तो मैं कैसे दीवाली की खुशियां मना सकता हूँ।”
परगट सिंह ने युवाओं को मिठाईयों भी बाँटी। उन्होंने कहा कि मामले का हल सड़क पर नहीं, बातचीत के साथ ही हो सकता है और वह उन की हर बात सुन कर इसको सकरात्मक तरीके से हल करना चाहते है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा कभी भी तरजीही विषय नहीं रहा और पिछले लम्बे समय की बुरी नीतियों के कारण आज की स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने चीन -जापान जैसे विकसित देशों की उदाहरण देते हुए मानवीय स्रोतों के सभ्य प्रयोग की वकालत की। परगट सिंह ने कहा कि जो भी उनकी पहुँच में हुआ और अधिक से अधिक संभव हुआ, वह संर्घष कर रहे अध्यापकों और बेरोज़गार युवाओं के लिए करेंगे, क्योंकि उन्होंने स्वंय शिक्षा विभाग माँग कर लिया है। शिक्षा मंत्री ने कहा युवा हमेशा ही उनके दिल के सबसे निकट रहे है।
