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Tuesday, April 21, 2026
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सुधीर सूरी की हत्या के बाद शिवसेना के जिला प्रधान को धमकी; मांगी 10 लाख की रंगदारी

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न्यूज हंट. अमृतसर : सुधीर सूरी (Sudhir Suri) की हत्या के बाद अमृतसर में शिवसेना जिला प्रधान रमेश भारद्वाज (Ramesh Bhardwaj) को व्हाट्सएप कॉल (WhatsApp Call) पर जान से मारने की धमकियां मिली हैं। विदेशी नंबरों से आई व्हाट्सएप कॉल में उन्हें धमकाते हुए 10 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस्लामाबाद थानाक्षेत्र निवासी रमेश भारद्वाज ने बताया कि वह शिवसेना पंजाब के जिला प्रधान हैं। पिछले 10 दिनों में उन्हें उनके व्हाट्सएप नंबर पर तीन बार धमकी भरी फोन कॉल आई। पहली कॉल 8 दिसंबर और दूसरी कॉल 15 दिसंबर को आई। तीसरी फोन कॉल 17 दिसंबर को उनके व्हाट्सएप पर आई। फोन करने वाले ने कहा कि वह दस लाख रुपयों का प्रबंध कर लें। तीसरी बार आई कॉल में तो उनसे पैसे लेने आने की बात दूसरी तरफ से कही गई।
फोन करने वाले ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि अगर उसने 10 लाख रुपये का प्रबंध नहीं किया तो उसका हाल भी हिंदू नेता सुधीर सूरी की तरह होगा। उन्होंने बताया कि शनिवार को उन्हें तीसरी व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें फोन करने वाले ने कहा कि वह पैसे लेने आ रहे हैं। जांच अधिकारी ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है और शिव सेना प्रधान की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Garud Puran: क्यों नहीं पहनने चाहिए मृत व्यक्ति के कपड़ों को, ये है इसकी वजह

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हिंदू धर्म के सभी पुराणों में गरुड़ पुराण (Garud Puran) को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। हिंदू धर्म में अगर किसी की मृत्यु हो जाती है तो कई परिवार वाले उनके कपड़ों को याद की निशानी के तौर पर संभालकर रखते हैं। वहीं कई लोग इन कपड़ों को दान भी कर देते हैं। हालांकि मृत व्यक्ति के कपड़ों को घर में संभालकर नहीं रखना चाहिए। इन्हें दान कर देना चाहिए। इसके बारे में गरुड़ पुराण में बताया गया है।

  • पहला कारण, गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद उस इंसान के कपड़ों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मृतक का अपनी चीजों के प्रति काफी जुड़ाव होता है। ऐसे में आत्मा खुद के कपड़े या अन्य चीजों के प्रति आकर्षित होती है।
  • दूसरा कारण, मृत व्यक्ति के कपड़ों का दान करने के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक कारण है। गरुड़ पुराण में ऐसा कहा गया है कि मृत्यु के बाद इंसान की आत्मा इस संसार के प्रति मोह नहीं छोड़ पाती है। ऐसे में आवश्यक है कि आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए उनसे जुड़ी चीजों का दान कर देना चाहिए।
  • तीसरा कारण, वहीं विज्ञान में भी मृत व्यक्ति के कपड़ों का इस्तेमाल सही नहीं बताया गया है। मृतक के कपड़े पहनने से जीवित व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार हो सकते हैं, ऐसा करने से जीवित व्यक्ति का मृतक के साथ जुड़ाव हो जाता है और वह उन्हें याद करने लगता है।

Disclaimer : ‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

GST Council Meeting : जीएसटी कानूनों से जुड़े इन मामलों को अपराध की श्रेणी से हटाया गया, 8 मुद्दों पर हुआ फैसला

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GST Council Meeting: जीएसटी काउंसिल की 48वीं बैठक शनिवार को नई दिल्ली में हुई। इस बैठक की अध्यक्षता वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (FM NIrmala Sitharaman) ने की। इस मीटिंग में GST काउंसिल ने कुछ मामलों को अपराध की श्रेणी से बाहर निकालने का फैसला किया। साथ ही अभियोजन शुरू करने के लिए लिमिट को दो करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं दाल की भूसी पर जीएसटी घटाकर शून्य कर दिया गया है। राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने जीएसटी परिषद की बैठक खत्म होने के बाद लिए गए फैसलों की जानकारी दी।
15 में से 8 मुद्दों पर हुआ फैसला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘जीएसटी काउंसिल समय की कमी के कारण एजेंडा में शामिल 15 मुद्दों में से केवल आठ पर फैसला लिया गया है। जीएसटी पर अपीलीय अधिकरण बनाने के साथ पान मसाला और गुटखा व्यवसायों में टैक्स चोरी को रोकने के लिए व्यवस्था बनाने पर कोई निर्णय नहीं हो पाया।’
ऑनलाइन गेमिंग और कैसिनो पर GST
निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोई नया टैक्स नहीं लाया गया है। परिषद ने एसयूवी के वर्गीकरण को लेकर स्थिति स्पष्ट की। वहीं वाहनों पर लगने वाले टैक्स को साफ कर दिया गया है। राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने बताया कि बैठक में ऑनलाइन गेमिंग और कैसिनो पर GST लगाने पर चर्चा नहीं हुई। दरअसल मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह ने इस मुद्दे पर बीते दिनों एक रिपोर्ट सौंपी थी।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि दालों के छिलके पर जीएसटी को हटाने का फैसला लिया गया है। अभी तक दालों के छिलके पर 5 फीसदी जीएसटी लगता था। अब शून्य कर दिया गया है। बैठक में वित्त राज्य मंत्रियों के अलावा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री, केंद्र सरकार और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

2023 Festivals List : ये रही साल 2023 के व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट, अपनी डायरी में कर लें नोट

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List of festivals 2023: साल 2022 का आखिरी महीना दिसंबर चल रहा है। कुछ दिनों बाद नये साल यानी 2023 की शुरुआत हो जाएगी। इसी के साथ व्रत और त्योहारों का दौर भी दोबारा शुरू हो जाएगा। आइए जानते हैं कि कौन से महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार किस तारीख को पड़ रहे हैं, जिससे कि आप अपना शेड्यूल तैयार कर सकें…
व्रत और त्योहारों की लिस्ट
14 जनवरी- लोहड़ी और मकर संक्रांति
21 जनवरी- मौनी अमावस्या
26 जनवरी- वसंत पंचमी
18 फरवरी- महाशिवरात्रि
7 मार्च- होली
22 मार्च- चैत्र नवरात्रि शुरू
29 मार्च- दुर्गा अष्टमी
30 मार्च- रामनवमी
4 अप्रैल- महावीर जयंती
6 अप्रैल- हनुमान जयंती
14 अप्रैल- बैसाखी
5 मई- बुध पूर्णिमा
19 मई- वट सावित्री व्रत
3 जुलाई- गुरु पूर्णिमा
30 अगस्त- रक्षाबंधन
6 सितंबर- जन्माष्टमी
29 सितंबर- पितृपक्ष प्रारंभ
19 सितंबर- गणेश चतुर्थी
12 नवंबर- रविवार दिवाली, नरक चतुर्दशी
14 नवंबर- गोवर्धन पूजा
19 नवंबर- छठ पूजा
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। NEWS HUNT इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

Eastern Zonal Council Meeting : अमित शाह के सामने BSF अफसरों पर भड़कीं ममता, फोर्स की पावर बढ़ाने पर जताई आपत्ति

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कोलकाता : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शनिवार को कोलकाता में ईस्टर्न जोनल काउंसिल (Eastern Zonal Council) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सीएम ममता बनर्जी भी मौजूद रहीं। इस दौरान उन्होंने बीएसएफ (Border Security Force) के अधिकार क्षेत्र का मुद्दा उठाया। सीएम ममता ने अमित शाह की मौजूदगी में नए कानून पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बीएसएफ को सीमा के 50 किमी के दायरे में कार्रवाई का अधिकार देने से आम लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों और अफसरों के बीच तालमेल बनने में दिक्कत आ रही है। वहीं बीएसएफ ने राज्य सरकार पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। इसके बाद सीएम ममता और बैठक में मौजूद बीएसएफ अफसरों के बीच बहस हो गई।
दरअसल केंद्र ने नए कानून के तहत बीएसएफ को कार्रवाई करने के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश या वारंट की जरूरत भी नहीं होगी, जबकि पुराने नियम के तहत बीएसएफ 15 किमी अंदर तक ही कार्रवाई कर सकती थी. बैठक में पश्चिम बंगाल के अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों या उनके प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
ईस्टर्न जोनल काउंसिल की बैठक में ममता बनर्जी ने डीवीसी (दामोदर वैली कॉर्पोरेशन) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सीएम ने शिकायत की कि डीवीसी ने पश्चिम बंगाल सरकार को बिना बताए पानी छोड़ दिया है फिर बाद में उसने कह दिया कि ऐसा नहीं किया है। इसके बाद अमित शाह ने समस्या का समाधान करने को कहा। केंद्रीय गृह मंत्री ने तीन दलों, डीवीसी, केंद्र और राज्य के प्रतिनिधियों के साथ एक समिति बनाने के लिए कहा है।

FIFA WC Final: अर्जेंटीना-फ़्रांस का फाइनल कब और कहां देखें, भारत में क्या रहेगा टाइम, पढ़ें पूरी डिटेल

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FIFA WC Final, Argentina vs France: फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप अब समाप्ति की तरफ है और हर किसी को इंतजार चैंपियन टीम का है। फाइनल मैच में अर्जेंटीना और फ़्रांस के बीच 18 दिसम्बर को खेला जाएगा। दोनों टीमों का प्रयास जीत दर्ज करते हुए खिताब हासिल करना होगा। इसके अलावा 17 दिसम्बर को क्रोएशिया और मोरक्को के बीच तीसरे स्थान के लिए भी मुकाबला होना है। अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच फाइनल मुकाबला लुसैल स्टेडियम में खेला जाएगा।
अर्जेंटीना ने साल 1978 और 1986 में खिताबी जीत दर्ज की थी। फ्रांस ने 1998 और 2018 में ख़िताब जीता था। फ्रांस का प्रयास रहेगा कि लगातार दूसरा वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया जाए। हेड टू हेड रिकॉर्ड की बात की जाए तो दोनों टीमों के बीच खेले गए 12 मैचों में 6 बार अर्जेंटीना ने और 3 बार फ्रांस ने जीत दर्ज की है। यहां अर्जेंटीना का पलड़ा भारी है।
अर्जेंटीना टीम वर्ल्ड कप में छठा फाइनल मैच खेल रही है। वहीँ फ़्रांस चौथी बार फाइनल में उतरेगी। अगर फ्रांस इस वर्ल्ड कप को जीतने में सफल रहती है, तो ख़िताब बचाने वाली तीसरी टीम बन जाएगी। इससे पहले इटली ने 1934 और 1938 में ऐसा किया था। ब्राजील ने 1958 और 1962 में लगातार दो वर्ल्ड कप खिताब जीते थे। इस बार फ्रांस के पास यह मौका है।
बीच फाइनल कब खेला जाएगा
अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच फीफा वर्ल्ड कप 2022 का फाइनल मुकाबला 18 दिसम्बर को खेला जाएगा।
कितने बजे और कहां खेला जाएगा
अर्जेंटीना और फ़्रांस के बीच फाइनल मुकाबला कतर के लुसैल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय समय के अनुसार यह मैच रात 8 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा।
लाइव टीवी पर कहां देखें
अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच फाइनल मैच लाइव टीवी पर देखा जा सकता है। स्पोर्ट्स 18 चैनल पर इसका सीधा प्रसारण देखा जा सकता है। OTT प्लेटफॉर्म में जियो सिनेमा और वेबसाईट पर फ्री में देखा जा सकता है।

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17 December 2022

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भर्ती घोटाला : OMR शीट में 3 और SSC सर्वर में मिले 53 नंबर ! हाईकोर्ट ने SSC से मांगा जवाब

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Teacher Recruitment Scam : पश्चिम बंगाल में सीबीआई नौवीं-दसवीं भर्ती भ्रष्टाचार मामले में धांधली के सबूत पहले ही कलकत्ता हाईकोर्ट (Culcutta High Court) में पेश कर चुकी है। इस बार कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने उस स्रोत से स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) का बयान जानने को कहा। केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा की गई जांच में पाया गया कि नौकरी के इच्छुक कई उम्मीदवारों को उत्तर पुस्तिका (OMR Sheet) में 1-2 अंक मिले लेकिन आयोग के सर्वर पर यही संख्या बढ़कर 50 से अधिक हो गई है।
इस संदर्भ में न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय की टिप्पणी उत्तर पुस्तिका (ओएमआर) में 3 अंक और स्कूल सेवा आयोग के सर्वर में 53 अंक हैं! उन्होंने आयोग के वकील से पूछा कि जादूगर पीसी सरकार के कनिष्ठ या वरिष्ठ के स्पर्श से अचानक संख्या बढ़ गई है।
एसएससी से कोर्ट ने मांगा जवाब
ओएमआर शीट में गड़बड़ी को लेकर शुक्रवार को कोर्ट ने आयोग से चार दिनों के भीतर इस संबंध में जवाब देने को कहा है। सीबीआई ने अदालत में दावा किया कि गाजियाबाद सर्वर से कक्षा नौवीं और दसवीं शिक्षक भर्ती परीक्षा की कई उत्तर पुस्तिकाएं या ओएमआर शीट बरामद की गईं. उन उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के बाद कई ऐसे भी हैं जिन्होंने ओएमआर शीट में एक या दो प्रश्नों का ही उत्तर दिया है, लेकिन 50 से ज्यादा अंक मिले! केंद्रीय जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि एसएससी की हार्ड डिस्क जांच का रुख पलट देगी।

Kharmas 2022 : खरमास शुरू ! जानिए इस माह क्या करें और क्या न करें

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Kharmas 2022 Date: 16 दिसंबर शुक्रवार को शाम: 7 बजकर 5 मिनट पर सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही खर मास प्रारंभ हो जाएगा। खर मास में विवाह, नूतन गृह प्रवेश, नया वाहन, भवन क्रय करना, मुंडन जैसे शुभ कार्यों पर एक माह के लिए प्रतिबंध लग जाएगा। यह खर मास 14 जनवरी 2022 को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही समाप्त हो जाएगा। छिंदवाड़ा के ज्‍योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी के अनुसार वैदिक ज्योतिष में गुरु को समस्त शुभ कार्यों का प्रतिनिधि ग्रह माना गया है। सूर्य जब गुरु की राशि धनु और मीन में प्रवेश करते हैं तो इससे गुरु निस्तेज हो जाते हैं, उनका प्रभाव समाप्त हो जाता है। शुभ कार्यों के लिए गुरु का पूर्ण बली अवस्था में होना आवश्यक है। इसलिए इस एक माह के दौरान शुभ कार्य करना वर्जित रहता है। खासकर विवाह तो बिलकुल नहीं किए जाते हैं क्योंकि विवाह के लिए सूर्य और गुरु दोनों को मजबूत होना चाहिए।
खरमास में कौन से कार्य ना करें
खर मास के दौरान सगाई, विवाह, नए घर में प्रवेश, वाहन खरीदना, मांगलिक कार्य, कोई भी नई वस्तु, यहां तक कि उत्तर भारत के कुछ राज्यों में तो खर मास के दौरान नया वस्त्र तक नहीं खरीदा जाता है। इस माह के दौरान घर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ नहीं किया जाता है।
खरमास में क्या करें
खर मास के प्रतिनिधि आराध्य देव भगवान विष्णु हैं। इसलिए इस माह के दौरान भगवान विष्णु की पूजा नियमित रूप से करना चाहिए। खर मास में आने वाली दोनों एकादशियों का भी विशेष महत्व होता है। इनमें व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान विष्णु का पूजन करने से समस्त सुखों की प्राप्ति होती है। इस मास में प्रतिदिन स्नानादि से निवृत होकर भगवान विष्णु के मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: का तुलसी की माला से एक माला जाप करें। इस दौरान पीपल के वृक्ष में नियमित जल और कच्चा दूध अर्पित करने से धन-सुख, वैभव की प्राप्ति होती है।
मकर संक्रांति पर्व पर समाप्त होता है खरमास
सूर्य एक माह बाद मकर राशि के प्रवेश करेगा। इस खास दिन को मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके दान किया जाता है। इस दिन से उत्तरायण प्रारंभ होता है जिसे देवताओं का दिन कहा गया है। विवाह समेत समस्त शुभ कार्य इस दिन से प्रारंभ हो जाते हैं। इसके बाद पुनः 15 मार्च 2023 से मीन संक्रांत होते ही खरमास प्रारंभ हो जाएंगे।
डिसक्लेमर : ‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’