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Tuesday, April 21, 2026
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Besharam Rang Deepika Padukone : दीपिका की बिकिनी और फिल्म के नाम पर मचा घमासान

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Besharam Rang Deepika Padukone: कहते हैं रंग का कोई धर्म नहीं होता लेकिन भारत के संदर्भ में ये बात लागू नहीं होती। समाज जब जात-पात में बंटा हो तो फिर रंग भी अपने पराए हो जाते हैं. तभी तो पठान फिल्म के गाने बेशर्म रंग में दीपिका पादुकोण की बिकिनी के रंग पर हंगामा मच गया है। एक्ट्रेस का ऑरेंज रंग की बिकिनी पहनना मानो मेकर्स के गले की फांस बन गया है। 2 दिन पहले रिलीज इस गाने को लकर जबरदस्त शोर मचा है। कभी इसमें नजर आ रही बोल्डनेस पर ऐतराज जताया जा रहा है तो कभी दीपिका की पहनी बिकिनी पर और अब तो साफ-साफ चेतावनी भी दे दी गई है कि फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा। शाहरुख खान की फिल्म पठान अगले महीने 25 जनवरी को रिलीज होने जा रहे हैं। 4 साल के बाद शाहरुख बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं और फिल्म की सफलता के लिए मक्का से लेकर वैष्णो देवी तक दर्शन कर चुके हैं लेकिन विवादों ने फिर भी फिल्म को घेर ही लिया है।
मध्यप्रदेश के गृह मंत्री हैं नरोत्तम मिश्रा जो इस गाने से जुड़े विवादों से अच्छी तरह वाकिफ हैं, लिहाजा उन्होंने भी खुलकर अपनी आपत्ति जताते हुए कहा है कि अगर निर्माता-निर्देशक ने इस फिल्म में बदलाव नहीं किया, तो राज्य सरकार फिल्म की रिलीज रोक भी सकती है। गृहमंत्री के मुताबिक- ‘दूषित मानसिकता के साथ फिल्माए गए गाने बेशर्म रंग में अभिनेता और अभिनेत्री को आपत्तिजनक रूप से हरे और भगवा रंग के कपड़े पहनाए गए हैं। इन कपड़ों के रंग, गाने के बोल और फिल्म के नाम (पठान) में भी सुधार की जरूरत है। वहीं गाने के टाइटल बेशर्म रंग को भी उन्होंने आपत्तिजनक बताया, वहीं उन्होंने साफ साफ कहा कि अगर बदलाव नहीं होते हैं तो फिल्म की रिलीज को लेकर विचार किया जाएगा।

News Hunt Daily Evening E-Paper

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14 December 2022

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14 December 2022

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अकाली दल के वरिष्ठ नेता रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा का निधन, पीजीआई में ली आखिरी सांस

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न्यूज हंट. चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में निधन हो गया।
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने ट्विटर पर कहा, “जत्थेदार रंजीत एस. ब्रह्मपुरा जी के निधन से शिरोमणि अकाली दल को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। जत्थेदार साब निरंतर शक्ति और प्रेरणा के स्रोत थे। उनकी अनुपस्थिति दुखदायी होगी।” मैं इस दुखद अवसर पर रविंदर एस. ब्रह्मपुरा और पूरे परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”

Harjot Singh Bains orders to deploy BM/ DM of education department in schools with immediate effect

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News Hunt, Chandigarh : The Punjab government led by Chief Minister Bhagwant Mann is making continuous efforts to make the ‘Mission-100 Percent’ campaign a success to bring a revolutionary reform in school education in the state.
It is under these efforts that today the Minister of School Education Punjab Harjot Singh Bains took a major decision and directed the District Education Officers to deploy 749 Block and District Mentors (BM and DM) of Science, Mathematics and English/Social Studies Subjects in schools with an immediate effect.
According to the Education Minister, at present 680 teachers of these subjects were doing field duty as block mentors and 69 teachers as district mentors instead of teaching in schools. According to S. Bains, the purpose of the ‘Mission-100 Percent’ campaign is not to get hype by presenting fake statistics but to increase the learning efficiency of every student by improving the quality of education.
Bains said he had received reports from some districts that departmental rules were not followed when making these deployments, which clearly state that no mentors be deployed in middle schools, but only one mentor in single-teacher middle schools can be deployed.
Similarly, making these deployments, schools in remote and backward areas which are suffering from staff crunch should be covered first. Then schools with 50% staff and is in a dire need for a teacher of a subject should be covered. Likewise, Mentors should be deployed in schools where there is no teacher of the concerned subject.
According to the Education Minister, prejudice or bias against any teacher should be avoided and these deployments should not be done in big schools where one a few posts are vacant, in urban areas or schools near cities.
Education Minister said that these deployments will be done till further orders and written orders in this regard will be issued today by the District Education Officers of the Secondary Department who are solely responsible for making these deployments transparent and effective manners.
Bains categorically said that now before the half-holiday, the teacher or head of any school will not mark as on-duty for any meeting or office work and if he has to go somewhere for urgent reasons, he must first get approval from the concerned District Education Officer.
Education Minister said that these teams will also focus on schools with low results and all the members of the improvement team will visit the classes of that school. Instead of teaching and giving instructions, they will act as model teachers by making unique presentations in front of teachers and students.
Bains said that he will not tolerate any kind of lapse as he is fully committed to provide quality education to the people of Punjab.

बादलों की बसों का चंडीगढ़ में दाखिला बंद ! अब केवल पंजाब सरकार की बसें ही हो सकेंगी चंडीगढ़ में दाख़िल

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न्यूज हंट. चंडीगढ़ : पंजाब से प्राईवेट बस माफ़िया को जड़ से ख़त्म करने के वायदे के साथ सत्ता की कमान संभालने वाली मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने एक और अहम फ़ैसला लेते हुए इंटर-स्टेट रूटों पर बादल परिवार और बड़े बस ऑपरेटरों की निजी बसों का एकाधिकार ख़त्म कर दिया है।
परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि बादल परिवार ने 2007 से 2017 की अपनी सरकारों के कार्यकाल के दौरान अपने निजी कारोबार चलाने की संकुचित नीति के अंतर्गत योजनाएं बनाईं, जिसमें उनके बाद की कांग्रेस सरकार ने भी बादलों के ट्रांसपोर्ट कारोबार चलाने में मदद की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा इसी मन्तव्य के अंतर्गत ‘पंजाब ट्रांसपोर्ट स्कीम-2018’ बनाई गई, जिसमें स्टेट शेयर घटाकर बड़े बस ऑपरेटरों को फ़ायदा तो पहुँचाया ही गया, जिसका सीधा फ़ायदा बादल परिवार को मिला, बल्कि चंडीगढ़ में बादल परिवार की बसों का दाखिला बादसतूर जारी रहा। इससे सरकारी खज़ाने को बड़े स्तर पर नुकसान पहुँचाया जाता रहा।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि ‘‘पंजाब ट्रांसपोर्ट स्कीम-2018’’ में संशोधन कर इसको ‘‘पंजाब ट्रांसपोर्ट (संशोधन) स्कीम-2022’’ कर दिया गया है। स्कीम के क्लॉज-3 के श्रृंखला नंबर-बी में संशोधन के साथ अब 100 प्रतिशत शेयर के साथ केवल राज्य सरकार की बसें ही चंडीगढ़ में दाख़िल हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि अंतरराज्यीय रूटों पर 39 या इससे अधिक सवारियों की क्षमता वाली एयर-कंडीशन्ड स्टेज कैरिज बसें केवल स्टेट ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग्ज द्वारा ही हर श्रेणी में उनके समूचे शेयर में से ही चलाई जाएंगी।
परिवहन मंत्री ने दोष लगाया कि बादल परिवार अपने निजी हितों के लिए खज़ाने को निरंतर सेंध लगाता रहा और अपने एवं अपने साथियों के कारोबार को बढ़ाने के लिए मनमर्जी की योजनाएं बनाता रहा, परन्तु मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार, सरकारी खज़ाने की कीमत पर बादलों के संकुचित हितों की पूर्ति नहीं होने देगी।

नए पटवारियों की भर्ती से लोगों को सेवाएं समय पर मुहैया होंगी: जिम्पा

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न्यूज हंट. चंडीगढ़ : पंजाब के राजस्व मंत्री ब्रम शंकर जिम्पा ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राजस्व विभाग की कारगुज़ारी में दिनों-दिन सुधार हो रहा है। पिछली सरकारों के दौरान राजस्व विभाग के कामकाज के तरीकों से आम जनता बहुत दुखी थी परन्तु जब से मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की सेवा संभाली है, लोगों के काम बिना सिफ़ारिश और बिना रिश्वत से हो रहे हैं।
जिम्पा ने कहा कि राजस्व विभाग में पिछले लम्बे समय से पटवारियों की बहुत कमी महसूस की जा रही थी, जिस कारण कई काम करवाने के लिए लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। परन्तु बीते दिनों पंजाब मंत्री मंडल द्वारा पटवारियों के 710 नए पद भरने की मंजूरी दे दी गई है। इससे पहले भी 1090 पटवारियों की भर्ती मुकम्मल की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से राजस्व रिकॉर्ड तैयार करने, रख- रखाव और पुराने रिकॉर्ड की देखभाल को और अधिक सुचारू तरीके से किया जा सकेगा। इसके अलावा आम लोगों को राजस्व विभाग से सम्बन्धित अलग-अलग सेवाएं समय पर मुहैया हो सकेंगी।
जिम्पा ने कहा कि राजस्व विभाग की कायाकल्प के लिए मान सरकार द्वारा और भी कई पुख़्ता कदम उठाए गए हैं, जिसका आम लोगों को बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि स्टैंप पेपरों की खरीद को सरल बनाने के लिए ई-स्टैंप पेपर की सुविधा शुरू की गई है। इसके अंतर्गत हर कीमत के स्टैंप पेपर जारी किये जा रहे हैं। इसके अलावा घरेलु तक्सीम की प्रक्रिया को असरदार और प्रभावी बनाने के लिए एक वैबसाईट https://eservices.punjab.gov.in शुरू की गई है। राजस्व मंत्री के अनुसार पंजाब के 7520 गाँवों के नक्शों और 46861 मुसावी शीटों को डिजीटाईज़्ड किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की सेवाओं को और अधिक लोक हितैषी और सरल बनाने के प्रयास जारी हैं।

अब SSP चंडीगढ़ को समय से पहले रिलीन करने पर विवाद; CM मान ने राज्यपाल को पत्र लिख जताई नराजगी

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न्यूज हंट. चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज राज्य के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित को पत्र लिखकर चंडीगढ़ के एस.एस.पी. के पद से पंजाब काडर के आई.पी.एस. अधिकारी को हटा देने पर रोष ज़ाहिर किया है।
पंजाब के राज्यपाल को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने उनको अवगत करवाया कि केंद्र शासित प्रदेश, चंडीगढ़ के एस.एस.पी. के पद पर पारंपरिक तौर पर पंजाब काडर का आई.पी.एस. अधिकारी ही तैनात होता है। इसी तरह यू.टी. का डिप्टी कमिश्नर हरियाणा काडर का आई.ए.एस. अधिकारी नियुक्त होता है। भगवंत मान ने कहा कि उनको यह जानकर हैरानी हुई है कि पंजाब काडर के साल 2009 के आई.पी.एस. अधिकारी कुलदीप सिंह चाहल को समय से पहले ही पंजाब वापस भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य के लिए यह और भी दुख की बात है कि चंडीगढ़ के एस.एस.पी. के पद पर हरियाणा काडर का आई.पी.एस. अधिकारी नियुक्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह से ग़ैर-वाजिब है, क्योंकि इससे यू.टी. के मामलों को चलाने में राज्यों के दरमियान संतुलन बिगड़ रहा है। भगवंत मान ने कहा कि यदि किसी कारण एस.एस.पी. कुलदीप सिंह चाहल को वापस भेजना ही था तो पहले पंजाब से आई.पी.एस. अधिकारियों का पैनल माँग लेना चाहिए था।
इस मामले में राज्यपाल के दख़ल की माँग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एस.एस.पी. चंडीगढ़ के पद के लिए पंजाब काडर के तीन आई.पी.एस. अधिकारियों का पैनल भेजेगी। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि पंजाब काडर का आई.पी.एस. अधिकारी जल्द ही एस.एस.पी. चंडीगढ़ के पद पर नियुक्त होगा।

CM भगवंत मान की दो टूक- जेलों में किसी भी तरह की सुरक्षा में कोताही के लिए अधिकारी व स्टाफ निजी तौर पर होगा जिम्मेदार

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न्यूज हंट. नाभा (पटियाला) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य भर की जेलों में किसी भी तरह की सुरक्षा में कोताही के लिए अधिकारियों और स्टाफ को निजी तौर पर जि़म्मेदार ठहराया जायेगा।
यहाँ नयी जि़ला जेल का मुआइना करने पहुँचे मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य भर की जेलों में वैज्ञानिक तरीकों के आधार पर पुख़्ता सुरक्षा ढांचा मुहैया किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जेलों में सुरक्षा तंत्र को समय के साथी बनाने के लिए विभाग को वाहन मुहैया करने के साथ-साथ जेलों में जैमरों, डोर मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरण पहले ही लगा दिए गए हैं। भगवंत मान ने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि अभी भी जेलों में मोबाइल और नशे मिलने की रिपोर्टें आ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल स्टाफ की ऐसी कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी इस तरह की कोताहियों के लिए जि़म्मेदार पाया गया, उसके खि़लाफ़ सख़्त कदम उठाया जायेगा। भगवंत मान ने कहा कि ऐसी कोताहियों के लिए जेलों की कार्यप्रणाली की देख-रेख कर रहे अधिकारियों को जि़म्मेदार ठहराया जायेगा और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
जेलों में नशों और मोबाईलों की सप्लाई पर सख़्ती से नकेल कसने की ज़रूरत की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इस ग़ैर-कानूनी कवायद को रोकने के लिए अधिकारियों को आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जेलों की सुरक्षा को राज्य सरकार सबसे अधिक प्राथमिकता दे रही है और इसके साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जेल बंदियों के बीच अनुशासनहीनता की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए भगवंत मान ने आगे कहा कि अधिकारी उचित कदम उठाकर इस रुझान पर नकेल कसें।

28 दिसंबर को पंजाब के इस जिले में छुट्टी का ऐलान, स्कूल-कॉलेज भी रहेंगे बंद

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पंजाब सरकार ने 28 दिसंबर को फतेहगढ़ साहिब में सजाए जाने वाले नगर कीर्तन के उपलक्ष्य में सरकारी दफ्तरों, बोर्डों, कार्पोरेशनों व शिक्षक संस्थाओं में छुट्टी का ऐलान किया है।