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29 July 2022
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दिल्ली में मंकीपॉक्स के पहले मरीज की कैसे हुई पहचान, देखकर डॉक्टर के उड़े होश

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Monkeypox Case in Delhi: दिल्ली में 31 साल का एक शख्स पश्चिम विहार में रहता है। 16 जुलाई को वो जब डॉक्टर रिचा के पास पहुंचा तो इसे पिछले चार दिनों से बुखार था। हाथों पर और Genitals के हिस्सों पर लाल दाने आने लगे थे। इस व्यक्ति को शक था कि इसे चिकनपॉक्स है। लेकिन जब ये डॉक्टर के पास पहुंचा तो उन्हें ये चिकनपॉक्स नहीं लगा। उन्होंने उसे दवा देकर 5 दिन बाद वापस आने को कहा। 5 दिन बाद जब मरीज लौटा तो डॉक्टर ने देखा कि लाल निशान बढ़ गए हैं, दाने और बड़े हो चुके हैं और हथेलियों और चेहरे पर भी फैल गए हैं। मरीज ने बताया कि उसने कोई विदेश यात्रा नहीं की है। हालांकि वो कुछ दिन पहले हिमाचल प्रदेश से लौटा था।
इस बार डॉक्टर ने तमाम लिटरेचर भी देखा और उन्हें समझ आया कि ये ऐसे दाने हैं जो उन्होंने अपनी 12 साल की प्रैक्टिस में पहले कभी नहीं देखे – ये चिकनपॉक्स या स्मॉलपॉक्स नहीं हैं। उन्हें शक हुआ कि ये मंकीपॉक्स लग रहा है। अच्छी बात ये रही कि बुखार होते ही मरीज ने कोरोना काल से सबक लेते हुए खुद को आइसोलेट कर लिया था। इसलिए उसके परिवार में कोई संक्रमित नहीं हुआ था। लेकिन सरकार की गाइडलाइंस के हिसाब से इसकी पुष्टि करने के लिए टेस्ट केवल सरकारी लैब में ही हो सकता था। हालांकि डॉक्टर को अब तक यकीन हो चुका था कि ये मंकीपॉक्स ही होगा। उन्होंने मरीज को समझाया कि लोकल सरकारी डॉक्टर को बताना जरूरी है। डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस ऑफिसर को सूचना दी गई। उसके बाद मरीज को तुरंत प्रभाव से लोक नायक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। 22 जुलाई शुक्रवार को मरीज के सैंपल को National Institute of Virology पुणे भेजा गया। रविवार सुबह ही वहां से टेस्ट के जरिए कंफर्म हो गया कि मरीज को मंकीपॉक्स ही है।
इस बीच डॉक्टर ने खुद को सात दिन के लिए आइसोलेट कर लिया। इसी वक्त बीमारी के होने या ना होने का पता चल जाता है। वे अपने परिवार और काम से दूर रहीं। डॉक्टर ने मरीज के इलाज के वक्त मास्क, ग्लव्स और पीपीई किट पहनी हुई थी। सेनेटाइजेशन का ख्याल रखा था लिहाजा वो संक्रमण से बची रहीं। डॉक्टर के मुताबिक मरीज से दूर रहें तो संक्रमण नहीं होगा और पास रहना ही पड़े तो मरीज को मास्क लगाने को कहें, क्योंकि उसकी थूक से भी संक्रमण हो सकता है। उसके कपड़ों, बिस्तर, चादर तौलिए – बाथरुम सबको अलग ही रखें।

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पंजाब में सहकारी बैंक के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी से हड़कंप, सवा करोड़ रुपये के गबन का आरोप

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न्यूज हंट, रूपनगर : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शुक्रवार केंद्रीय सहकारी बैंक रूपनगर में 1,24,46,547 रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी करने के आरोप में सहायक मैनेजर बिक्रमजीत सिंह और सीनियर मैनेजर अशोक सिंह मान को गिरफ्तार किया है।
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि एक शिकायत की पड़ताल के दौरान पता लगा है कि आरोपित बिक्रमजीत सिंह ने साल 2011 से 2016 तक बैंक में अपनी तैनाती के दौरान बैंक मैनेजरों और बैंक के अन्य कर्मचारियों के अकाउंट आईडीज, पासवर्ड और अन्य विवरणों का दुरुपयोग करके बड़ी रकम का घपला किया। आरोपित मैनेजर को विभिन्न बैंकों से इनवार्ड चेकों की क्लीयरेंस सहित ड्राफ्ट रकम ट्रांसफर करने और स्टेट कोआपरेटिव बैंक के चालू खातों के मिलान के लिए तैनात किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपित ने सरकारी पद का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी वाले पैसे अपने पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। ऐसे खातों में पैसे भेजकर उसने कुल 1,24,46,547 रुपये का घपला किया। उन्होंने बताया कि दो साल पहले सहकारी बैंक की अंदरूनी जांच में भी बिक्रमजीत सिंह को आरोपित ठहराया गया था।
बिक्रमजीत सिंह ने साल 2011 से 2016 तक सीनियर मैनेजर अशोक सिंह मान के अलावा अन्य कर्मचारियों की आईडी के पासवर्ड का प्रयोग किया। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि आरोपित ने ज्यादातर अशोक सिंह मान की आईडी और पासवर्ड का प्रयोग किया लेकिन उन्होंने कभी भी बैंक और उच्च अधिकारियों को इस बारे कोई शिकायत नहीं की। इसलिए, वित्तीय धोखाधड़ी में उनको शामिल समझते हुए उन पर भी मामला दर्ज किया गया है।
दोनों आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13 (1) व 13 (2) के साथ साथ आईपीसी की धारा 420, 409, 120-बी के अंतर्गत विजिलेंस ब्यूरो के थाना लुधियाना में मुकदमा दर्ज करके आगे कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

आजादी के बाद देश निर्माण में मजदूर का बड़ा योगदान : तलवाड़

1947 के बाद देश को एक नया रूप देने की जरूरत थी भारतीयों को रोजगार के साथ साथ मूलभूत ढांचा मिले उसके लिए हमारे मजदूर भाइयों ने अपनी मेहनत से नए भारत का निर्माण किया । उपरोक्त शब्द युवक भलाई बोर्ड के पूर्व चेयरमैन संजीव तलवाड़ ने पूर्व पार्षद नीति तलवाड द्वारा हर घर तिरंगा मुहिम को दोबारा शुरू करते हुए कहे ।

तलवाड ने कहा कि मजदूर के पसीने ने भारत की मिट्टी को और भी खुशनुमा किया है आज आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर नीति तलवाड ने इन मजदूर भाई बहनों के घरों पर तिरंगा लहरा कर भारत निर्माण में उनके योगदान को सम्मान दिया है। इस मौके पूर्व पार्षद नीति तलवाड ने कहा कि 2016 में होशियारपुर में वार्ड नंबर 4 के हर घर पर तिरंगा बनाया गया था जिससे लोगों में देश प्रति प्रेम भावना हमेशा प्रफुल्लित होती रहे उन्होंने कहा कि आज जब पूरा भारत आजादी की 75 वीं वर्षगांठ को एक उत्सव की तरह मना रहा है उसी कड़ी में अब हमने प्रण लिया है कि विधानसभा हलका होशियारपुर के लोग भी इस महा उत्सव में खुशी खुशी शामिल हो उसके लिए आज शुरुआत कर दी गई है ।

नीति तलवाड ने कहा आजादी के इस महापर्व में अपने घर की छत पर तिरंगा फहराने का सौभाग्य जो सबको प्राप्त हुआ है उसके लिए भारतवासी सदैव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आभारी रहेंगे उन्होंने कहा इस विषय में 15 अगस्त तक हर रोज कोई ना कोई देश हित का कार्य कर आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी समारोह में मुस्कान पराशर प्रिया सैनी सोनिया तलवार भूपेंद्र सिंह सुखदेव सिंह जोगिंदर सिंह आशा रानी अनमोल रतन बीना शर्मा आदि भी उपस्थित थे

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कोव‍िड वैक्‍सीनेशन में गंभीर लापरवाही, एक स‍िरिंज से 39 बच्चों को लगा दी वैक्‍सीन, FIR दर्ज

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न्यूज हंट. सागर : मध्य प्रदेश के सागर में एक स्‍कूल में कोरोना वैक्‍सीनेशन में बडी चूक और गंभीर लापरववाही का मामला सामने आया है। यहां एक स्‍कूल में कोव‍िड वैक्‍सीनेशन (Covid Vaccination) के दौरान एक स‍िर‍िंज से 39 बच्‍चों को वैक्‍सीन लगा दी गई। मामले में जब हंगामा मचा तब मामले का खुलासा हुआ। जानकारी उजागर होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में पुलिस के पास एफआईआर दर्ज करा दी गई है। कुछ बच्चों के पैरेंट्स का ध्यान इस ओर गया कि बच्चों को एक ही सीरिंज से वैक्सीन दिया जा रहा है। इसके तुरंत बाद इस बड़ी लापरवाही का मामला पुलिस के पास पहुंचा।
सागर जिले का मामला
सागर ज‍िला मुख्‍यालय पर स्‍थ‍ित जैन पब्‍ल‍िक स्‍कूल में स्‍कूली बच्‍चों के ल‍िए कोरोना वैक्‍सीनेशन का कैंप लगाया गया था। इसमें स्‍वास्‍थ्‍य व‍िभाग ने न‍िजी कॉलेज नर्स‍िंग कॉलेज एसवीएन में अध्‍ययनरत नर्स‍िंग छात्रों की ड्यूटी भी लगा दी थी। वैक्‍सीनेशन शुरू हुआ और छात्रों को ज‍ितेंद्र राज नाम के थर्ड ईयर के छात्र ने बच्‍चों को वैक्‍सीनेशन प्रारंभ कर द‍िया। एक के बाद एक उसने करीब 39 बच्‍चों को एक ही सीर‍िंज से कोव‍िड वैक्‍सीन लगा दी। मामले में जब एक छात्रा के प‍िता की नजर पडी तो स्‍कूल में हंगामा हो गया। घटना के बाद छात्र को मौके से गायब भी कर द‍िया गया। सूचना ज‍िला प्रशासन तक पहुंची तो हड़कंप मच गया।

पंजाब : नशे की वजह से हुई 22 साल के बॉक्सिंग खिलाड़ी की मौत, दो बार जीत चुका था नेशनल लेवल का गोल्ड

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न्यूज हंट. बठिंडा : नेशनल बॉक्सिंग खिलाड़ी कुलदीप सिंह की नशे की वजह से मौत हो गई है। 5 बार मेडल जीत चुके कुलदीप सिंह ने गोल्ड मेडल भी जीते थे। बीती रात तलवंडी साबो के खेत में खिलाड़ी कुलदीप सिंह की लाश मिली तो हाहाकार मच गया। हेरोइन (चिट्टे) की ओवरडोज के कारण कुलदीप सिंह की मौत हुई है। लाश के पास से इंजेक्शन भी बरामद हुआ है।
2 बार जीता था गोल्ड
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिय़ा है और पोस्टमार्टम के लिए तलवंडी साबो ले जाया गया है। पुलिस पूरे मामले की तहकीकात करने में जुट गई है। एक उभरते खिलाड़ी की नशे के कारण हुई मौत से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। अंडर 17 और अंडर 19 में राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीत चुके कुलदीप सिंह बॉक्सिग का होनहार खिलाड़ी था तथा वह एक कांस्य पदक भी जीत चुका है। लेकिन कहते हैं ना कि संगत अच्छी हो तो बुरे से बुरा शख्स भी सुधर जाता है और अच्छा-खासा शख्स भी बिगड़ जाता है, यही कुलदीप के साथ हुआ।

WHO की पुरुषों को चितावनी; सेक्स से जुड़ी ये गलती आपको भी बना देगी Monkeypox का शिकार

भारत में मंकीपॉक्स अब धीरे-धीरे अपने पैर पसारने लगा है। कई शहरों में इसके मामले सामने आने के बाद हेल्थ एक्सपर्ट्स भी अब अलर्ट मोड में आ गए हैं। दुनिया भर में इसके खतरे को बढ़ते देख संयुक्त राष्ट्र एजेंसी भी इसे ग्लोबल इमरजेंसी घोषित कर चुकी है। WHO ने भी मंकीपॉक्स के जोखिम को कम करने के लिए कई तरह की गाइडलाइन्स जारी की हैं जिसमें पुरुषों के सेक्सुअल बिहेवियर से जुड़ी कुछ खास बातें हैं।
WHO के महानिदेशक टेड्रोस घेब्रेयसस ने कहा कि इसका सबसे पहला मामला मई में सामने आया था। इसके बाद से 98% मंकीपॉक्स के मामले गे, बायसेक्सुअल और पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों में पाए गए हैं। टेड्रोस ने लोगों से अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा, ‘पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों को अपने और दूसरों के लिए सुरक्षित विकल्प बनाना चाहिए। इसके लिए सेक्सुअल पार्टनर्स की संख्या भी कम करनी चाहिए।’
WHO प्रमुख ने कहा कि मंकीपॉक्स से संक्रामक मरीज को खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए और किसी भी भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए। साथ ही किसी भी फिजिकल कॉन्टेक्ट या फिर नए सेक्सुअल पार्टनर बनाने से भी बचना चाहिए। हालांकि, US सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने सेक्सुअल पार्टनर की संख्या कम करने जैसा कोई सुझाव नहीं दिया है। एजेंसी ने बस मंकीपॉक्स से संक्रमित मरीजों से स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट ना रखने की सलाह दी है।
WHO के अनुसार, मंकीपॉक्स किसी मरीज, उसके कपड़ों या बेडशीट के संपर्क में आने वाले को भी संक्रमित कर सकता है। स्वास्थ्य एजेंसी ने चेतावनी दी है कि कमजोर इम्यूनिटी वालों जैसे कि बच्चों या गर्भवती महिलाओं में यह बीमारी अधिक गंभीर हो सकती है। WHO के सलाहकार एंडी सील ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार मंकीपॉक्स स्पष्ट रूप से सेक्स के दौरान फैला लेकिन उन्होंने अभी तक यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि यह यौन संचारित संक्रमण था या नहीं।