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Saturday, April 18, 2026
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रेलवे ने दिया बड़ा झटका, अब 5,000 यात्रियों को रद्द कराने पड़ेंगे टिकट, जानिए वजह

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नई दिल्ली. भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने कोहरे के कारण सहारनपुर से होकर गुजरने वाली 16 ट्रेनें रद्द की हैं। ये ट्रेनें एक दिसंबर से 28 फरवरी 2023 तक नहीं चलेंगी। इसके चलते करीब पांच हजार से अधिक यात्रियों को टिकट निरस्त कराने पड़ेंगे। अब इन यात्रियों को दूसरी ट्रेनों में भी विकल्प नहीं मिल रहा है।
रेलवे दिसंबर, जनवरी और फरवरी में कोहरे की संभावना के चलते ट्रेनों को रद्द कर देता है। इस बार भी सहारनपुर से होकर जाने वाली जनसेवा, शहीद और जलियांवाला बाग सहित 16 ट्रेनों को तीन महीने के लिए रद्द कर दिया है। इन ट्रेनों के निरस्त होने से यात्री परेशान हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कोहरे की आशंका के चलते कुछ ट्रेनों को निरस्त किया जाता है, जिससे बाकी ट्रेनों का संचालित प्रभावित न हो। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पांच हजार लोग टिकट निरस्त कराने पड़ेंगे। इनमें 80 फीसदी ऑनलाइन और 20 फीसदी आरक्षण केंद्र से निरस्त कराने वाले शामिल हैं।
फरवरी तक निरस्त रहने वाली ट्रेनें

  • बनमनखी-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस
  • अमृतसर-बनमनखी जनसेवा एक्सप्रेस
  • बरौनी-अंबाला कैंट एक्सप्रेस
  • अंबाला कैंट-बरौनी एक्सप्रेस
  • अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस
  • जयनगर-अमृतसर शहीद एक्सप्रेस
  • डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस
  • चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस
  • टाटानगर-अमृतसर जलियांवाला बाग एक्सप्रेस
  • अमृतसर-टाटानगर जलियांवाला बाग एक्सप्रेस
  • हरिद्वार-मुंबई लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस
  • मुंबई से हरिद्वार लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस
  • कोलकाता-अमृतसर अकालतख्त एक्सप्रेस
  • अमृतसर-कोलकाता अकालतख्त एक्सप्रेस
  • कोलकाता-अमृतसर दुर्गियाना एक्सप्रेस
  • अमृतसर-कोलकाता दुर्गियाना एक्सप्रेस

अब FASTag सीधा आपके घर पहुंच जायेगा, Online करें बुक और हो जाएं टेंशन मुक्त

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FasTag Booking Process : फास्टैग की बदौलत आप टोल प्लाजा पर बिना वक्त बर्बाद किए पेमेंट कर सकते हैं इसके लिए आपको अपने वाहन से बाहर निकलने की भी जरूरत नहीं पड़ती है यह खुद ब खुद आपके अकाउंट से पैसे डिडक्ट कर लेता है और इसमें पलक झपक ने जितना समय लगता है। प्लाजा पर लगने वाले समय को फास्ट टाइप की बदौलत काफी कम कर दिया गया है हालांकि अभी भी काफी सारे लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपने वाहन पर फास्टैग नहीं लगवाया। अगर आपको लग रहा है कि इसे खरीदने का प्रोसेस काफी जटिल है तो ऐसा नहीं है आप इसे सीधा अपने घर मंगवा सकते हैं तो चलिए क्या है से ऑनलाइन घर मंगवाने का प्रोसेस…
Paytm के इस्तेमाल से घर मंगवा सकते हैं वाहन मालिक
अगर आप एक वाहन मालिक हैं और पेटीएम का इस्तेमाल करते हैं तो फास्टैग को सीधा अपने घर मंगवा सकते हैं। इसके लिए आपको बेहद आसान से स्टेप्स फॉलो करने पड़ते हैं और उन्हीं की बदौलत आप फास्ट टैग को अपने घर पर डिलीवर करवा सकते हैं। आज इस खबर में हम आपको उन्हीं स्टेप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें फॉलो करने के बाद फास्ट टैग सीधा आपके घर पर डिलीवर कर दिया जाएगा और आप इसे लगाकर किसी भी टोल प्लाजा को पार कर सकते हैं।
ये है बुकिंग प्रोसेस
FasTag बुक करने के लिए सबसे पहले यूजर्स को Paytm ऐप ओपन कर लेना चाहिए।
अब आपको टिकट बुकिंग वाले सेक्शन में जाना चाहिए।
यहां पर आपको काफी सारे ऑप्शंस मिल जाते हैं।
आपको यहां पर बाय फास्टैग ऑप्शन को चुन लेना चाहिए।
अब आपको अपने वाहन की डीटेल्स डालनी होती हैं।
जैसे ही आप डीटेल्स भरते हैं आपको पेमेंट का ऑप्शन दिखता है।
आपको पेमेंट के नीचे ऐड्रेस भरने का भी ऑप्शन मिलता है।
ऐड्रेस भरने और पेमेंट करने के बाद ये फास्टैग आपके घर डिलीवर हो जाएगा।

Malaika Arora Pregnancy News: मलाइका अरोड़ा प्रेग्नेंट है ? अर्जुन कपूर ने बताई सचाई

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Malaika Arora Pregnancy News: मलाइका अरोड़ा की प्रेग्नेंसी की खबर का अर्जुन कपूर ने आधिकारिक तौर पर खंडन कर दिया है। इसके पहले ये खबर आई थी कि मलाइका अरोड़ा और अर्जुन कपूर जल्द माता-पिता बन सकते हैं। पिंकविला के अनुसार मलाइका अरोड़ा और अर्जुन कपूर जब लंदन में अक्टूबर में घूमने गए थे, तब उन्होंने इस बात की जानकारी अपने दोस्तों को दी। मलाइका अरोड़ा इस बीच अपने आगामी शो को लेकर बिजी है। वह मूव इन विथ मलाइका नामक शो को भी प्रमोट कर रही है जो कि ओटीटी प्लेटफार्म पर जल्द रिलीज होगा। वहीं वह आयुष्मान खुराना की फिल्म में डांस नंबर भी करती नजर आएंगी।
तलाक लेने के बाद मलाइका अरोड़ा अर्जुन कपूर के साथ रिश्ते में है। दोनों ने हालांकि अभी तक शादी नहीं की है। इसके पहले पिछले कुछ दिनों से खबर आ रही है कि अर्जुन कपूर और मलाइका अरोड़ा जल्द शादी कर सकते हैं।
अभिनेता ने इस अवसर पर पब्लिकेशन हाउस पर भी निशाना साधा है। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा है, ‘इससे नीचे और नहीं गिर सकती आप और आपने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि आप कैसुअल हो। यह इंसेंसिटिव होने के साथ अनएथिकल कूड़ा समाचार है। यह रिपोर्टर लगातार इस प्रकार की खबरें लिखकर बच निकलती है और लगातार छपने के कारण इन खबरों को सच मान लिया जाता है। यह ठीक नहीं है। हमारी व्यक्तिगत भावनाओं के साथ खेलना बंद करों।’ इस मलाइका अरोड़ा के दोस्तों और उनके फैंस में इस खबर को लेकर काफी उत्साह था। मलाइका अरोड़ा की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर काफी पसंद की जाती है। वह सोशल मीडिया पर भी काफी फेमस है।

News Hunt Daily Evening E-Paper

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30 November 2022

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अब से 4 महीने बाद लगेगा हाईब्रिड सूर्य ग्रहण, जानें इसके बारे में सब कुछ

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Hybrid Solar Eclipse 2023 : साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण अब से तकरीबरन 4 महीने बाद लगने जा रहा है। इसकी खारियत यह है कि एक ही दिन 3 तरह के सूर्य ग्रहण लगेंगे, यानी आंशिक, पूर्ण और कुंडलाकार सूर्य ग्रहण। खगोलविद् और ज्योतिष शास्त्र के जानकार इस सूर्य ग्रहण को हाइब्रिड सूर्य ग्रहण का नाम दे रहे हैं। यानी ऐसी दुर्लभ खगोलीय घटना 100 सालों में कम ही बार आती है। इस ऐसी खगोलीय घटना की तया संख्या का पता लगाना वैज्ञानिकों के लिए भी मुश्किल होता है। आइए जानते हैं इस सूर्य ग्रहण के बारे में कुछ जरूरी तथ्य।
2023 में कब लगेगा हाइब्रिड सूर्य ग्रहण
ज्योतिष शास्त्र और पंचांग के तथ्यों के मुताबिक 20 अप्रैल को हाईब्रिड सूर्य ग्रहण लेगगा। इस ग्रहण को दक्षिणी गोलार्ध में देखा जा सकेगा। ऐसे में यह सूर्य ग्रहण सबको दिखाई नहीं देगा। सिर्फ एक मिनट के लिए पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के एक्समाउथ महाद्वीप पर देखा जा सकेगा। वहीं इस सूर्य ग्रहण को तिमोर लेस्टे में 1 मिनट 15 सेकेण्ड और वेस्ट पापुआ में 1 मिनट 10 सेकेंड तक दिखाई देगा। वह भी सूर्य ग्रहण के ठीक पहले और उसके ठीक बाद।
कब-कब होता है हाईब्रिड सूर्य ग्रहण
हाईब्रिड सूर्य ग्रहण आमतौर पर हर 2 से 5 साल पर लगता है जबकि 21वीं सदी में सिर्फ 3.1 प्रतिशत सूर्य ग्रहण ही हाईब्रिड माने गए हैं। इस प्रकार कुल 224 में सिर्फ 7 सूर्य ग्रहण ही हाईब्रिड थे। बता दें कि इससे पहले साल 2013 में हाईब्रिड सूर्य ग्रहण लगा था जिसको कि अफ्रीकाई देशों के लोगों ने देखा था।

लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सोनू बाउंसर की हत्या, सामने आया CCTV फुटेज, Facebook पर की बदला लेने की बाद

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न्यूज हंट. जालंधर : रविंदर सोनू बाउंसर उर्फ सोनू रुड़का के हत्या आरोपी गुरमीत सिंह औलख के खिलाफ पर केस दर्ज कर लिया गया है। अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। गुरमीत सिंह औलख की हालत खतरे से बाहर बताई जाती है। सोनू रुड़का की गोली लगने से मौत होने के बाद लॉरेंस बिश्नोई के साथ उसकी तस्वीरें वायरल हो गई। लॉरेंस नाम के फेसबुक पेज पर बदला लेने की बात कही गई है। लॉरेंस बिश्नोई की फेसबुक पोस्ट पर सोनू और बिश्नोई की फोटो डालकर नीचे लिखा गया है कि भाई जल्दी ही बदला लिया जाएगा।
सोनू के गहरे संबंध लॉरेंस बिश्नोई के साथ रहे हैं। पुलिस ने बाउंसर सोनू के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया है। गुरमीत सिंह औलख टैक्सी यूनियन का प्रधान भी है और घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो गई है। सोनू रुड़का पहले भी कई बार जेल जा चुका है, जहां उसके संपर्क गैंगस्टरों से थे। देहात पुलिस ने करीब एक साल पहले सोनू रुड़का को साथी के साथ पकड़ा था, तब भी उसके पास से पिस्तौल मिली थी। गोलीकांड की सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने कब्जे में ली है।

नौकरीपेशा के लिए अच्छी खबर; पेंशन लिमिट हो सकती है 25000 रुपए! एक फैसले से 333% तक बढ़ेगा आपका पैसा

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Employee’s Pension Scheme: प्राइवेट सेक्टर एम्प्लॉइज (Private Employee’s) को जल्द ही राहत मिल सकती है। एक फैसले से कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में अंशदान करने वाले लाखों कर्मचारियों की पेंशन (Pension, EPS) एक झटके में 333% तक बढ़ सकती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारियों की पेंशन (Employee’s Pension Scheme) के लिए उनकी अधिकतम सैलरी 15 हजार रुपए (बेसिक सैलरी) तय की हुई है। मतलब, आपकी सैलरी भले ही 15 हजार रुपए महीने से ज्यादा हो, लेकिन आपकी पेंशन की गणना अधिकतम 15 हजार रुपए सैलरी पर ही होगी। EPFO इस सैलरी-सीमा को खत्म करने की तैयारी में है। सूत्रों का कहना है कि कर्मचारियों की पेंशन (Employee’s Pension Scheme) की गणना आखिरी सैलरी यानी हाई सैलरी ब्रैकेट पर भी हो सकेगी। इस फैसले से कर्मचारियों को कई गुना ज्यादा पेंशन मिलेगी।
बता दें, पेंशन पाने के लिए 10 साल तक कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में योगदान करना जरूरी है। वहीं, 20 साल की सर्विस पूरी करने पर 2 साल का वेटेज मिलता है। अगर लिमिट हटाने पर फैसला होता है तो कितना अंतर आएगा, आइये समझते हैं…
Pension की कैसे होगी कैलकुलेशन?
मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक, अगर एक एम्प्लॉई 1 जून 2015 से कही नौकरी कर रहा है और अगर वह 14 साल नौकरी पूरी करने के बाद पेंशन लेना चाहता है तो उसकी पेंशन की गणना 15 हजार रुपए पर ही होती, भले ही वह 20 हजार रुपए के बेसिक सैलरी ब्रैकेट में हो या फिर 30 हजार रुपए। पुराने फॉर्मूले के मुताबिक, एम्प्लॉई को 14 साल पूरा होने पर 2 जून 2030 से करीब 3000 रुपए पेंशन मिलेगी। पेंशन का गणना का फॉर्मूला है- (सर्विस हिस्ट्रीx15,000/70), लेकिन, अगर सुप्रीम कोर्ट कर्मचारियों के हक में फैसला करता है तो उसी एम्प्लॉई की पेंशन बढ़ जाएगी।

ऑक्सीजन कम और पानी में जहर घुला होगा, ऐसे आएगा छठा महाविनाश, वैज्ञानिकों ने बताया समय

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PANS Study : इंसान ही छठवें विनाश के जिम्मेदार होंगे…नब्बे की शुरुआत में मशहूर जीवाश्म वैज्ञानिक रिचर्ड लीके ने यह चितावनी दी थी। आपको बता दें इससे पहले आ चुकी पांचों आपदाएं प्राकृतिक थीं। किसी जीव-जंतु की वजह से नहीं पर इस बार खतरा ज्यादा है क्योंकि इंसानी एक्टिविटी धरती पर ऑक्सीजन कम कर रही है।
प्रोसिडिंग्स ऑफ नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (PNAS) में वैज्ञानिकों का समूह लगातार इस बारे में स्टडीज दे रहा है। वैसे बता दें कि छठवें सामूहिक विनाश को होलोसीन या एंथ्रोपोसीन एक्सटिंक्शन कहा जा रहा है। डर है कि इसमें बैक्टीरिया, फंगी और पेड़-पौधे ही नहीं, इंसान, रेप्टाइल्स, पंक्षी, मछलियां सब खत्म हो जाएंगी, और इसकी वजह बनेगा क्लाइमेट चेंज।
जिस तेजी से धरती गर्म हो रही है और महासागरों की बर्फ पिघल रही है, वैज्ञानिक इसकी तुलना ज्वालामुखियों के अचानक फटने से कर रहे हैं। इससे पानी इतना गर्म हो जाएगा कि उसमें ऑक्सीजन का स्तर घटने लगेगा। नतीजा, समुद्री जीव-जंतु मरने लगेंगे। शुरुआत पानी से होगी, फिर इसका असर हवा में पहुंचेगा और धीरे-धीरे बहुत सारी प्रजातियां एक साथ खत्म हो जाएंगी, हम-आपको मिलाकर।
ये दावा हवा-हवाई नहीं, बल्कि बैकग्राउंट रेट के 100 गुना होने से ये शुरू हो चुका। वातावरण में गर्मी और जहरीली हवा की बात हो ही रही है। बढ़ते तापमान से लगातार कई देशों में जंगल आग पकड़ रहे हैं। बीते साल गर्मियों में ठंडे यूरोपियन देश भी गर्मी से त्राहि-त्राहि कर उठे थे। यहां तक कि दफ्तर बंद करने पड़े,मिट्टी उतनी उपजाऊ नहीं रही।
दुनिया के अधिकांश देश बेमौसम ही कभी तूफान, कभी सूखा तो कभी भूकंप देख रहे हैं। इसपर सबसे खराब बात कि अब भी संभलने की बजाए जंगल काटे जा रहे हैं। यूएन फूड एंड एग्रीक्लचर ऑर्गेनाइजेशन के हिसाब से साल 2015 के बाद से हर साल लगभग 24 मिलियन एकड़ जंगल काटे जा रहे हैं।
अब तक ये पता नहीं लग सका कि अगली प्रलय कब आएगी लेकिन कई वैज्ञानिक अलग-अलग दावे कर रहे हैं। साइंस एडवांसेज में मेसाचुसेट्स प्रौद्योगिक संस्थान के प्लानेटरी साइंसेज विभाग ने अपने शोध के आधार पर कहा कि साल 2100 के करीब ऐसा होगा। साथ में ये भी माना कि जिस हिसाब से धरती गर्म हो रही है, विनाश इसके पहले भी आ सकता है।