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News Hunt Daily Evening E-Paper

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12 September 2022

Page 4

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सरकारी दफ्तर अब आपके स्मार्टफोन में! आज ही डाउनलोड कर लें ये एप, फटाफट होंगे सारे काम

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सरकारी कामों के साथ ये समस्या होती है कि इसमें समय थोड़ा ज्यादा लगता है, दरअसल किसी भी सकारी दफ्तर में सुबह से लेकर शाम तक लोगों की भीड़ आती ही रहती है, इसी वजह से काम की स्पीड थोड़ी स्लो रहती है लेकिन काम हो जाता है। हालांकि आपके पास अगर समय ना हो तो आपको काम करवाने में मशक्कत का सामना करना पड़ सकता है। आज से कुछ साल पहले तक लोगों को अपने सरकारी काम करवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे और तब जाकर काम हो पाता था, हालांकि अब ऐसा नहीं है और अब आप आसानी से अपने काम घर बैठे स्मार्टफोन की मदद से करवा सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ सरकारी Apps डाउनलोड करने पड़ते हैं। आज हम आपको उन्हीं सरकारी Apps के बारे में बताने जा रहे हैं।

mParivahan 

रोड ट्रांसपोर्ट और व्हीकल डिपार्टमेंट से जुड़े सरकारी कामों को अंजाम देने के लिए ये ऐप बेस्ट है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से लेकर, गाड़ी रजिस्ट्रेशन डेट, रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी, वीइकल एज, वीइकल क्लास, इंश्योरेंस वैलिटिडी, फिटनेस वैलिडिटी आदि कामों के लिए आप इस ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये ऐप आपको काफी पसंद आएगा और आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे।

mPassport Seva 

अगर आप पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं या इससे जुड़ी अन्य सेवाओं का लाभ लेना चाहते हैं तो mPassport ऐप आपके बड़े काम आएगा। इसकी मदद से आप पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं, साथ ही साथ कई अन्य सेवाओं का लाभ भी ले सकते हैं. ये ऐप आपके बड़े काम आ सकता है। अगर आपको इसके बारे में जानकारी नहीं थी तो अब आप इनका इस्तेमाल करके अपने सरकारी काम आसान बना सकते हैं।

MyGov App 

MyGov App एक बेहद ही पॉपुलर ऐप है जिसकी शुरुआत साल 2014 से कर दी गई है। इस ऐप की मदद से आप अपने कई सारे सरकारी काम पूरे कर सकते हैं। इस प्लैटफॉर्म पर आप सरकारी योजनाओं और उनके लाभ जान सकते हैं। यहां तक सरकार को सुझाव भी दे सकते हैं। आपको बता दें कि ये ऐप भारतीयों को सरकार के साथ सीधा जोड़ने में मददगार है। इस ऐप पर आप भी विजिट कर सकते हैं और जानकारियां हासिल कर सकते हैं जो आपके काफी काम आएंगी।

पॉल्यूशन सर्टिफिकेट ना होने पर ई-स्कूटर का चालान, आनंद महिंद्रा ने ऐसे ली चुटकी

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महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन (Mahindra Chairman) आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) सोशल मीडिया पर खासे एक्टिव रहते हैं। वे आए दिन कुछ ना कुछ ऐसा पोस्ट करते रहते हैं, जो मोटिवेशनल होने के साथ ही रोचक भी होता है। अब भारतीय उद्योगपति ने एक और मामले पर ट्वीट किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है. आइए जानते हैं क्या खास है उनकी नई पोस्ट में।

आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने जो ट्वीट किया है, वो केरल पुलिस के कारनामे से जुड़ा है जिसमें पुलिस ने बीते दिनों एक इलेक्ट्रिक स्कूटर का चालान (E-Scooter Chalam) किया था। चालान किस बात के लिए किया गया उसे सुनकर आप खुद चौंक जाएंगे। दरअसल, इस ई-स्कूटर का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) ना होने के कारण पुलिस ने इसका चालान कर दिया था। इसके बाद पुलिस का यह कारनामा सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो गया। अब आनंद महिंद्रा ने भी ई-स्कूटर के चालान पर अपने ही अंदाज में चुटकी ली है।

आनंद महिंद्रा ने उठाया बड़ा सवाल
इस मामले पर महिंद्रा चेयरमैन (Mahindra Chairman) ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों के बाजार को लेकर बड़ी बात कही, या कहें एक बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, ‘और आप सोचते हैं कि इलेक्ट्रिक की राह पर आगे बढ़ने के बीच सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (Charging Infrastructure) है।’ इसके साथ ही आनंद महिंद्रा ने इस कनफ्यूजन को प्रदर्शित करती हुई इमोजी भी शेयर की है। एक अन्य कमेंट में उन्होंने सवाल किया कि हर तरह से क्या इलेक्ट्रिक वाहन वास्तव में नॉन-पॉल्यूटिंग हैं?

पंजाब विजीलैंस विभाग की भ्रष्टाचार के खिलाफ बडी कार्रवाई, पंचायत सचिव को रिश्वत लेते रंगे हाथो दबोचा

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न्यूज हंट. चंडीगढ़ : पंजाब विजीलैंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान रविवार को पटियाला जिले के हरयाउ खुर्द के एपीआई सह पंचायत सचिव जरनैल सिंह को 6000 रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो (वीबी) के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पंचायत विभाग के अधिकारी जरनैल सिंह को पटियाला के ब्लॉक पतरां के ग्राम हरयाउ खुर्द के अजायब सिंह की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो से संपर्क कर आरोप लगाया कि उक्त पंचायत सचिव आरटीआई अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत द्वारा उनके गांव में किए गए विकास कार्यों से संबंधित कुछ रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए 6,000 रुपये की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि उक्त आरोपी आरटीआई अधिनियम के तहत रिकॉर्ड की प्रतियां सौंपने के लिए पहले ही 4,000 रुपये ले चुका है।

सिद्धू मूसेवाला कत्ल कांड: नेपाल भागने की कोशिश कर रहा मुख्य शूटर दीपक मुंडी अपने दो साथियों समेत गिरफ़्तार: डीजीपी गौरव यादव

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न्यूज हंट. चंडीगढ़ : पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने सिद्धू मूसेवाला कत्ल कांड (Sidhu MooseWala Murder Case) के छठे और आखिरी शूटर दीपक मुंडी (Deepak Mundi) और उसके दो साथियों, जो नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे, को पश्चिमी बंगाल के भारत-नेपाल बॉर्डर (India Nepal Border) से गिरफ़्तार कर लिया है, जिसके साथ इस सारी साजिश से पर्दा उठने के साथ-साथ इन गैंगस्टरों के संबंधों का भी पर्दाफाश हो गया है। यह ऑपरेशन पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर किया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) के दिशा-निर्देशों पर गैंगस्टरों के विरुद्ध शुरु की गई जंग के अंतर्गत डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज यहाँ प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि मुख्य कातिल दीपक मुंडी ने पंजाबी गायक शुभदीप सिंह, जिसकी 29 मई को गैंगस्टरों द्वारा हत्या कर दी गई थी, पर अंधाधुन्ध गोलियाँ चलाई थीं।
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के खरीबाड़ी पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में भारत-नेपाल चौकी के नज़दीक शनिवार को दीपक मुंडी के साथ गिरफ़्तार किए गए दो व्यक्तियों की पहचान कपिल पंडित और राजिन्दर उर्फ जोकर के तौर पर हुई है। एआईजी गुरमीत चौहान और डीएसपी बिक्रम बराड़ के नेतृत्व में एजीटीएफ की टीम शनिवार देर रात मुंडी और उसके दो साथियों को हवाई रास्ते के द्वारा पंजाब लेकर आई।
इन तीन गिरफ़्तारियों के साथ सिद्धू मूसेवाला कत्ल केस में गिरफ़्तारियों की कुल संख्या 23 हो गई है, जबकि पुलिस ने अमृतसर के गाँव भकना में एक मुकाबले के दौरान मनप्रीत सिंह उर्फ मनु कुस्सा और जगरूप सिंह उर्फ रूपा नामी दो शूटरों को मार गिराया था। इससे पहले गिरफ़्तार किए गए अन्य शूटरों की पहचान प्रियावरत फ़ौजी, कशिश और अंकित सेरसा के तौर पर हुई है।
डीजीपी गौरव यादव, जिनके साथ एडीजीपी एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीऐफ) प्रमोद बान भी मौजूद थे, ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला को मारने के बाद मुंडी और कपिल दोनों एकसाथ रह रहे थे और कैनेडा आधारित गैंगस्टर गोल्डी बराड़ (मुख्य साजि़शकर्ता) के निर्देशों पर लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे।
उन्होंने आगे बताया कि इस समय के दौरान मुंडी और कपिल हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, यूपी और पश्चिम बंगाल राज्यों में रुके और कहा कि जोकर, जो पहले ही नेपाल में था, पश्चिम बंगाल में सुरक्षित दाखि़ल होने के लिए मुंडी और कपिल की मदद करने और उनको नेपाल में सुरक्षित जगह पर ले जाने के लिए आया था।
उन्होंने बताया कि गोल्डी बराड़ ने मुंडी और कपिल को फज़ऱ्ी पासपोर्टों पर दुबई में सैटल करने का वादा किया था। उन्होंने आगे कहा कि उक्त दोनों को नेपाल या थाईलैंड में अपने जाली पासपोर्ट मिलने थे, जिसके बाद उन्होंने दुबई के लिए चले जाना था।
कपिल पंडित ने सलमान ख़ान को भी मारने की रची थी साजिश
कपिल पंडित, जो राजस्थान के जि़ला चूरू में उसके पैतृक गाँव बेवड़ के एक व्यक्ति के कत्ल के दोष में जेल में बंद था, से प्राथमिक पूछताछ से पता लगा है कि वह अपनी माँ की अंतिम रस्मों में शामिल होने के लिए साल 2021 में पैरोल पर बाहर आया था और तब से ही वह फऱार था।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि तब ही उसके साथ लॉरेंस बिश्नोयी गैंग ने सम्पत नेहरा और गोल्डी बराड़ के द्वारा बॉलीवुड अभिनेता सलमान ख़ान की हत्या को अंजाम देने के लिए संपर्क किया था। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि सलमान ख़ान को मारने की रणनीति बनाने के लिए कपिल को सचिन बिश्नोयी और संतोष यादव के साथ मिलकर रेकी करने के लिए कहा गया था।
कपिल ने खुलासा किया कि विक्की मिड्डूखेड़ा के कत्ल का बदला लेने के लिए लॉरेंस बिश्नोयी गैंग के इशारे पर पहले भी उसने सिद्धू मूसेवाला को मारने के इरादे से कई बार रेकी की थी।
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में विदेशों को फऱार हुए गैंगस्टरों को पकडऩे के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले के अंतर्गत गैंगस्टर सचिन थापन को अजऱबाईजान में हिरासत में लिया गया है और जल्द ही उसको भारत के हवाले कर दिया जायेगा। जि़क्रयोग्य है कि पुलिस ने इस मामले में 24 मुलजिमों के खि़लाफ़ चालान पेश किया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिशा-निर्देशों पर पंजाब पुलिस द्वारा गैंगस्टरों के विरुद्ध छेड़ी गई जंग की उपलब्धियों में यह एक और बढ़त मिली है।
बताने योग्य है कि पुलिस ने गिरफ़्तार किए गए व्यक्तियों को रविवार को मानसा अदालत में पेश करके छह दिनों का रिमांड हासिल किया है।
बॉक्स: सिद्धू मूसेवाला कत्ल केस सम्बन्धी अब तक की रिपोर्ट
कुल दोषी=35
गिरफ़्तार=23
मारे गए=2
विदेश में रहते=4
बाकी गिरफ्तारियां/भगोड़े/भूमिका की जांच की जा रही=6

माता वैष्णो देवी के भक्तों को तोहफा, 25 व 30 सितंबर को चलेगी नवरात्र स्पेशल भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन

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न्यूज हंट. पठानकोट : 26 सितंबर से शुरु हो रहे नवरात्र के मद्देनजर माता वैष्णो देवी (Maa Vaishno Devi) के दर्शनार्थ जाने वाले भक्तों के लिए आईआरसीटीसी (IRCTC) की ओर से 25 व 30 सितंबर को दो भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेनें चलाई जाएंगी। पांच दिवसीय यात्रा के तहत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करवाई जाएंगी। साथ ही आधुनिक किचन कार से यात्रियों को शाकाहारी स्वादिष्ट भोजन परोसा जाएगा।

ट्रेन में यात्रियों को मनोरंजन व यात्रा की जानकारी देने के लिए इन्फोटेन्मेंट सिस्टम भी लगाया गया है। स्वच्छ शौचालय के साथ ही सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड एवं सीसीटीवी कैमरे भी प्रत्येक कोच में उपलब्ध रहेंगे। ट्रेन की बुकिंग शुरू हो गई है। आईआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि भारत गौरव पर्यटक ट्रेन, भारत सरकार की पहल देखो अपना देश के अनुरूप, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही है।

आईआरसीटीसी ने इस टूर पैकेज की कीमत में यात्रियों को रेल यात्रा के अतिरिक्त स्वादिष्ट शाकाहारी भोजन, बसों द्वारा पर्यटक स्थलों का भ्रमण,होटलों में ठहरने की व्यवस्था, गाइड व इंश्योरेंस आदि कि सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार/पीएसयू के कर्मचारी इस यात्रा पर वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर पात्रता के अनुसार एलटीसी सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं।

Prashant Kishor: ‘साथ चाय पीने से नहीं आती एकजुटता’, प्रशांत किशोर का विपक्ष पर तीखा हमला

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PK speaks about Political Situations: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक नेश्नल चैनल से एक्सक्लूसिव बातचीत में बिहार और देश के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम पर बातचीत की। इस दौरान प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने विपक्षी एकजुटता और नीतीश कुमार को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम को देश से जोड़कर देखना ठीक नहीं। नीतीश के दिल्ली दौरे पर निशाना साधते हुए पीके ने कहा कि देश की राजनीति में बहुत बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा। वो बोले कि बैठकर चाय पीने या खाना खाने से कुछ नहीं होने वाला है। नीतीश कुमार पहले भी बीजेपी के खिलाफ थे, फिर साथ चले गए। 2014 के बाद भी सारे विपक्षी दल विलय की बात कर रहे थे लेकिन हुआ कुछ नहीं।

चुनावी रणनीतिकार ने महागठबंधन सरकार को लेकर कहा कि नीतीश कुमार जिस समझदारी से मुख्यमंत्री पद पर बने हुए हैं, यह 10 साल में छठा फॉर्मेशन है और इसमें एक बात कॉमन है और वह है नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री बने रहना। वो कुर्सी है जो जाती नहीं है। फेवीकोल का जोड़ भले टूट जाए लेकिन कुर्सी और नतीशीजी का जोड़ टूटेगा नहीं। 

प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीशजी कल तक बीजेपी के पक्ष में थे। पीएम मोदी को महामानव बता रहे थे। उन्हें 90 डिग्री पर छुककर नमस्कार कर रहे थे। वे आने कार्यकाल में ज्यादातर समय बीजेपी के साथ रहे हैं।

अब एक महीने के बाद वह बीजेपी के खिलाफ लोगों को एकजुट कर रहे हैं। ऐसे में जब वह विपक्षी दल के नेताओं के पास जा रहे हैं तो लोगों में यह जिज्ञासा होगी कि वह आखिर किन वजहों से बीजेपी को छोड़कर आए हैं। विपक्ष में वह अपनी क्या भूमिका देखते हैं।

Medical Education Alert ! मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए जारी हुई चेतावनी, चीन में दाखिला लेने का न लें जोखिम

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने चीनी विश्वविद्यालयों (Chinese Universities) के मेडिकल पाठ्यक्रमों (Medical Syllabus) में दाखिला लेने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों (Indian Students) को आगाह किया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी चेतावनी परामर्श में कहा गया है कि चीन में पूर्व एवं वर्तमान छात्रों को नियमित पढ़ाई में आ रही बाधाओं और भारत में मेडिकल प्रैक्टिस (Medical Pratice) की अनुमति की कठिन प्रक्रिया को देखते हुए, नए छात्रों को चीनी संस्थानों में दाखिला लेने से पहले अच्छे से सोच-विचार कर लेना चाहिए। एडवाइजरी में कहा गया है कि कम पास प्रतिशत, आधिकारिक भाषा पुतोंगहुआ की अनिवार्यता और भारत में कड़ी मान्यता प्रक्रिया से होने वाले नुकसान के बारे में अच्छे से समझ लेना चाहिए। 

दो साल से यहीं फंसे हुए हैं भारतीय छात्र

एडवाइजरी इसलिए भी जारी की गई है क्योंकि बीजिंग के कोविड-19 (Covid 19) के कारण लागू वीजा प्रतिबंध (Visa Restrictions) की वहज से चीनी मेडिकल कॉलेजों (China Medical Colleges) में पढ़ने वाले वर्तमान में दो साल से अधिक समय से घर पर फंसे हुए हैं। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार वर्तमान में 23,000 से अधिक भारतीय छात्र विभिन्न चीनी विश्वविद्यालयों में नामांकित हैं। इनमें से अधिकांश मेडिकल के छात्र हैं। चीन में कोरोना काल में अधिक समय के COVID वीजा प्रतिबंधों के बाद, चीन ने हाल ही में कुछ चयनित छात्रों को लौटने के लिए वीजा जारी करना शुरू कर दिया है। हालांकि, उनमें से अधिकांश की कोई सीधी उड़ान नहीं होने के कारण अभी नहीं जा सके हैं।