ਘਰੇਲੂ ਇਕਾਂਤਵਾਸ ਕੋਵਿਡ ਮਰੀਜਾਂ ਦੀ ਨਿਗਰਾਨੀ ’ਚ ਵਲੰਟੀਅਰਾਂ ਨੇ ਨਿਭਾਇਆ ਅਹਿਮ ਰੋਲ, 42599 ਕਾਲਜ਼ ਕਰਕੇ ਮਰੀਜਾਂ ਨੂੰ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਈ ਹਰ ਸੰਭਵ ਮਦਦ : ਅਪਨੀਤ ਰਿਆਤ
पंजाब 12,507 सरकारी स्कूलों की 17,299 और कक्षाओं को स्मार्ट कक्षाओं में बदलेगा: विजय इंदर सिंगला
चंडीगढ़, 8 जुलाई ( न्यूज़ हंट ) :
पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने बुधवार को कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने 12,507 सरकारी स्कूलों के 17,299 और क्लासरूम को स्मार्ट क्लासरूम में बदलने का फैसला किया है। श्री सिंगला ने कहा कि 22 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के 24 कमरों को भी स्मार्ट ट्रेनिंग रूम में तब्दील किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि रुपये का बजट है। इन प्रशिक्षणों और कक्षाओं को बदलने के लिए 117 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग स्मार्ट क्लासरूम में मल्टीमीडिया प्रोजेक्टर, माइक्रो सीपीयू, साउंड बार, प्रोजेक्शन के लिए व्हाइट बोर्ड और राइटिंग के लिए ग्रीन बोर्ड लगाएगा |
श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि कांग्रेस सरकार सरकारी स्कूलों की शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए स्कूलों को बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए आवश्यक धनराशि आवंटित की जा रही है। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं में सुधार के अलावा ऑनलाइन शिक्षक स्थानांतरण नीति, स्मार्ट स्कूल नीति, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, डिजिटल शिक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के विशेष संवर्ग जैसी कुछ पथप्रदर्शक पहलों ने भी उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। राज्य भर में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार। उन्होंने कहा कि यह इस तथ्य को दर्शाता है कि पिछले चार वर्षों में नामांकन में 29 प्रतिशत की वृद्धि के साथ लगभग 5.6 लाख छात्र निजी से सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित हो गए हैं, इस प्रकार उनके माता-पिता ने फिर से सरकारी स्कूलों में विश्वास जताया है।
श्री सिंगला ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम में नए गैजेट लगाने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को विस्तृत निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और कक्षाओं में बिजली और अन्य संसाधनों की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
जालंधर में दिव्यांग लाभपातरियों के घर में टीकाकरण के लिए विशेष अभियान शुरू
जालंधर, 8 जुलाई ( न्यूज़ हंट ) :
दिव्यांग लाभपातरियों को कवर करने के लिए स्वास्थ्य टीमों के घर -घर जाने के साथ ज़िले में विशेष टीकाकरण अभियान पूरे जोश के साथ शुरू हो गया है।
इस बारे में और ज्यादा जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने कहा कि ज़िला प्रशासन समाज के कमज़ोर और जरूरतमंद लोगों की सेवा करने के लिए वचनबद्ध है और इस स्वास्थ्य संकट के दौर में उनकी सेवा करने में कोई कमी बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होनें कहा कि सभी एस.डी.एमज़ की तरफ से निजी तौर पर इस अभियान की निगरानी की जा रही है और हर एक लाभपातरी को उनके घर में कोविड -19 वैक्सीन की ख़ुराक देने के लिए ठोस प्रयत्न किए जा रहे है।
उन्होनें कहा कि ऐसे लाभपातरी कंट्रोल रूम नंबर 0181 -2224417 पर फ़ोन कर अपने घर में टीकाकरण की सुविधा प्राप्त कर सकते है। उन्होनें टीकाकरण अभियान के अंतर्गत हर योग्य लाभपातरी को कवर करने की ज़िला प्रशासन की वचनबद्धता को भी दोहराया।
डिप्टी कमिश्नर ने एस.डी.एमज़ को यह यकीनी बनाने के आदेश भी दिए कि उनके अधिकार क्षेत्र में कोई भी दिव्यांग व्यक्ति टीकाकरण से खाली न रहे। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) हिमांशु जैन ने आगे बताते हुए कहा कि अब तक 49 ऐसे योग्य लाभपातरियों की तरफ से हैल्पलाइन नंबर के द्वारा प्र शासन के पास पहुँच की गई है और इनके घर में टीकाकरण के लिए एक विशेष टीम को तैनात किया गया।
एस.डी.एम. नकोदर पूनम सिंह ने बताया कि पी.डबलयू.डी.पैनशनरों के आंकड़ो अनुसार कुल 666 दिव्यांग लाभपातरियों की पहचान की गई है और आने वाले दिनों में उनको घर में ही वैक्सीन की ख़ुराकें दी जाएंगी।
एस.डी.एम. डा. विनीत बजाज ने बताया कि विभाग की तरफ से फिल्लौर सब डिविज़न में 1282 दिव्यांग लाभपातरियों की पहचान की गई है और उनको घर में ही कोविड -19 की ख़ुराक देने के लिए उन तक पहुँच करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। उन्होनें कहा कि इन सभी का कुछ ही हफ़्तों में टीकाकरण कर दिया जाएगा ।
सिनेमा घरों व मल्टीप्लेक्स का कोरोना काल दौरान हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए – मनोज पुंज
जालंधर, 8 जुलाई ( न्यूज़ हंट ) :
कोरोना काल दौरान फिल्म इंडस्ट्री को हुए नुकसान के लिए पंजाब सरकार को मुआवजा देना चाहिए। नार्दन इंडिया फिल्म एसोसीएशन के प्रधान श्री मनोज पुंज ने बताया कि कोरोना काल में फिल्म इंडस्ट्री को करीब 5 हज़ार करोड़ रुपए का नुकसान हुए है। इस लिए फिल्म इंडस्ट्री को बचाना सरकार की जिम्मेदारी बनती है और फिल्म निर्माताओं, सिनेमा व मल्टीप्लेक्स के मालिकों को मुआवजा देना चाहिए। फिल्म इंडस्ट्री के साथ कलाकार, कैमरा मैन, प्रिंटिंग, प्रोमोशन, फिल्म सैट, एडीटिंग, टिकट विंडो व अन्य कामों से जुड़े लोग बेरोजगार हो गए हैं। इससे उनके परिवारों को खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है। पंजाब में करीब डेढ़ वर्ष से सिनेमा बंद पडे हैं, जिस कारण फिल्म इंडस्ट्री पूरी तरह से बैक फुट पर है।
श्री मनोज पुंज ने बताया कि पंजाबी फिल्मों ने बॉलीवेड से लेकर विदेशों में पंजाब की पूरी बल्ले करवाई है और लोगों में पंजाब की अलग शान बनाई है। जिस तरह कैनेडा व अन्य देशों में शूटिंग के लिए सरकार रियायत देती है तांकि टूरिस्टों के लिए आकर्षक का केंद्र बने। इसी तरह पंजाब सरकार को भी चाहिए कि पंजाब में किसी भी तरह की शूटिंग के लिए रियायत दी जाए।
श्री मनोज पुंज ने बताया कि पंजाब सरकार ने अब 50 प्रतिशत के साथ सिनेमा घरों व मल्टीप्लेक्स खोलने की इजाजत तो दे दी है, लेकि अब सिनेमा घरों में कोई भी फिल्म निर्माता घाटे के डर से अपनी फिल्म नहीं चला रहा। इस कारण सिनेमा अभी तक पड़े हैं।
श्री मनोज पुंज ने कहा कि पंजाबी फिल्म कलाकार कोरोना काल दौरान पंजाब सरकार के साथ डट कर खड़े हुए हैं। सरकार के साथ साथ कलाकारों ने भी लोगों को कोरोना से बचने की अपील की है और सोनू सूद जैसे बड़े कलाकारों ने बड़े स्तर पर लोगों की मदद की है। पंजाब के कोरोना के ब्रांड अंबेस्डर भी बनाए गए हैं।
ਅੱਤਿਆਚਾਰ ਦੀਆਂ ਸਿਕਾਰ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਇਨਸਾਫ ਲਈ ਕਰ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਸਖੀ ਵਨ ਸਟਾਪ ਸੈਂਟਰ ਨਾਲ ਰਾਫਤਾ – ਐਡਵੋਕੇਟ ਸੂਨੈਣਾ
ਪਠਾਨਕੋਟ: 8 ਜੁਲਾਈ 2021 ( ਨਿਊਜ਼ ਹੰਟ ) :
ਜਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਵਿੱਚ ਚਲ ਰਹੇ ਸਖੀ ਵਨ ਸਟਾਪ ਸੈਂਟਰ ਵੱਲੋਂ ਜਿਲ੍ਹੇ ਅੰਦਰ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਹਿੱਤ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ ਦਿਲਾਉਂਣ ਲਈ ਪਿਛਲੇ ਕਰੀਬ ਇੱਕ ਸਾਲ ਤੋਂ ਜਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕੀ ਕੰਪਲੈਕਸ ਮਲਿਕਪੁਰ ਵਿਖੇ 138 ਕਮਰਾ ਨੰਬਰ ਵਿੱਚ ਸਖੀ ਵਨ ਸਟਾਪ ਸੈਂਟਰ ਕੰਮ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਜਿਸ ਅਧੀਨ ਪਿਛਲੇ ਇੱਕ ਹਫਤੇ ਦੋਰਾਨ ਦੋ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਕੀਤੀ ਗਈ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ ਮਿਲ ਸਕਿਆ। ਇਹ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਐਡਵੋਕੇਟ ਸੂਨੈਣਾ ਸੈਂਟਰ ਐਡਮਿੰਨਸਟੇਟਰ ਸਖੀ ਵਨ ਸਟਾਪ ਸੈਂਟਰ ਪਠਾਨਕੋਟ ਨੇ ਕੀਤਾ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇੱਕ ਹਫਤੇ ਦੋਰਾਨ ਪਹਿਲਾ ਮਾਮਲਾ ਜਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਦੀ ਨਿਵਾਸੀ ਇੱਕ ਮਹਿਲਾ ਵੱਲੋਂ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ ਸੀ ਕਿ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਉਸ ਦੇ ਡਰਾਇਵਰ ਵੱਲੋਂ ਉਸ ਨੂੰ ਨਸੀਲਾ ਪਦਾਰਥ ਖਿਲਾ ਕੇ ਅਤੇ ਉਸ ਨਾਲ ਸਰੀਰਿਕ ਸੰਬੰਧ ਬਣਾਏ ਅਤੇ ਵੀਡਿਓ ਬਣਾ ਕੇ ਡਰਾਇਵਰ ਬਲੈਕਮੇਲ ਕਰਦਾ ਰਿਹਾ। ਇਸ ਸਿਕਾਇਤ ਤੇ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦਿਆਂ ਸਖੀ ਵਨ ਸਟਾਪ ਸੈਂਟਰ ਪਠਾਨਕੋਟ ਵੱਲੋਂ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾ ਕੇ ਅਰੋਪੀ ਤੇ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰਵਾਇਆ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪਿਛਲੇ ਦਿਨਾਂ ਦੋਰਾਨ ਪਠਾਨਕੋਟ ਨਿਵਾਸੀ ਹੀ ਇੱਕ ਮਹਿਲਾ ਜਿਸ ਨੂੰ ਪਰਿਵਾਰਿਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਘਰ ਤੋਂ ਕੱਢ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ ਉਸ ਮਹਿਲਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਖੀ ਵਨ ਸਟਾਪ ਸੈਂਟਰ ਪਠਾਨਕੋਟ ਨਾਲ ਤਾਲਮੇਲ ਕੀਤਾ ਜਿਸ ਤੋਂ ਮਗਰੋਂ ਸੈਂਟਰ ਦੀ ਟੀਮ ਵੱਲੋਂ ਕੌਂਸÇਲੰਗ ਕਰਕੇ ਮਹਿਲਾ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ ਦਿਲਾਇਆ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਵਿੱਚ ਸਖੀ ਵਨ ਸਟਾਪ ਸੈਂਟਰ ਦੀ ਇਮਾਰਤ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਾਰਜ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਪਠਾਨਕੋਟ ਵਿਖੇ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜੋ ਜਲਦੀ ਹੀ ਮੁਕੰਮਲ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਲ੍ਹੇ ਅੰਦਰ ਚਲ ਰਹੇ ਸਖੀ ਵਨ ਸਟਾਪ ਸੈਂਟਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾਂ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਤੇ ਹੁੰਦੇ ਅੱਤਿਆਚਾਰ ਸਬੰਧੀ ਸੂਚਿਤ ਕਰ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ ਦਿਲਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ।
जालंधर में स्मार्ट विलेज अभियान फेज -2 के अंतर्गत 1596 कार्य पूरे, पहले पड़ाव में सौ प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त: डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी
जालंधर, 8 जुलाई ( न्यूज़ हंट ) :
डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने गुरूवार को ज़िला प्रशासकीय कंपलैक्स, जालंधर में हुई एक विशेष समीक्षा बैठक दौरान कई विकास प्रोजैक्टों की प्रगति का जायज़ा लिया। स्मार्ट विलेज अभियान फेज -1 और 2 अधीन किए गए कामों का जायज़ा लेते हुए डिप्टी कमिश्नर की तरफ से जिले में चल रहे प्रोजैक्टों की रफ़्तार पर संतोष व्यक्त किया गया।
बैठक दौरान स्मार्ट विलेज अभियान योजना, गाँवों में माडल खेल मैदानों के निर्माण, शहरी वातावरण सुधार प्रोग्राम, बाढ़ रोक कामों, किसान कर्ज़ राहत योजना, एन.एच.ए.आई. अधीन प्राजैक्ट, मुख्य मंत्री एच्छिक फंड, महात्मा गांधी सरबत विकास योजना और मनरेगा सहित कई योजनाओं की समीक्षा की गई।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि पहले पड़ाव के अंतर्गत जिले में लगभग 962 विकास कामों की शुरूआत की गई थी और इन सभी कामों को आधिकारियों की तरफ से 43.12 करोड़ रुपए की लागत के साथ पूरा किया जा चुका है। इसी तरह दूसरे पड़ाव में कुल 2047 विकास कामों को मंज़ूरी दी गई और कार्यकारी एजेंसियों की तरफ से 2045 कार्य शुरू किए गए और 1596 काम सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके है। इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर जसप्रीत सिंह भी मौजूद थे।
उन्होनें बताया कि शहरी वातावरण सुधार प्रोगराम फेज -1 में अलग -अलग एजेंसियों की तरफ से 185 विकास कार्य शुरू किये गए है, जिनमें से अब तक 184 काम पूरे हो चुके है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि फेज -2 में 481 प्राजैक्ट शुरू किये गए है और 250 को पूरा किया जा चुका है। इस पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होनें कार्यकारी एजेंसियों को सभी प्रोजैक्टों को निर्धारित समय में पूरा करने और उनको जारी किए फंड सम्बन्धित प्रयोग सर्टिफिकेट (यू.सी.) जमा करने के लिए कहा।
मनरेगा अधीन सरकारी स्कूलों के प्राजैक्ट की समीक्षा करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत 651 प्राजैक्ट शुरू किए गए है और लगभग 331 प्रोजैक्टों को 4.54 करोड़ की लागत के साथ पूरा किया जा चुका है। इस दौरान उन्होनें आधिकारियों को माडल खेल मैदानों के निर्माण के साथ सम्बन्धित सभी प्रोजैक्टों को जल्दी से जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होनें बताया कि कुल 38 प्रस्तावित खेल मैदानों में से 23 खेल मैदानों को पूरा किया जा चुका है, के साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया कि बाकी के खेल मैदान अगले कुछ दिनों में तैयार हो जाने चाहिए। उन्होनें आधिकारियों को जिले में चल रहे अलग -अलग प्रोजैक्टों की गति को और तेज करने के आदेश दिए, जिससे राज्य सरकार की लोग भलाई योजनाओं का लाभ लोगों को बिना किसी देरी के दिया जा सके।
ज़िला प्रशासन की तरफ से सिविल अस्पताल में एन.आई.सी.यू. के इलावा बच्चों का वार्ड बनाया जायेगा
जालंधर, 8 जुलाई ( न्यूज़ हंट ) :
तीसरी लहर की स्थिति में बच्चों को कोविड -19 के बुरे प्रभावों से बचाने के लिए ज़िला प्रशासन ने शहीद बाबू लाभ सिंह सिविल अस्पताल, जालंधर में एक 10 बैंडों वाले न्योनटल आई.सी.यू. (नवजात बच्चों के लिए आई.सी.यू.) सहित एक पीडियाट्रिक वार्ड (30 बैड) स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिस सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने इस नये वार्ड की ज़रूरतों के बारे में
जानकारी प्राप्त करने के लिए निजी तौर पर अस्पताल का दौरा किया ,जिससे इस सम्बन्धित निर्धारित समय में हैल्थ अथारटी को अवगत करवाया जा सके। तीसरी लहर से प्रभावशाली ढंग के निपटने की तैयारी का जायज़ा लेने के लिए अस्पताल का दौरा करते हुए डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि बच्चों के लिए और ज्यादा बैड आरक्षित करने के इलावा यहाँ एक न्योनटल आई.सी.यू. (एन.आई.सी.यू.) की स्थापना की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि एन.आई.सी.यू. के लिए ज़रुरी बुनियादी ढांचे और उपकरणों की सूची स्थानीय स्वास्थ्य आधिकारियों की तरफ से तैयार की गई है, जिस को स्वास्थ्य विभाग के उच्च आधिकारियों को भेज दिया गया है जिससे इस एन.आई.सी.यू. की स्थापना और बच्चों के लिए बैंडों की सामर्थ्य में विस्तार समय पर किया जा सके।
डिप्टी कमिश्नर ने इस अवसर पर सिविल अस्पताल में 1000 एल.पी.एम. की सामर्थ्य वाले नये पी.एस.ए. आधारित आक्सीजन प्लांट के निर्माण की प्रगति का जायज़ा भी लिया। उन्होंने कहा कि यह प्लांट सिविल अस्पताल की आक्सीजन उत्पादन सामर्थ्य को 700 एल.पी.ऐम. की मौजूदा सामर्थ्य से 1700 एल.पी.एम. तक ले जायेगा। श्री थोरी ने यह भी कहा कि इस नये प्लांट का काम बड़े स्तर पर चल रहा है और 15 जुलाई 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है।
एक अन्य पहल करते हुए सिविल अस्पताल में बैंडों की सामर्थ्य को 25 प्रतिशत बढ़ा कर स्तर -3 आई.सी.यू सुविधा में 70 बैंडों तक किया गया है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ज़िला प्रशासन स्वास्थ्य संकट के इस दौर में ज़िला निवासियों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है।
इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर जसप्रीत सिंह की तरफ से भी सिविल अस्पताल का दौरा करके स्वास्थ्य आधिकारियों की मीटिंग दौरान आगे वाली कोविड लहर के साथ निपटने के लिए उपलब्ध साधनों का जायज़ा लिया गया।
कांग्रेस के दिग्गज नेता और हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह का 87 की उम्र में निधन
अधिकारियों ने यह भी कहा कि दिग्गज नेता को सोमवार को दिल का दौरा पड़ा और उनकी हालत गंभीर थी। वीरभद्र सिंह को आईजीएमसी की क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया। डॉ. जनक राज ने यह भी बताया कि वीरभद्र सिंह को सांस लेने में तकलीफ के बाद बुधवार को कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की निगरानी में वेंटिलेटर पर रखा गया था | वीरभद्र सिंह नौ बार विधायक और पांच बार सांसद रहे। उन्होंने छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
इससे पहले, वीरभद्र को दो महीने में दूसरी बार 11 जून को COVID-19 के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया था । उन्होंने पहले 12 अप्रैल को इस बीमारी के लिए सकारात्मक परीक्षण किया था और उन्हें मोहाली के मैक्स अस्पताल ले जाया गया था।
सिंह पहले संक्रमण से ठीक होने के बाद 30 अप्रैल को चंडीगढ़ अस्पताल से यहां होली लॉज में घर लौटे थे। हालांकि, घर पहुंचने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें हृदय और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के कारण आईजीएमसी में भर्ती कराया गया था। तब से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था।
दिग्गज कांग्रेसी नेता छह बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे- 8 अप्रैल 1983 से 5 मार्च 1990, 3 दिसंबर 1993 से 23 मार्च 1998 और 6 मार्च 2003 से 29 दिसंबर 2007 तक और छठी बार मुख्यमंत्री रहे। 25 दिसंबर 2012 से 26 दिसंबर 2017 तक सिंह मार्च 1998 से मार्च 2003 तक विपक्ष के नेता भी रहे।
दिग्गज कांग्रेसी नेता ने केंद्रीय उप मंत्री, पर्यटन और नागरिक उड्डयन, उद्योग राज्य मंत्री, केंद्रीय इस्पात मंत्री और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री के रूप में भी काम किया।
उत्तर प्रदेश में डेल्टा प्लस संस्करण के पहले दो मामले सामने आए, एक की मौत
नई दिल्ली 8 जुलाई (न्यूज़ हंट ):
उत्तर प्रदेश में सीओवीआईडी -19 के डेल्टा प्लस संस्करण के दो मामलों का पता चला, जिनमें से एक मरीज की जान चली गई, आईएएनएस ने बताया। रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए, अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, अमित मोहन प्रसाद ने कहा, “राज्य में नमूनों की जीनोम अनुक्रमण के दौरान मामलों की पहचान की गई थी। डेल्टा प्लस वायरस के सामने आने से कोविड-19 का उचित व्यवहार बहुत आवश्यक हो जाता है।”
समाचार एजेंसी ने सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि नए डेल्टा संस्करण के ये दो मामले , चिंता के लेबल वाले संस्करण, पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और देवरिया जिलों में पाए गए। दो मामलों में देवरिया निवासी 66 वर्षीय की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि अन्य 23 वर्षीया रेजीडेंट डॉक्टर के पद पर गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में कार्यरत हैं |
“बुजुर्ग मरीज ने 7 मई को संक्रमण का अनुबंध किया और उसकी तबीयत बिगड़ने तक घर पर इलाज किया गया और उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में स्थानांतरित कर दिया गया। 29 मई को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। उसका कोई यात्रा इतिहास नहीं था और सभी 27 संपर्क थे कोविड -19 के लिए नकारात्मक परीक्षण किया, “स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा।
उत्तर प्रदेश से भेजे गए COVID-19 पॉजिटिव नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग में डेल्टा प्लस स्ट्रेन के दो मामले सामने आए। समाचार एजेंसी के अनुसार, अब तक राज्य से विभिन्न प्रयोगशालाओं में जीनोम अनुक्रमण के लिए 1,000 से अधिक नमूने भेजे जा चुके हैं। जून के अंत में, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य अधिकारियों से उन राज्यों से यूपी आने वाले यात्रियों के आरटी-पीसीआर नमूनों की जीनोम अनुक्रमण शुरू करने के लिए कहा था, जिन्होंने डेल्टा प्लस वैरिएंट मामलों की सूचना दी है।
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, केरल, पंजाब, गुजरात, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, जम्मू और कश्मीर, हरियाणा और कर्नाटक सहित राज्यों ने अब तक डेल्टा प्लस प्रकार के मामले दर्ज किए हैं।
ਪੰਜਾਬ 7 ਜੁਲਾਈ 2021 ( ਨਿਊਜ਼ ਹੰਟ )
ਵਿਰਾਸਤੀ ਸ਼ਹਿਰ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਸਰਬਪੱਖੀ ਵਿਕਾਸ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਮੁੱਖ ਸਕੱਤਰ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਵਿਨੀ ਮਹਾਜਨ ਨੇ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗਾਂ ਨੂੰ ਚੱਲ ਰਹੇ ਸਾਰੇ ਵਿਕਾਸ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟਾਂ ਵਿੱਚ ਤੇਜ਼ੀ ਲਿਆਉਣ ਅਤੇ ਇਨਾਂ ਕਾਰਜਾਂ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰਨ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ ਅਤੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੂੰ ਨਿੱਜੀ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਸਾਰੇ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰਗਤੀ ਦੀ ਨਿਗਰਾਨੀ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਹਾ।
