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Monday, March 9, 2026
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मुख्य सचिव ने पीआईडीबी के माध्यम से कार्यान्वयन के अंतर्गत प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा की |

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चंडीगढ़, 18 मई : ( न्यूज़ हंट )

राज्य में शहरी बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, पीआईडीबी के ईसी ने मंगलवार को शहरी पर्यावरण सुधार कार्यक्रम (यूईआईपी) के चरण -3 सहित कई प्रमुख विकास परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। और रंजीत सागर बांध झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना।

पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (पीआईडीबी) की 156वीं कार्यकारी समिति (ईसी) की बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव सुश्री विनी महाजन ने यहां की।

मुख्य सचिव ने विवरण साझा करते हुए कहा कि 500 ​​करोड़ रुपये के यूईआईपी के तीसरे चरण की मंजूरी के बाद इस योजना के तहत कुल परिव्यय 1,915.71 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

यूईआईपी योजना का उद्देश्य राज्य के सभी 167 शहरी स्थानीय निकायों में बुनियादी ढांचे में सुधार करना था।

समिति ने अन्य शहरी विकास कार्यों के लिए पीआईडीबी द्वारा 250 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्त पोषण के साथ एक विशेष घटक कार्यक्रम को भी अपनी मंजूरी दी, मुख्य सचिव की घोषणा की।

पठानकोट जिले में रंजीत सागर बांध झील के विकास के संबंध में लंबे समय से लंबित परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए, सुश्री महाजन ने कहा कि झील को 450 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मोड पर एक अंतरराष्ट्रीय मानक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की योजना स्थानीय आबादी के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से रोजगार पैदा करने के विचार के साथ बनाई गई थी। चुनाव आयोग ने PIDB को आने वाले दिनों में इस परियोजना की बोली प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।

राज्य में सड़क संपर्क को बढ़ाने के लिए, जालंधर में टांडा रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) और लांबा पिंड-जंडू सिंघा रोड को फोर-लेन करने सहित 53.23 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन सड़क परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।

पीआईडीबी ईसी ने पटियाला के माल रोड में पुराने पीडब्ल्यूडी भवन को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी और पीआईडीबी को इस परियोजना पर जल्द से जल्द प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।

ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਵੱਲੋਂ ਵਰਚੂਅਲ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੌਰਾਨ ‘ਪੇਂਡੂ ਕੋਵਿਡ ਫਤਿਹ ਪੋ੍ਰਗਰਾਮ’ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਲਈ ਸਰਪੰਚਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਸੱਦਾ |

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ਪਠਾਨਕੋਟ: 18 ਮਈ 2021: ( ਨਿਊਜ਼ ਹੰਟ )- ਕੋਵਿਡ-19 ਮਹਾਂਮਾਰੀ ਦੇ ਪੇਂਡੂ ਖੇਤਰਾਂ ’ਚ ਵੱਧ ਰਹੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਨੂੰ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਲੈਂਦਿਆਂ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ‘ਪੇਂਡੂ ਕੋਵਿਡ ਫਤਿਹ ਪੋ੍ਰਗਰਾਮ’ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਢੰਗ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਲਈ ਅੱਜ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਵੱਲੋਂ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਸਰਪੰਚਾਂ ਤੇ ਹੋਰ ਨੁਮਾਇੰਦਿਆਂ ਨਾਲ ਵਰਚੂਅਲ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਆਯੋਜਿਤ ਕਰਕੇ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਰਾਜ ਦੇ ਸਮੂਹ ਸਰਪੰਚਾਂ ਨੂੰ ਕਰੋਨਾ ਦੀ ਜੰਗ ’ਚ ਮੋਹਰੀ ਹੋ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਨ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ, ਤਾਂ ਜੋ ਕਰੋਨਾ ਦੀ ਇਸ ਨਾਮੁਰਾਦ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਮੁਕੰਮਲ ਤੌਰ ਤੇ ਖਾਤਮਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ।
ਵਰਚੂਅਲ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੌਰਾਨ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੋਵਿਡ ਪਾਜ਼ਟਿਵ ਲੋੜਵੰਦ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਭੋਜਣ ਕਿੱਟਾਂ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਰਾਜ ਸਰਕਾਰ ਵਚਨਬੱਧ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੋਵਿਡ ਪਾਜ਼ਟਿਵ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਦਵਾਈਆਂ ਆਕਸ਼ੀਜਨ, ਵੈਕਸੀਨ ਅਤੇ ਹੋਰ ਲੋੜੀਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ, ਤਾਂ ਜੋ ਕਰੋਨਾ ਨਾਲ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਮੌਤ ਦਰ ਨੂੰ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕੇ  ਅਤੇ ਕਰੋਨਾ ਮਹਾਂਮਾਰੀ ਦਾ ਮੁਕੰਮਲ ਸਫਾਇਆ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ।
ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਮੰਤਰੀ ਸ੍ਰੀ ਤ੍ਰਿਪਤ ਰਾਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬਾਜਵਾ ਨੇ ਸਰਪੰਚਾਂ ਨੂੰ ਪਿੰਡ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਠੀਕਰੀ ਪਹਿਰਾ ਲਾਉਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਲਕੀ ਖਾਂਸੀ, ਬੁਖਾਰ, ਜੁਖਾਮ ਹੋਣ ’ਤੇ ਤੁਰੰਤ ਕੋਵਿਡ ਟੈਸਟ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਜੋ ਮੁੱਢਲੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਹੀ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਪਤਾ ਲੱਗ ਸਕੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਰੇਕ ਸਰਪੰਚ, ਪੰਚਾਇਤ ਦੀ ਜਿੰਮੇਵਾਰੀ ਬਣਦੀ ਹੈ ਕਿ ਕੋਵਿਡ ਬਿਮਾਰੀ ਨੂੰ ਫੈਲਣ ਤੋਂ ਰੋਕਣ ਲਈ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਜਾਰੀ ਸਾਵਧਾਨੀਆਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕਰਨੀ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਈ ਜਾਵੇ।
ਸਿਹਤ ਮੰਤਰੀ ਸ੍ਰੀ ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਮਾਹਿਰ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਹੀ ਦਵਾਈ ਲੈਣ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਆਪ ਲਈਆਂ ਦਵਾਈਆਂ ਨੁਕਸਾਨ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਇਹ ਲੜਾਈ ਜਿੱਤੀ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕਦੀ। ਜਿਕਰਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਜਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵਰਚੂਅਲ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਕਰੀਬ 60 ਵੱਖ ਵੱਖ ਸਥਾਨਾਂ ਤੇ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਸਬੰਧਤ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਸਰਪੰਚਾਂ ਨੇ ਪਹੁੰਚ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗੀ ਅਧਿਕਾਰੀ ਵੀ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।

रैड्ड क्रास सोसायटी में लगाया खूनदान कैंप, 16 यूनिट ख़ून किया एकत्रित डिप्टी कमिश्नर ने युवाओं को कीमती जानें बचाने के लिए आगे आने की की अपील |

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जालंधर, 18 मई- ( न्यूज़ हंट )

गंभीर बीमारियों से पीडित मरीज़ों की सहायता के लिए लगाए जा रहे खूनदान कैंपों की लड़ी के अंतर्गत मंगलवार को रैड्ड क्रास सोसायटी में एक और खूनदान कैंप लगाया गया, जिसमें लगभग 16 यूनिट ख़ून एकत्रित किया गया।

                रेड्ड क्रास सोसायटी के सचिव इन्द्रदेव सिंह ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी के दिशा -निर्देशों पर पिछले दो हफ़्तों से खूनदान कैंप लगाए जा रहे हैं और आज का यह कैंप याराना क्लब के सहयोग के साथ लगाया गया है, जिसमें क्लब से जुड़े युवाओं की तरफ से ख़ून दान किया गया।

                श्री सिंह ने कहा कि इस प्रयत्न का उद्देश्य कोविड -19 महामारी के दौर में अस्पतालों में ख़ून की उपयुक्त उपलब्धता को सुनिश्चित करना है, जिससे मरीज़ों विशेषकर गंभीर बीमारी से पीडित रोगियों को ख़ून के लिए किसी प्रकार की मुश्किल का सामना न करना पड़े।

                इस सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि कैंसर, थैलेसीमिया से पीडित रोगी को और कुछ प्रसूती के मामलों में इलाज दौरान ख़ून की ज़रूरत पड़ती है, इस लिए इस महामारी दौरान इस प्रकार के मरीज़ों की सहायता के लिए छोटे खूनदान कैंप लगाने की ज़रूरत थी। उन्होनें लोगों विशेषकर युवाओं को इंसानियत के मरीज़ों की मदद के लिए ख़ून दान करने के लिए आगे आने की अपील की।

पंजाब सरकार के प्रयत्नों से ‘आक्सीजन ऐक्सप्रैस ’ तरल मैडीकल आक्सीजन ले कर फिल्लौर पहुँची तरल मैडीकल आक्सीजन की यह खेप कोविड विरुद्ध लड़ाई में निभाएगी निर्णायक भूमिका – एम.पी. और डिप्टी कमिश्नर

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फिल्लौर (जालंधर), 17 मई- ( न्यूज़ हंट )

पंजाब सरकार की तरफ से जरूरतमंद लोगों के लिए तरल मैडीकल आक्सीजन गैस को निर्विघ्न और उचित ढंग से सुनिश्चित करने के लिए किये जा रहे प्रयत्नों को तब सफलता मिली, जब 40 मीट्रिक टन आक्सीजन से भरी ‘ आक्सीजन एक्प्रैस ’ रेल गाड़ी का लोक सभा मैंबर चौधरी संतोख सिंह और डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री घनश्याम थोरी ने फिल्लौर पहुँचने पर स्वागत किया।

                             आज के दिन को अहम बताते हुए मैंबर पार्लियामैंट और डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की तरफ से 40 मीट्रिक टन गैस का प्रंबध लोगों की कीमती जानों बचाने के लिए किया गया है। उन्होनें बताया कि इसमें से 20 मीट्रिक टन आक्सीजन जालंधर ज़िले के लिए है जबकि बाकी रहता स्टाक अमृतसर, पठानकोट, और होशियारपुर जिलें में बाँटा जायेगा। उन्होनें कहा कि कोरोना वायरस के नये रूप का मुकाबला करने के लिए आक्सीजन प्राथमिक हथियारों में से एक है और इसकी नियमित तौर पर निर्विघ्न स्पलाई को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से कोई कमी बाकी नहीं छोड़ी जायेगी। दोनों ने कहा कि पंजाब सरकार के अथक प्रयत्नों से बोकारो से 40 मीट्रिक टन की पहली ‘ आक्सीजन ऐक्सप्रैस ’ रवाना हो सकी ,जहाँ पंजाब का 80 मीट्रिक टन कोटा है। उन्होनें बताया कि इसमें से 40 मीट्रिक टन आक्सीजन जालंधर को अलाट की गई है।

                             लोग सभा मैंबर और डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि महामारी कारण बढ रहे मामलों कारण आक्सीजन की कमी आई, इससे पहले पंजाब सरकार की तरफ से हवाई और सड़क रास्ते के द्वारा वाहनों को इन प्लांटों में गैस भरने के लिए भेजा जा रहा था .जिनको वापिस आने में 5 से 6 दिन का समय लग जाता था। उन्होनें बताया कि लोगों के हित को देखते हुए पंजाब सरकार की तरफ से भारतीय रेलवे का सहयोग लेते हुए ‘आक्सीजन ऐक्सप्रैस ’ शुरू की गई ,जिस को दप्पर (एस.ए.एस.नगर) से बोकारो के लिए रवाना किया गया। दोनों ने बताया कि मारकफ़ैड को इस स्पलाई के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया और इसकी तरफ से रेलवे के सहयोग के साथ आक्सीजन ऐक्सप्रैस को चलाया गया।

                   मैंबर पार्लियामेंट और डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि यहाँ से अब आक्सीजन के टैंकरों को वाहनों में ट्रांसफर किया जायेगा और फिर इस के बाद टैंकर खाली होने और आगामी स्पलाई के लिए जालंधर के आक्सीजन प्लांटों में भेजा जाएंगा। उन्होनें कहा कि खाली होने उपरांत टैंकरों को दोबारा भरने के लिए वापिस आक्सीजन ऐक्सप्रैस पर भरा जायेगा, दोनों ने बताया कि टैंकरों को जल्दी खाली करने और दोबारा वापिस रेल गाड़ी में भरने करने के लिए पहले ही पुख्ता प्रबंधों को पूरा करते हुए प्रक्रिया को तेज़ किया गया है।

                             इस अवसर पर उप मंडल मैजिस्ट्रेट वनीत कुमार और अन्य भी उपस्थित थे।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा कर दे सकते हैं कोरोना को मात: अजय सूद। सब्जी मंडी होशियारपुर में सब्जी विक्रेताओं को पिलाया आर्युवैदिक काढ़ा।

होशियारपुर, 18 मई- ( न्यूज़ हंट )

कोरोना महामारी से बचाव में आर्युवैदिक पध्दति बहुत कारगर साबित हो रही है। इस पधदति की रोजाना पालना कर हम कोरोना पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। उपरोक्त शब्द डा़ हेडगेवार स्मारक समिति के अध्यक्ष अजय सूद ने सब्जी मंडी होशियारपुर में जन जागरण अभियान के तहत लोगों को आयु्रवैदिक काढ़ा पिलाने के अवसर पर कहे।
अजय सूद ने कहा कि देखने में आया है कि आंतरिक शारीरिक क्षमता अगर कम हो, तो महामारी की चपेट में आने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। इस लिए हमें महामारी को अन्दर से मात देने के लिए आर्युवैदिक काढ़ों का सेवन करना चाहिए।
इस मौके पर डा़ हेडगेवार स्मारक समिति के सदस्यों दवारा सब्जी मंडी में सब्जी विक्रेताओं को मास्क वितरण किए गए व आर्युवैदिक काढ़े भी पिलाए गए।

संयम व जागरूकता से करें महामारी का मुकाबला: नीति तलवाड़। माता चिंतापूर्णी चौंक में कैंप लगा कर लोगों को बांटे मास्क।

होशियारपुर 18 मई: ( न्यूज़ हंट )

इंसानी जीवन बेहद कीमती है। अपनी गलतियों से इस जीवन का अंत कर लेना किसी भी मायने में ठीक नही हैं। उपरोक्त शब्द भाजपा महिला मोर्चा पंजाब की प्रदेश उपाध्यक्ष नीति तलवाड़ ने आज माता चिंतापूर्णी चौंक, होशियारपुर में लोगों को कोरोना से बचाव करने हेतु जागरूक करने के लिए लगाए गए कैंप के अवसर पर कहे।
नीति तलवाड़ ने कहा कि बहुत से लोग आज भी कोरोना महामारी को हलके में ले रहे हैं और ऐसे लोगों के कारण ही यह महामारी दिन प्रतिदिन विकराल रूप धारण कर रही है। उन्होने कहा कि जब कि महामारी के विकराल रूप लेने के उपरांत भी थोड़े से संयम व जागरूकता से इस पर काबू पाया जा सकता है।
नीति तलवाड़ ने कहा कि लोगों को एक बात समझ लेनी चाहिए कि अगर एक गुब्बारे में भी जरूरत  से ज्यादा हवा भर दी जाए, तो वो भी फूट जाता है, तो दिन प्रतिदिन बढ़ रहे मरीजों की सँख्या से हमारा सेहत तंत्र भी ध्वस्त हो जाएगा। उन्होने कहा कि पर इन सब बातों से बचा जा सकता है अगर हम सरकार दवारा जारी किए गए दिश निर्देशों व नियमों की पालना सख्ती से करें।
इस मौके पर नीति तलवाड़ व उन के सहयोगियों ने एक पत्रक के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचाव संबंधी जानकारी दी व उन्हे मास्क भी वितरित किए। इस अवसर पर  रजनी तलवाड़, मीनू बाला, अमिता, रूबी झा,बिंदर पाल, प्रवीण सैनी भी उपस्थित थे।

ਕਬੀਰ ਭਵਨ ਸੁਜਾਨਪੁਰ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਮਨਵਾਲ ਵਿਖੇ ਕੋਵਿਡ ਵੈਕਸੀਨ ਕੈਂਪ ਲਗਾ ਕੇ ਉਸਾਰੀ ਕਿਰਤੀਆਂ ਦਾ ਕੀਤਾ ਟੀਕਾਕਰਨ |

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ਪਠਾਨਕੋਟ: 18 ਮਈ 2021:– ( ਨਿਊਜ਼ ਹੰਟ ) ਇਸ ਸਮੇਂ ਅਸੀਂ ਕੋਵਿਡ-19 ਦੀ ਦੂਸਰੀ ਲਹਿਰ ਵਿੱਚੋਂ ਗੁਜਰ ਰਹੇ ਹਾਂ ਅਤੇ ਕਰੋਨਾ ਦੇ ਹੋ ਰਹੇ ਪ੍ਰਸਾਰ ਦੇ ਚਲਦਿਆਂ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਵੱਖ ਵੱਖ ਸਥਾਨਾਂ ਤੇ ਕੈਂਪ ਲਗਾ ਕੇ ਰਜਿਸਟ੍ਰਰਡ ਉਸਾਰੀ ਕਿਰਤੀਆਂ  ਲਈ ਕਰੋਨਾ ਤੋਂ ਬਚਾਓ ਲਈ ਕੋਵਿਡ ਵੈਕਸੀਨੇਸ਼ਨ ਲਗਾਉਂਣ ਲਈ ਕੈਂਪ ਲਗਾ ਕੇ ਕਰੋਨਾ ਤੋਂ ਬਚਾਓ ਲਈ ਟੀਕਾਕਰਨ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਹ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਸ੍ਰੀ ਮਨੋਜ ਸਰਮਾ ਲੇਬਰ ਇੰਨਫੋਰਸਮੈਂਟ ਅਫਸ਼ਰ ਪਠਾਨਕੋਟ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਜਿਕਰਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਮੰਗਲਵਾਰ ਨੂੰ ਕਬੀਰ ਭਵਨ ਸੁਜਾਨਪੁਰ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਮਨਵਾਲ ਵਿਖੇ ਕੈਂਪ ਲਗਾ ਕੇ ਕਰੀਬ 300 ਉਸਾਰੀ ਕਿਰਤੀਆਂ ਨੂੰ ਕੋਵਿਡ ਤੋਂ ਬਚਾਓ ਲਈ ਟੀਕਾਕਰਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਉਸਾਰੀ ਕਿਰਤੀਆਂ ਲਈ 19 ਮਈ ਨੂੰ ਪਿੰਡ ਘੋਹ ਵਿਖੇ ਕੋਵਿਡ ਟੀਕਾਕਰਨ ਕੈਂਪ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਰਜਿਸਟ੍ਰਰਡ ਉਸਾਰੀ ਕਿਰਤੀ ਕਰੋਨਾ ਤੋਂ ਬਚਾਓ ਲਈ ਟੀਕਾ ਲਗਵਾ ਸਕਦੇ ਹਨ।  ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਰਜਿਸਟ੍ਰਰਡ ਉਸਾਰੀ ਕਿਰਤੀ ਲਈ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ 2.91 ਲੱਖ ਰਜਿਸਟਰਡ ਨਿਰਮਾਣ ਮਜਦੂਰਾਂ ਨੂੰ 3000 ਰੁਪਏ ਭੱਤਾ ਦੇਣ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਜਿਸ ਅਧੀਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਜੋ ਰਜਿਸਟ੍ਰਰਡ ਮਜਦੂਰਾਂ ਨੂੰ 3 ਹਜਾਰ ਰੁਪਏ ਦਾ ਜੋ ਭੱਤਾ ਦੇਣ ਦਾ ਫੈਂਸਲਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਇਹ ਦੋ ਕਿਸਤਾਂ ਵਿੱਚ ਯਾਨੀ 1500-1500 ਰੁਪਏ ਕਰਕੇ ਦਿੱਤਾ ਜਾਣਾ ਹੈ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਵਿੱਚ ਲੇਬਰ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਰਜਿਸਟ੍ਰਰਡ ਨਿਰਮਾਣ ਮਜਦੂਰਾਂ ਦੀ ਸੰਖਿਆ ਕਰੀਬ 10 ਹਜਾਰ ਹੈ ਅਤੇ ਪਹਿਲੀ ਕਿਸਤ ਜਲਦੀ ਹੀ ਰਜਿਸਟ੍ਰਰਡ ਕਾਮਿਆਂ ਦੇ ਖਾਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਉਸਾਰੀ ਕਿਰਤੀਆਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਜਲਦੀ ਤੋਂ ਜਲਦੀ ਕਰੋਨਾਂ ਤੋਂ ਬਚਾਓ ਲਈ ਵੈਕਸੀਨ ਲਗਵਾਉਣ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਵਿੱਚ ਡਰਨ ਦੀ ਕੋਈ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਹ ਟੀਕਾਕਰਨ ਆਪ ਦੀ ਜਿੰਦਗੀ ਨੂੰ ਸੁਰੱਖਿਆ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਰੇਕ ਉਸਾਰੀ ਕਿਰਤੀ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਹੈ ਕਿ ਅਪਣੀ ਤੇ ਅਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਲਈ ਅੱਗੇ ਆੳ ਅਤੇ ਵੈਕਸੀਨ ਕਰਵਾਓ।

गुजरात के तट से टकराया तौक्ते चक्रवात |185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से गुजरात से टकराया तूफान |

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चक्रवाती तूफ़ान तौक्ते सोमवार आधी रात को गुजरात के तट से टकराया. इस दौरान हवा की रफ़्तार 185 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज़्यादा रही |

हालाँकि गुजरात के तट से टकराने के बाद तूफ़ान की तीव्रता थोड़ी कम हो गई हैं. लेकिन अब भी यह बहुत गंभीर है |

मौसम विभाग ने बताया है कि अब तक तूफ़ान की वजह से राज्य में किसी की मौत या घायल होने की ख़बर नहीं है

बिजली के तारों के गिरने, इमारतों को नुक़सान पहुँचने और पेड़ों की ख़बरें आई हैं |

इसराइल और फ़लस्तीनियों की लड़ाई |

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इसराइल और फ़लस्तीनी लड़ाकों के बीच एक बार फिर संघर्ष शुरू हो गया है. जिस स्तर की गोलाबारी इस बार देखी जा रही है, वो पिछले कई सालों में नहीं हुई थी.

फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने ग़ज़ा पट्टी से इसराइल के इलाक़े में कई सौ रॉकेट दागे हैं और इसराइल ने इसका जवाब बर्बाद कर देने वाले अपने हवाई हमलों से दिया है.

फ़लस्तीन की ओर से दागे जाने वाले रॉकेटों का निशाना तेल अवीव, मोडिन, बीरशेबा जैसे इसराइली शहर हैं. इसराइल की मिसाइल प्रतिरक्षा प्रणाली आयरन डोम फ़लस्तीनी पक्ष के हमलों का जवाब दे रही है. लेकिन ख़तरे के सायरनों का बजना अभी रुका नहीं है.

इसराइल ने ग़ज़ा के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं. दोनों पक्षों की ओर जान और माल का नुक़सान हुआ है. दर्जनों फ़लस्तीनी मारे गए हैं जबकि दूसरी तरफ़ कम से कम छह इसराइली लोगों की जान गई है.

यरूशलम में इसराइल की पुलिस और फ़लस्तीनी प्रदर्शनकारियों के बीच हफ़्तों से चले आ रहे तनाव के बाद ये सशस्त्र संघर्ष शुरू हुआ है. यरूशलम वो जगह है, जो दुनिया भर के यहूदियों और मुसलमानों के लिए पवित्र माना जाता है.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों ही पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है. मध्य पूर्व में संयुक्त राष्ट्र के शांति दूत टोर वेन्नेसलैंड ने कहा है कि वहाँ बड़े पैमाने पर लड़ाई छिड़ने का ख़तरा है.

लेकिन इसराइल और फ़लस्तीनी लोगों का संघर्ष सालों पुराना है और इसे उसी नज़रिए से देखा जाना चाहिए. इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के बीच का विवाद इतना जटिल क्यों है और इसे लेकर दुनिया बँटी हुई क्यों है, इसे समझने के लिए आगे हमने आठ सवालों के जवाब खोजने की कोशिश की है.

पंजाब के किसानों का डिजिटल सशक्तिकरण: डिजिलॉकर में जे-फॉर्म को वैध दस्तावेज माना जाएगा |

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चंडीगढ़, 16 मई: ( न्यूज़ हंट )

ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के अलावा एक और किसान हितैषी पहल के तहत पंजाब किसानों के लिए डिजी-लॉकर सुविधा शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अब, किसानों के पास राज्य में अपने जे-फॉर्म की डिजिटल प्रतियां प्रिंट या डाउनलोड करने का विकल्प है, क्योंकि पंजाब मंडी बोर्ड ने इस गेहूं खरीद -2021 सीजन से जे-फॉर्म का इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप उपलब्ध कराया है।

इस बात का खुलासा करते हुए आज यहां पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष लाल सिंह ने कहा कि इस कदम से किसानों को उनकी कृषि उपज की वास्तविक डिजिटल बिक्री रसीद तक ​​वास्तविक समय में पहुंच सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल प्रयास से वर्तमान रबी विपणन सत्र के दौरान लगभग 10 लाख जे-फॉर्म धारक किसानों ने मंडी बोर्ड में पंजीकरण कराया है।

आगे बताते हुए लाल सिंह ने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम के लागू होने से यदि कोई किसान पंजीकरण फॉर्म घर पर भूल जाता है या दस्तावेज गुम हो जाता है या किसान मुद्रित प्रति की डिलीवरी की प्रतीक्षा कर रहा है, तो उन्हें बस ऐप डाउनलोड करना होगा डिजिलॉकर और उनके वर्चुअल जे-फॉर्म को सेव करें। लाल सिंह ने कहा, “इस प्रकार सहेजा गया फॉर्म बिल्कुल वैध है और चेकिंग के समय दिखाया जा सकता है”, लाल सिंह ने कहा कि जिस क्षण आवेदक के जे-फॉर्म को आर्थिया द्वारा अनुमोदित किया जाता है, उसे फोन पर एक संदेश मिलता है जिसे डाउनलोड किया जा सकता है ऐप में।

अध्यक्ष ने आगे बताया कि डिजी लॉकर में डिजिटल जे-फॉर्म का उपयोग वित्तीय संस्थानों से वित्त जुटाने के लिए किया जा सकता है; दूर से ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है, आईटी छूट, सब्सिडी के दावे, किसान बीमा आदि।

इस डिजिटल प्रयास के बारे में अधिक जानकारी देते हुए, सचिव पंजाब मंडी बोर्ड रवि भगत ने कहा कि अब मौके पर निरीक्षण के दौरान किसान सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए कोई भी दस्तावेज मांगे जाने पर डिजिलॉकर के माध्यम से जे-फॉर्म का उत्पादन किया जा सकता है। यह किसानों को प्लास्टिक कार्ड या भौतिक प्रतियां नहीं ले जाने में सक्षम करेगा, सचिव ने कहा।

भगत ने आगे कहा कि मंडी बोर्ड की ओर से पंजाब की मार्केट कमेटियों के सभी सचिवों को इस संबंध में विभिन्न विभागों के चेकिंग स्टाफ को संवेदनशील बनाने के लिए पहले ही एक पत्र जारी किया जा चुका है। सचिव ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि स्मार्टफोन पर “वर्चुअल” जे-फॉर्म को मौके पर सत्यापन पर प्रमाणित किया जाएगा।

रवि भगत ने आगे निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता को जागरूक करने के लिए ‘वर्चुअल’ जे-फॉर्म की अनुमति देने की जानकारी राज्य में मार्केट कमेटी कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल पंजाब अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने के अलावा, यह तंत्र भ्रष्टाचार को भी खत्म करेगा और लोगों को जे-फॉर्म की हार्ड कॉपी उपलब्ध न होने की स्थिति में भारी जुर्माने से बचने में मदद करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब मंडी बोर्ड ने डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (डीआईसी) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) की एक प्रमुख पहल डिजी-लॉकर जैसी सरकार की विभिन्न पहलों को हमेशा समर्थन और बढ़ावा दिया है।

डिजिलॉकर डिजिटल इंडिया के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है, भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रम का उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलना है। डिजिलॉकर नागरिकों को सार्वजनिक क्लाउड पर साझा करने योग्य निजी स्थान प्रदान करने और इस क्लाउड पर सभी दस्तावेज/प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण क्षेत्रों में शामिल है।