35 C
Jalandhar
Friday, April 17, 2026
Home Blog Page 517

पंजाब के सरकारी कॉलेजों में सहायक प्रोफैसरों के 645 पद भरने की मंज़ूरी, प्रिंसीपल नियुक्ति की उम्र हद बढ़ाई

0

न्यूज हंट. चंडीगढ़ : राज्य के विद्यार्थियों को मानक उच्च शिक्षा देने के लिए राज्य सरकार की वचनबद्धता के अंतर्गत मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब कैबिनेट ने सरकारी कॉलेजों में सहायक प्रोफैसरों के 645 पद भरने की आज सहमति दी। इस सम्बन्धी फ़ैसला आज यहाँ पंजाब सिवल सचिवालय-1 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता अधीन हुई मंत्री समूह की मीटिंग में लिया गया। यह खुलासा करते हुये मुख्यमंत्री दफ़्तर के प्रवक्ता ने कहा कि 16 सरकारी कॉलेजों में टीचिंग स्टाफ की कमी दूर करने के लिए कैबिनेट ने पंजाब लोक सेवा कमीशन ( पी. पी. एस. सी.) के द्वारा सहायक प्रोफैसरों के 645 पद भरने की मंज़ूरी दी। यह पद यू. जी. सी. रैगुलेशन 2018 और राज्य सरकार की तरफ से जारी कॉलेजों और यूनिवर्सिटी अध्यापकों के लिए यू. जी. सी. वेतन स्केलों के नोटिफिकेशन के मुताबिक भरे जाएंगे। इस कदम से जहाँ नये खुले कॉलेजों को पूरी तरह कार्यशील करने में मदद मिलेगी, वहीं पहले से चल रहे कॉलेजों में टीचिंग स्टाफ की कमी दूर होगी और इन कॉलेजों में नये कोर्स शुरू किये जा सकेंगे। इस कदम से इन कॉलेजों में पढ़ाई का मानक सुधरेगा और कॉलेजों की कार्यप्रणाली को सुचारू किया जा सकेगा।

सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपल की भर्ती के लिए आयु सीमा 45 से बढ़ा कर 53 साल करने की मंजूरी

कैबिनेट ने सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपल की सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 45 से बढ़ा कर 53 साल करने की मंजूरी दे दी जिससे सहायक प्रोफैसरों/ प्रोफैसरों को 53 साल की आयु तक इन पदों के लिए आवेदन करने के योग्य बनाया जा सके। यह पद पंजाब लोक सेवा कमीशन (पी. पी. एस. सी.) के द्वारा भरे जाएंगे। आयु सीमा में इस छूट से सरकार के पास योग्य और समर्थ व्यक्तियों का एक बड़ा पुल मुहैया होगा, जिसमें से पी. पी. एस. सी. द्वारा उम्मीदवारों का चयन किया जा सकेगा। इस कदम से संतोषजनक अकादमिक योगदान वाले तजुर्बेकार अध्यापक, जिनके पास प्रशासनिक महारत भी होगी, इन पद के लिए आवेदन करने के योग्य होंगे।

गौशालाओं के 31 अक्तूबर तक के बिजली बिलों के बकाए माफ

एक और मिसाली फ़ैसले में कैबिनेट ने 20 सरकारी गौशालाओं सहित रजिस्टर्ड ( तसदीकशुदा) गौशालाओं के 31 अक्तूबर तक के बिजली बिलों के बकाए माफ करने को हरी झंडी दे दी। इस कदम का मंतव्य गौशालाओं को बेसहारा पशुओं की संभाल की समस्या को ख़त्म करने के लिए खुलदिली के साथ योगदान डालने के योग्य बनाना है। इस काम के लिए पी. एस. पी. सी. एल. के पास पड़े गाय सैस के पैसे में से ख़र्च किया जायेगा।

नागरिक आधारित प्रगतिशील शासन प्रबंध कायम करने के लिए समझौता सहीबद्ध करने की सहमति

नागरिक आधारित और प्रगतिशील शासन प्रबंध कायम करने के मंतव्य से एक मिसाली पहलकदमी में कैबिनेट ने प्रशासनिक सुधार विभाग और आईडीइनसाईटस इंडिया प्राईवेट लिमिटिड के बीच समझौता सहीबद्ध करने की सहमति दी। इस समझौते के द्वारा बेहतर प्रशासन देने के लिए डेटा और प्रमाणों के प्रयोग सम्बन्धी सरकारी क्षमता में विस्तार करने के लिए माहिरों की सेवाएं मुफ़्त में लेने के लिए सरकार और आईडीइनसाईटस इंडिया के साथ सहयोग करेगी। इस कदम से राज्य सरकार को नागरिक आधारित और प्रगतिशील शासन प्रबंध स्थापित करने के लिए पेशेवर माहिरों की सेवाएं मिलेंगीं।

अब पूर्व फ़ौजी घर बैठे ही ले सकेंगे ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा, ’ई- सेनानी’ पोर्टल पर ऑनलाइन बनाऐ जाएंगे पहचान पत्र

0

न्यूज हंट. चंडीगढ़ : पूर्व सैनिकों, जंगी विधवाओं, दिव्यांग पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की सेवा और पुनर्वास के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पूर्व सैनिकों की भलाई की तरफ एक और कदम उठाते हुये एक नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है जिससे वह घर बैठे ही राज्य की अलग-अलग किस्म की सेवाओं का लाभ ले सकें। यह ऐलान शुक्रवार को रक्षा सेवा कल्याण मंत्री फौजा सिंह सरारी ने चंडीगढ़ में रक्षा कर्मियों की सुविधा के लिए नया वैब पोर्टल ’ई-सेनानी’ लांच करने के मौके पर किया। उन्होंने दोहराया कि आम आदमी पार्टी की सरकार देश वासियों की सुरक्षा के लिए मुश्किल घड़ी में कीमती योगदान डालने वाले रक्षा सैनिकों के साथ- के साथ आम नागरिकों की भलाई के लिए वचनबद्ध है।

राज्य के रक्षा सेवा मंत्री ने कहा कि ’आप’ सरकार ने देश में अलग-अलग फ़ौजी ऑपरेशनों के दौरान अपनी जानें गवाने वाले शहीद रक्षा सैनिकों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा देने का ऐतिहासिक फ़ैसला लागू किया है। इसके इलावा अलग-अलग वर्गों के पूर्व सैनिकों, जंगी विधवाओं, पूर्व सैनिकों की विधवाओं और उनके आश्रित परिवारों के लिए अलग- अलग कल्याण स्कीमें और वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई गई है। पूर्व सैनिकों के लिए शुरू की गई ऑनलाइन सेवा संबंधी अतिरिक्त जानकारी देते हुये फौजा सिंह सरारी ने बताया कि इससे पहले पूर्व सैनिकों को अपनी ज़िंदगी के मुश्किल दौर में लाभार्थी सेवाएं लेने के लिए सम्बन्धित ज़िला सुरक्षा सेवा कल्याण दफ्तरों में जाना पड़ता था परन्तु अब वह अपने घर बैठे या विदेशों से भी ज़रुरी दस्तावेज़ अपलोड करके कोई भी सेवा ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इसके इलावा, पूर्व सैनिक और उनके आश्रित राज्य सरकार की तरफ से रक्षा सेवाओं की अलग अलग श्रेणियों की नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। मंत्री ने आगे बताया कि रक्षा सेवाओं की श्रेणियों के लाभार्थी शहीदों और दिव्यांग सैनिकों के नजदीकी रिश्तेदारों को एक्स-ग्रेशिया ग्रांटें, गैलेंटरी और डिस्टिंगुइशड अवार्ड प्राप्त करने वालों (सिवलियनें) को नकद पुरुस्कारों की ग्रांट और लीनल वंशज या पूर्व सैनिकों को नौकरी के लिए सर्टिफिकेट जारी करने सम्बन्धी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि वैब पोर्टल www.dsw.punjab.gov.in पर एक विशेष ’ई-सेनानी’ विंडो उपलब्ध करवाई गई है जहाँ पूर्व सैनिक और विधवाएं पहचान पत्र प्राप्त करने के लिए स्वयं को ऑनलाइन रजिस्टर कर सकती हैं। मंत्री सरारी ने आगे बताया कि यह ऑनलाइन वेब पोर्टल राज्य सरकार के साथ- के साथ रक्षा सेवाओं के लिए भी लाभदायक होगा क्योंकि राज्य में पूर्व सैनिकों और फ़ौजी परिवारों द्वारा दी जाती सेवाओं से सम्बन्धित सभी विवरण केवल एक बटन क्लिक्क करने पर उपलब्ध हो जाएंगे। इस मौके दूसरों के इलावा विशेष मुख्य सचिव कृपा शंकर सरोज, अतिरिक्त सचिव कुलजीतपाल सिंह माही और डायरैक्टर रक्षा सेवा कल्याण, पंजाब ब्रिगेडियर सतीन्द्र सिंह और एन. आई. सी. विवेक वर्मा डिप्टी डायरैक्टर जनरल और सूचना अफ़सर और अनूप जलाली सीनियर तकनीकी डायरैक्टर और ऐचओडी उपस्थित थे।

पंजाब सरकार सख्त ! पटियाला के 12 व्यक्तियों के अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट रद्द

0

न्यूज हंट. चंडीगढ़ : सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग की तरफ से एक हुक्म जारी करते हुये पटियाला ज़िले के अधीन आते गाँव आलमपुर के 12 व्यक्तियों के जाली अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट रद्द कर दिए गए हैं। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि ज़िला पटियाला के गाँव आलमपुर निवासी ऊधम सिंह पुत्र भगवान सिंह और बलवीर सिंह पुत्र निर्मल सिंह की तरफ से 15 व्यक्तियों के विरुद्ध उनके अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट जाली होने सम्बन्धी 19 मार्च, 2020 को शिकायत की गई थी।

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सिवल अपील नंः 5854 ऑफ 1994 में तारीख़ 02. 09. 1994 को दिए फ़ैसले के सम्मुख सामाजिक स्थिति सर्टिफिकेट की सच्चाई की जांच के लिए सरकार की तरफ से अधिसूचना तारीख़ 10. 12. 2004 के द्वारा डायरैक्टोरेट स्तर पर विजीलैंस सैल और राज्य स्तर पर सकरूटनी कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी की तरफ से मामला विचारते हुए सम्बन्धित व्यक्तियों को सुनवाई के कई मौके देते हुये अपने जाति सर्टिफिकेट की कापियों जांच के लिए पेश करने के हुक्म दिए गए। इसके उपरांत 15 व्यक्तियों में से 3 की तरफ से जाति सर्टिफिकेट पेश किये गए। इस सम्बन्धी और जानकारी देते हुये बताया कि तहसीलदार पटियाला की रिपोर्ट अनुसार 12 व्यक्तियों की तरफ से अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट जमा नहीं करवाए गए। जिस सम्बन्धी अखबारों में सार्वजनिक नोटिस के द्वारा अपने सर्टिफिकेट राज्य स्तरीय सकरूटनी कमेटी के पास पेश करने का एक और मौका दिया, परंतु 12 व्यक्तियों की तरफ से अपने जाति सर्टिफिकेट पेश नहीं किये गए। उन्होंने बताया कि कमेटी ने रिकार्ड को जाँचते हुए पाया कि गाँव आलमपुर के सम्बन्धित 12 व्यक्तियों कसमीर सिंह पुत्र इन्द्र सिंह, अमनदीप सिंह पुत्र भाग सिंह, विक्की पुत्र भाग सिंह, मनजीत कौर पत्नी भाग सिंह, अंग्रेज सिंह पुत्र कश्मीर सिंह, कुलवंत कौर पत्नी बलजीत सिंह, जसवंत सिंह पुत्र स्वर्न सिंह, स्वर्न सिंह पुत्र पाला सिंह, गुरप्रीत सिंह पुत्र स्वर्न सिंह, बलवीर कौर पत्नी स्वर्न सिंह, दविन्दर सिंह पुत्र सेवा सिंह और नरिन्दर सिंह पुत्र सेवा सिंह की तरफ से बनाऐ गए अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट जाली थे, जबकि यह व्यक्ति सिख राजपूत जाति के साथ सम्बन्ध रखते हैं। कमेटी की तरफ से सबंधितों के अनुसूचित जाति के सर्टीफिकेटों को रद्द करते हुये गलत तरीके से बनाऐ सर्टीफिकेटों को ज़ब्त करने के हुक्म दिए गए हैं।

News Hunt Daily Evening E-Paper

0

18 November 2022

Page 1

#news #breakingnews #epaper #Newshunt #latestnews #LatestUpdates #latestupdates #indianewstodaylive

News Hunt Daily Evening E-Paper

0

18 November 2022

Page 4

#news #breakingnews #epaper #Newshunt #latestnews #LatestUpdates #latestupdates #indianewstodaylive

PNB Scam : भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता साफ, UK हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

0

न्यूज हंट. लंदन : भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) को ब्रिटेन की हाई कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने बुधवार को नीरव मोदी की अपील को खारिज करते हुए भारत प्रत्यर्पण पर मुहर लगा दी है। नीरव मोदी भारत में भगोड़ा घोषित है। फिलहाल उसने ब्रिटेन में शरण ली हुई है। हाई कोर्ट की ओर से अपील खारिज होने के बाद उसको भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है।
भगोड़े नीरव मोदी पर मेहुल चौकसी के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से 14500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप है। इसी साल फरवरी में नीरव मोदी को उस समय बड़ा झटका दिया था जब ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी। इसके बाद नीरव मोदी ने लंदन हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। नीरव मोदी में हाई कोर्ट से कहा था कि भारत में उसकी जान को खतरा है।

Indian Railways : राजधानी, शताब्दी और दूरंतो जैसी ट्रेनों का कम होगा किराया ! रेल मंत्री ने दी बड़ी जानकारी

0

Indian Railways big update : अब यात्रियों को लुभाने के लिए रेलवे राजधानी (Rajdhani), शताब्दी (Shatabdi) और दूरंतो (Duronto) जैसी प्रीमियम ट्रेनों में डायनैमिक किराये (dynamic fare) को खत्म करने के बारे में सोच रही है। दरअसल, रेल मंत्री से एक सवाल पूछा गया कि निगेटिव रेस्पॉन्स और पैसेंजरों की संख्या में कमी को देखते हुए क्या सरकार डायनैमिक किराये की व्यवस्था को वापस लेने पर विचार कर रही है? इसके जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने बताया कि फिलहाल सरकार की फ्लेक्सी फेयर पॉलिसी को वापस लेने की कोई योजना नहीं है।
रेल मंत्री ने बताया, ‘रेलवे डायनामिक किराया प्रणाली वह प्रणाली है जिनमें किराया मांग के मुताबिक तय किया जाता है। इसके तहत 10 प्रतिशत सीटों की बुकिंग हो जाने के साथ ही किराया 10 प्रतिशत बढ़ जाता है। जैसे-जैसे सीटें कम होती जाती हैं वैसे-वैसे किराया बढ़ता जाता है। हालांकि ये सभी तरह की ट्रेनों में लागू नहीं है। यह व्यवस्था 9 सितंबर, 2016 को राजधानी, शताब्दी और दूरंतो जैसी ट्रेनों में लागू की गई लेकिन अब कई रूट्स पर रेल का किराया हवाई जहाज से भी ज्यादा महंगा हो गया है। इससे अब लोग समय और पैसे दोनों में किफायती होने के चलते हवाई यात्रा करने लगे हैं, जिससे रेलवे के यात्रियों की संख्या में कमी आई है।

18 साल में पहली बार Facebook से 11 हज़ार कर्मचारियों की छंटनी, जुकरबर्ग ने लिखा इमोशनल मैसेज

0

न्यूज हंट. टेक्नोलोजी डेस्क : ट्विटर (Twitter) के बाद अब फेसबुक (Facebook) से बड़े पैमाने पर कर्मचारी निकाले जाने का फैसला लिया गया है। फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा इंक ने बुधवार को एक झटके में 11000 से अधिक कर्मचारियों को बाहर निकालने पर मुहर लगा दी है। इस बारे में खुद मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने जानकारी दी। कंपनी की ओर से लागत बढ़ने का हवाला देकर कर्मचारियों को बाहर निकाला जा रहा है।
मेटा के चीफ एग्जीक्यूटिव मार्क जुकरबर्ग ने एक ब्लॉग के जरिये बताया, ‘आज मैं मेटा के इतिहास में किए गए कुछ सबसे कठिन फैसलों के बारे में बताने जा रहा हूं। हमने अपनी टीम की साइज में करीब 13% की कटौती करने का फैसला किया है। इससे 11000 से अधिक प्रतिभाशाली कर्मचारियों की नौकरी जाने वाली है।’ फिलहाल मेटा में लगभग 87,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं। निकाले गए 11000 कर्मचारियों में फेसबुक के अलावा WhatsApp और Instagram के भी हैं।
हालांकि खबरों के मुताबिक इस layoff के बारे में एक दिन पहले यानी मंगलवार को ही मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने अपने कर्मचारियों को जानकारी दी थी। कंपनी में जिन कर्मचारियों की छंटनी होगी उन्हें 4 महीने की अतिरिक्त सैलरी दी जा रही है।

पंजाब से आप विधायक दलबीर सिंह टौंग पर FIR दर्ज, कोविड नियमों की उल्लंघना कर दिया था धरना

0

न्यूज हंट. अमृतसर : बाबा बकाला से आप विधायक दलबीर सिंह टौंग (Dalbir Singh Tong) को भगोड़ा घोषित करने के बाद थाना सदर पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज की है। 31 जुलाई 2020 को जहरीली शराब पीने से जिले में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इसके खिलाफ आम आदमी पार्टी ने जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के गेट पर कोविड नियमों (Covid Rules) का उल्लंघन कर धरना दिया था।
थाना सदर की पुलिस ने आम आदमी पार्टी के विधायकों और नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। उक्त मामले की सुनवाई जेएमआईसी बगीचा सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, डिप्टी स्पीकर जयकिशन रोड़ी, मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, हरभजन सिंह ईटीओ, मीत हेयर, विधायक कश्मीर सिंह सोहल, मनजिंदर सिंह लालपुरा, दलबीर सिंह टौंग, कुलवंत सिंह पंडोरी, मनजीत सिंह बिलासपुर समेत अन्य नेताओं की गैर-हाजिरी पर गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।
मामले में विधायक दलबीर सिंह अदालत में पेश नहीं हुए थे तो अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश पर निचली अदालत में पेश होने के बाद जमानत ले ली थी लेकिन इसके बाद वह कभी अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने आप विधायक को भगोड़ा घोषित कर उनकी संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया था।

SGPC Election 2022 : हरजिंदर सिंह धामी लगातार दूसरी बार बने शिरोमणि कमेटी के प्रधान, बीबी जगीर कौर को मिली हार

0

SGPC New President : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के चुनाव में हरजिंदर सिंह धामी (Harjinder Singh Dhami ) को दोबारा जीत हासिल हुई है, वहीं बीबी जगीर कौर (Bibi Jagir Kaur) इस चुनाव को हार गई हैं। हरजिंदर सिंह धामी को 140 वोट मिले जबकि बीबी जगीर कौर को 42 वोट से संतोष करना पड़ा। एसजीपीसी के अध्यक्ष पद का चुनाव बुधवार (9 अक्टूबर) अमृतसर में हुआ। श्री दरबार साहिब के तेजा सिंह समुंदरी हाल में एसजीपीसी का जनरल इजलास बुलाया गया था।
अमृतसर में आज तेजा सिंह समुंदरी हाल में अरदास व हुकमनामे के बाद शिरोमणी गुरदवारा प्रबंधक कमेटी के सालाना जनरल इजलास की शुरूआत हुई। इजलास के दौरान एसजीपीसी मेंबर अरविंदर सिंह पखोके ने हरजिंदर सिंह धामी का नाम प्रधान के तौर पर पेश किया जिस की ताईद भगवंत सिंह सिआलका ने की। वहीं, दूसरी तरफ जगीर कौर का नाम प्रधान के तौर पर एसजीपीसी मेंबर अमरीक सिंह शाहपुर ने पेश किया जिसकी ताईद मिठु सिंह काहनके ने की। इस के बाद वोटिंग हुई और वोटिंग होने के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई। इस दौरान एसजीपीसी कमेटी के इलावा सीनियर उपाध्यक्ष, जूनियर उपाध्याक्ष, जनरल सैक्रेटरी व 11 अंतरिंग कमेटी के मेंबर का चुनाव भी किया गया।
बीबी जगीर कौर चार बार एसजीपीसी की अध्यक्ष रह चुकी हैं. हालांकि इस बार वह अकाली दल की तरफ से उमीदवार न बनाए जाने को लेकर नाराज थीं और अकाली दल के साथ बगावत पर उतर आई थीं। अकाली दल ने चुनाव से पहले उनके बगावती तेवर देखते हुए पहले उनको काफी मौके दिये पर बाद में पार्टी से निकाल दिया था। वहीं हरजिंदर सिंह धामी लगातार दूसरी बार एसजीपीसी के अध्यक्ष चुने गए हैं। पेशे से वकील हरजिंदर सिंह धामी पंजाब के होशियारपुर से संबध रखते हैं।