30.2 C
Jalandhar
Monday, April 20, 2026
Home Blog Page 496

बलजीत सिंह दादूवाल का HSGPC अध्यक्ष पद से इस्तीफा, साल 2020 में 2 वोटों से हासिल की थी जीत

0

बलजीत सिंह दादूवाल (Baljit Singh Daduwal) ने हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGPC) अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। 2020 में उन्होंने छठी एवं नौंवी पातशाही गुरुद्वारा में हुए चुनाव में झींडा गुट के जसबीर सिंह खालसा को 2 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। हरियाणा सरकार (Haryana Govt) की ओर से 38 सदस्यों वाली एडहॉक कमेटी (Adhoc Committee) का गठन कर दिया है। अब एक साल में HSGPC के चुनाव करवाए जाएंगे।
कमेटी में अंबाला से 4, फरीदाबाद-2, कैथल, करनाल से 4-4, कुरुक्षेत्र से 3, पंचकूला और पानीपत में 2-2, सिरसा से 6 और यमुनानगर से 5 और भिवानी, हिसार, जींद, महेंद्रगढ़, नूंह और रोहतक में 1-1 सदस्य चुने गए हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरियाणा में गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए बनाए गए एचएसजीपीसी विधेयक-2014 को संवैधानिक करार दिया गया है।

News Hunt Daily Evening E-Paper

0

13 December 2022

Page 1

#news #breakingnews #epaper #Newshunt #latestnews #LatestUpdates #latestupdates #indianewstodaylive

News Hunt Daily Evening E-Paper

0

13 December 2022

Page 4

#news #breakingnews #epaper #Newshunt #latestnews #LatestUpdates #latestupdates #indianewstodaylive

नशों के विरुद्ध जंग के 5 महीनों के दौरान पंजाब पुलिस ने 1244 बड़ी मछलियों समेत 8755 नशा-तस्करों को किया गिरफ़्तार; 473 किलो हेरोइन की बरामद

0

न्यूज हंट. चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा नशों को जड़ से खत्म करने के लिए शुरु की गई जंग छठे महीने में दाखि़ल हो गई है, जिसके अंतर्गत पंजाब पुलिस ने 5 जुलाई 2022 से अब तक 1244 बड़ी मछलियों समेत 8755 नशा-तस्करों को गिरफ़्तार किया है। इस समय के दौरान पुलिस द्वारा 746 व्यापारिक मामलों समेत कुल 6667 एफ.आई.आरज़ दर्ज की गई हैं।
आज यहाँ अपनी साप्ताहिक प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) हैडक्वाटर सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि पुलिस टीमों ने राज्य भर के संवेदनशील स्थानों और नशा प्रभावित इलाकों में नाकाबंदी और तलाशी मुहिम चलाकर 325.55 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। इसके अलावा, पंजाब पुलिस की टीमों द्वारा गुजरात और महाराष्ट्र की बंदरगाहों से 147.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी, जिससे केवल पाँच महीनों में हेरोइन की कुल रिकवरी 473.5 किलोग्राम हो गई है।
आईजीपी ने बताया कि हेरोइन की बड़ी खेप बरामद करने के अलावा पुलिस ने राज्य भर से 350 किलो अफ़ीम, 355 किलो गाँजा, 211 क्विंटल भुक्की और फार्मा ओपीऑयड्ज़ की 28.96 लाख गोलियाँ/कैप्सूल/टीके/ शीशियाँ भी बरामद की हैं। पुलिस ने इन पाँच महीनों में गिरफ़्तार किए नशा-तस्करों के कब्ज़े से 5.80 करोड़ रुपए की ड्रग मनी भी बरामद की है।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की टीमों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ तालमेल कर केवल एक हफ़्ते में ड्रोन के द्वारा फेंकी गई 15.34 किलोग्राम हेरोइन बरामद कर सरहद पार से तस्करी को बड़ा झटका दिया है। पुलिस ने चार ड्रोन भी बरामद किए हैं।
गौरतलब है कि 29 नवंबर को खेमकरन की बॉर्डर आऊटपोस्ट (बीओपी) हरभजन के अधिकार क्षेत्र में 6.68 किलोग्राम हेरोइन के छह पैकेट के साथ लोडिड हैक्साकॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया था, जिसके अगले ही दिन खालड़ा के गाँव वण तारा सिंह के इलाके में एक टूटा क्वाडकॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया था।
इसी तरह 2 दिसंबर को तरनतारन के खेमकरन क्षेत्र से 5.60 किलोग्राम हेरोइन के पाँच पैकेट के साथ लोडिड हैक्साकॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया था, जबकि अगली रात को तरनतारन में बार्डर आऊटपोस्ट (बीओपी) कालिया के क्षेत्र में से 3.06 किलोग्राम हेरोइन के तीन पैकेट के साथ लोडिड क्वाडकॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया था।
आईजीपी ने बताया कि 21 नवंबर को अमृतसर से राजस्थान के दो नशा-तस्करों के पास से 13 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी सम्बन्धी अगली जांच के दौरान उनके दो साथियों को गिरफ़्तार किया गया और उनकी पूछताछ के आधार पर बी.एस.एफ. के सहयोग से पुलिस टीमों ने बाद में फिऱोज़पुर के सरहदी क्षेत्र से 10 एके- 47 असॉल्ट राईफलें और 10 विदेशी .30 बोर के पिस्तौल बरामद किए।
साप्ताहिक अपडेट देते हुए आईजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस ने पिछले एक हफ़्ते में 21 व्यापारिक मामलों समेत 197 एफ.आई.आरज़ दर्ज करके 247 नशा-तस्करों/सप्लायरों को गिरफ़्तार किया है और उनके पास से 45.55 किलो हेरोइन, 16.62 किलो अफ़ीम, 4.80 किलो गाँजा, 3.60 क्विंटल भुक्की, फार्मा ओपीऑयड्ज़ की 28305 गोलियाँ/कैप्सूल/टीके/शीशियों के अलावा 55.25 लाख रुपए की ड्रग मनी बरामद की है।
उन्होंने कहा कि 5 जुलाई, 2022 को भगौड़ों को गिरफ़्तार करने के लिए शुरू की गई विशेष मुहिम के अंतर्गत पिछले एक हफ़्ते में एनडीपीएस मामलों में 15 और भगौड़े गिरफ़्तार किए जाने के साथ गिरफ़्तारियों की कुल संख्या 562 हो गई है।
गौरतलब है कि डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डी.जी.पी.) पंजाब गौरव यादव ने सभी सीपीज़/एसएसपीज़ को सख़्त हिदायतें दी थीं कि वह हरेक मामले ख़ास तौर पर ड्रग रिकवरी से सम्बन्धित मामलों में अगले-पिछले संबंधों की बारीकी से जांच करें, चाहे यह नशे की मामूली मात्रा की बरामदी ही हो।
जि़क्रयोग्य है कि पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने सम्बन्धी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत पंजाब पुलिस द्वारा सरहदी राज्य पंजाब से नशों की कुप्रथा पर नकेल कसने के लिए व्यापक नशा विरोधी मुहिमें चलाई जा रही हैं। डीजीपी द्वारा सभी सीपीज़/एसएसपीज़ को सभी नामी नशा तस्करों को काबू करने और अपने अधिकार क्षेत्रों में नशा तस्करी वाले संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करने के सख़्त हुक्म दिए गए हैं। उन्होंने पुलिस प्रमुखों को यह भी हिदायत की कि पकड़े गए सभी नशा तस्करों की जायदाद ज़ब्त की जाए, जिससे उनसे नाजायज राशि बरामद की जा सके।

जे.डी.ए. द्वारा रिहायशी प्लॉटों और बूथों की ई-नीलामी शुरू , रिहायशी प्लॉटों के लिए शुरुआती कीमत 32.79 लाख रुपए रखी

0

न्यूज हंट. चंडीगढ़ : जालंधर विकास अथॉरिटी (जेडीए) द्वारा कपूरथला और सुल्तानपुर लोधी में स्थित रिहायशी प्लॉटों और बूथों की ई-नीलामी शुरू की गई है। यह ई-नीलामी आज सुबह 9 बजे से शुरू हो गई है, जो 19 दिसंबर को दोपहर 1 बजे समाप्त होगी। आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग के प्रवक्ता को बताया कि कपूरथला और सुल्तानपुर लोधी में स्थित कुल 19 जायदादें नीलामी के लिए उपलब्ध हैं।
इस ई-नीलामी में उपलब्ध जायदादों के विवरण देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि रिहायशी प्लॉटों की शुरुआती कीमत 32.79 लाख रुपए और बूथों के लिए यह कीमत 14.64 लाख रुपए रखी गई है। उन्होंने बताया कि इच्छुक बोलीदाताओं को नीलामी की प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए ई-ऑक्शन पोर्टल www.puda.e-auctions.in पर अपने आप को रजिस्टर करना होगा। इस पोर्टल पर नीलामी के लिए पेश जायदादों के विवरण और ई-नीलामी के नियम और शर्तें भी उपलब्ध हैं।
प्रवक्ता ने आगे बताया गया कि सफल बोलीदाताओं को बोली की कीमत का 25 फीसदी अदा करने पर सम्बन्धित साइट का कब्ज़ा दे दिया जायेगा और सालाना 9.5 फीसद ब्याज दर पर किस्तों में बकाया रकम की अदायगी करनी होगी।

पंजाब के अलग-अलग विभागों में हर साल होंगी भर्तियां, जाने पंजाब मंत्रीमंडल ने और क्या-क्या फैसले लिए

0

न्यूज हंट. चंडीगढ़ : राज्य के नौजवानों के लिए रोजग़ार के नए अवसर सृजन करने के उद्देश्य से अहम फ़ैसला लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में मंत्री मंडल ने आने वाले चार सालों में 1200 सब-इंस्पेक्टरों और 7200 कॉन्स्टेबलों समेत 8400 पुलिस कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए हरी झंडी दे दी है।
यह फ़ैसला आज यहाँ पंजाब सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्री मंडल की बैठक के दौरान लिया गया।
यह प्रगटावा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि अगले चार सालों में हरेक साल 1800 कॉन्स्टेबल और 300 सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती की जाएगी, जिससे आने वाले सालों में पुलिस कर्मचारियों के सेवा-मुक्त होने से खाली होने वाले पदों को भरा जा सके। प्रवक्ता के मुताबिक हरेक साल 2100 पदों के लिए तकरीबन ढाई लाख उम्मीदवारों के अप्लाई करने की उम्मीद है। यह सभी उम्मीदवार लिखित परीक्षा पास करने के साथ-साथ अपनी शारीरिक तंदरुस्ती के इम्तिहान से भी गुजऱेंगे। भर्ती प्रक्रिया से नौजवानों की असीमित ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जायेगा और नशों एवं बुरी संगत से दूर रखने में मदद मिलेगी।
इसी तरह यह भर्ती राज्य के नौजवानों के लिए रोजग़ार के नए अवसर सृजन करेगी। प्रवक्ता के मुताबिक भर्ती सम्बन्धी विज्ञापन, इम्तिहान करवाने और नतीजों के ऐलान के लिए तय प्रक्रिया होगी। इस प्रक्रिया के अंतर्गत जनवरी महीने में विज्ञापन जारी किया जायेगा और लिखित परीक्षा मई-जून महीने करवाई जायेगी। इसी तरह सितम्बर महीने में फिजिकल टैस्ट होगा और नवंबर में नतीजा घोषित किया जायेगा।
राजस्व विभाग में पटवारियों के 710 पद भरने की मंजूरी
राजस्व विभाग के कामकाज को और अधिक सुचारू बनाने के उद्देश्य से मंत्री मंडल ने विभाग में राजस्व पटवारियों के 710 पद भरने की मंजूरी दे दी है। इस कदम से राजसव रिकॉर्ड तैयार करने, रख-रखाव और पुराने रिकॉर्ड की देखभाल को सुनिश्चित बनाना है, जिससे आम लोगों को यह सेवाएं समय पर मुहैया हो सकें।
NCC के कामकाज के लिए पैस्को के द्वारा 203 कर्मचारी नियुक्त करने की मंजूरी
नेशनल कैडिट कोर (एन.सी.सी.) की गतिविधियों को सुचारू ढंग से चलाने के लिए उच्च शिक्षा और भाषाओं विभाग को एन.सी.सी., मुख्य कार्यालय, इकाईयों और केन्द्रों के लिए पैस्को के द्वारा आऊटसोर्सिंग के अंतर्गत 203 कर्मचारी नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। यह फ़ैसला एन.सी.सी. यूनिटों में रेगूलर भर्ती होने तक मानव संसाधन की गंभीर कमी के मुद्दे को तत्काल तौर पर हल करने में सहायक सिद्ध होगा। इससे एन.सी.सी. यूनिटों को प्रभावी ढंग से चलाने में और मदद मिलेगी, जिससे एन.सी.सी. कैडिटों के रूप में विद्यार्थियों के दाखि़लों में वृद्धि होगी।
EMF की दोहरी अदायगी बंद करने के लिए नई क्रशर नीति में संशोधन को मंजूरी
क्रशर मालिकों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने पर्यावरण प्रबंधन कोष (ई.एम.एफ.) की दोहरी अदायगी रोकने के लिए नई क्रशर नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। पहले ही नोटीफायी हो चुकी नई क्रशर नीति के मुताबिक ई.एम.एफ. की अदायगी एक रुपए प्रति क्यूबिक फुट की दर से करनी अनिवार्य है, जो क्रशर मालिकों को अपनी रिटरनों के साथ जमा करवानी होती है। नई नीति के मुताबिक एक ही रेते पर स्क्रीनिंग प्लांटों और क्रशरों को दो बार ई.एम.एफ. की अदायगी करनी पड़ती है। इस कारण अंतिम उत्पाद सामग्री की लागत में बड़ी वृद्धि होती है और तैयार उत्पाद की बिक्री कीमत, इन्पुट लागत में वृद्धि हो जाने के कारण सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर व्यावहारिक नहीं होती। इसके अलावा यह सामग्री को दो बार चार्ज करने के बराबर है। इसलिए क्रशर मालिकों की माँग पर विचार करते हुए फ़ैसला किया गया कि अगर सत्यापन करने पर यह पाया जाता है कि पर्यावरण प्रबंधन कोष की रकम स्क्रीनिंग पलांट द्वारा पहले ही उस मात्रा के लिए अदा की जा चुकी है, जो खुले बाज़ार में बेची गई और सीधे उपभोक्ताओं को नहीं बेची गई, तो ऐसी स्थिति में पर्यावरण प्रबंधन कोष की रकम को स्क्रीनिंग प्लांट को दो महीनों के अंदर-अंदर वापस किया जायेगा।
क्रशर इकाईयों को तीन किस्तों में सुरक्षा राशि जमा करवाने की छूट
कैबिनेट ने क्रशर इकाईयों को अपनी सुरक्षा राशि की अदायगी छह महीनों में तीन किस्तों में जमा करवाने की छूट भी दे दी है।
उत्तरी भारत नहर और ड्रेनेज एक्ट, 1873 में संशोधन का फ़ैसला
कैबिनेट ने ग़ैर-सिंचाई मंतव्य के लिए नहरों/ नदियों के पानी का प्रयोग के खर्चों सम्बन्धी उत्तरी भारत नहरी और ड्रेनेज नियम, 1873 की धारा 75 के साथ पढ़ी गई धारा 75 में संशोधन को मंज़ूरी दी गई। इस फ़ैसले से राज्य सरकार को हर साल 186 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होगा।
‘दी सैलरीज़ एंड अलाऊंसिज़ ऑफ दी चीफ़ विह्प इन पंजाब लैजिसलेटिव असेंबली एक्ट, 2022’ बनाने की मंज़ूरी
कैबिनेट ने ‘दी सैलरीज़ एंड अलाऊंसिज़ ऑफ दी चीफ़ विह्प इन पंजाब लैजिसलेटिव असेंबली एक्ट, 2022’ बनाने की मंज़ूरी भी दे दी। भारतीय संसदीय प्रणाली में पार्टी का चीफ़ विह्प अहम रोल निभाता है और सदन की कार्यवाही सुचारू और प्रभावशाली तरीके से चलाना सुनिश्चित बनाता है। इसलिए सरकार ने बहुमत वाली पार्टी के चीफ़ विह्प को राज्य सरकार के मंत्रियों के बराबर दर्जा, वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएं देने का फ़ैसला किया है।

पंजाबी बोलने पर पाबंदी लगाने वाली शिक्षा संस्थाओं पर होगी सख़्त कार्रवाई, CM भगवंत मान ने दी चेतावनी

0

न्यूज हंट. पटियाला : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज सख़्त ताडऩा करते हुए कहा है कि जो कोई शिक्षा संस्थाएं अपने कैंपस में पंजाबी भाषा बोलने पर पाबंदी लगाएंगी, उनके विरुद्ध राज्य सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।
यहाँ पंजाबी यूनिवर्सिटी में अंतर-यूनिवर्सिटी युवा मेले के आखिऱी दिन जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके ध्यान में आया है कि कुछ शिक्षा संस्थाएं अपने कैंपस में पंजाबी बोलने पर जुर्माने लगा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह ग़ैर-वाजिब है क्योंकि राज्य में रहने वाले सभी पंजाबियों की मातृभाषा पंजाबी है। भगवंत मान ने ऐसी शिक्षा संस्थाओं को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने ऐसे जुर्माने लगाए तो उनके खि़लाफ़ सख़्त कदम उठाया जायेगा।
पंजाब को दुनिया भर में अग्रणी राज्य बनाने के लिए नौजवानों को सक्रिय भूमिका निभाने और पंजाब सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पास नौजवानों की अथाह ताकत और कौशल का भंडार है, जो समाज में रचनात्मक बदलाव लाने के लिए हमेशा प्रेरक के तौर पर काम करता है। उन्होंने कहा कि समय आ गया है जब नौजवान राज्य और समाज के सामाजिक-आर्थिक विकास में रचनात्मक योगदान दें। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के कल्याण और तरक्की के लिए प्रतिबद्ध है और इस महान कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरूओं, पीरों-फकीरों, पैगंबरों और संतों की धरती है, जिन्होंने पंजाबियों को ज़ुल्म और बेइन्साफ़ी के विरुद्ध लडऩे की शिक्षा दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब हरेक संकट के बाद में विजेता बनकर उभरा है और सफलता की नई कहानी लिखी है। भगवंत मान ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब राज्य सरकार की अथक कोशिशों से राज्य की पुरातन शान बहाल होगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा हरेक व्यक्ति की सफलता के लिए कुंजी का काम करती है और राज्य के नौजवानों को मानक शिक्षा सुनिश्चित बनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। भगवंत मान ने कहा कि राज्य के शिक्षा ढांचे की मज़बूती और कायाकल्प के लिए राज्य सरकार के पास बड़ी संख्या में फंड मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नौजवानों को नौकरियाँ देने के लिए बड़े स्तर पर कोशिशें कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अलग-अलग विभागों में भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। भगवंत मान ने बताया कि अब तक 20,000 से अधिक सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र नौजवानों को सौंप दिए हैं और अन्य भर्ती प्रक्रिया अधीन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजग़ार के नए अवसर सृजन करने के लिए राज्य सरकार पंजाब को औद्योगिक केंद्र के तौर पर विकसित करने के लिए बड़ी कोशिशें कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार से पहली सरकारों के समय के दौरान नए प्रोजैक्टों के लिए एम.ओ.यू. सत्ताधारी जमात के परिवारों के साथ होता था, परन्तु अब यह समझौते पंजाब और पंजाबियों के भले के ख़ातिर राज्य सरकार के साथ किए जा रहे हैं। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों के स्वरूप बड़े औद्योगिक दिग्गज राज्य में अपने-अपने प्रोजैक्ट स्थापित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मनोरथ राज्य के नौजवानों को नौकरियाँ लेने वाले नहीं बल्कि नौकरियाँ देने के योग्य बनाना है। उन्होंने कहा कि नौजवानों को कौशल विकास की शिक्षा देने पर ध्यान दिया जा रहा है, जिससे उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने नौजवानों के लिए रोजग़ार के अवसर पैदा करने के लिए कई प्रयास किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की खुशकिस्मती है कि जी-20 के दो सत्र राज्य में हो रहे हैं, जिनमें से शिक्षा के विषय पर पहला सत्र 15, 16 और 17 मार्च को होगा, जबकि रोजगार विषय पर दूसरा सत्र 22-23 जून को होगा। उन्होंने कहा कि राज्य को दुनिया भर में उसकी गरिमापूर्ण मेज़बानी के तौर पर जाना जाता है और इन विशेष समारोहों में शिरकत कर रहे मुल्कों के मेहमानों के स्वागत में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी।
भगवंत मान ने कहा कि यह सत्र अमृतसर की पवित्र धरती पर होंगे, जहाँ रोज़ लाखों श्रद्धालू श्री दरबार साहिब, दुरग्याना मंदिर, श्री राम तीर्थ, जलियांवाला बाग़ और अन्य स्थानों पर नतमस्तक होने के लिए आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस सम्मेलन में शामिल होने वाले आदरणीयों के आरामदायक ठहरने के लिए पुख़्ता प्रबंध करेगी। उन्होंने कहा कि मेहमानों के अच्छे से ठहरने के अलावा उनको रिवायती पंजाबी खाने भी परोसे जाएंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया भर से आने वाले मेहमानों के आगे सांस्कृतिक समारोहों के दौरान पंजाबी सभ्याचार की झलक पेश की जायेगी। भगवंत मान ने कहा कि यदि राज्य के अन्य जिलों में जाने की इच्छा अभिव्यक्त की तो उनको खेल के केंद्र के तौर पर जाने जाते जालंधर आदि स्थानों पर ले जाने के बंदोबस्त किये जाएंगे।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर और चेतन सिंह जौड़ामाजरा के अलावा मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव कुमार अमित और पंजाबी यूनिवर्सिटी के उप कुलपति प्रो. अरविन्द और अन्य उपस्थित थे।

काबुल के ‘चाइनीज होटल’ में बड़ा धमाका, फायरिंग करते हुए घुसे हमलावर, 3 की मौत और 18 घायल

0

अफगानिस्तान के काबुल (Kabul) में सोमवार दोपहर एक धमाका हुआ। काबुल के शहर-ए-नवा इलाके के होटल को हमलावरों ने निशाना बनाया है। इस होटल को चाइनीज होटल कहा जाता है क्योंकि यहां वरिष्ठ चीनी अधिकारी अक्सर आते-जाते रहते हैं। अब तक, हमलावरों की पहचान अज्ञात है, हालांकि होटल परिसर से तेज गोलियों और धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।इस हमले में 3 लोगों की मौत हुई है और 18 लोग घायल हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक हमलावर होटल के अंदर गोलियां चलाते हुए घुसे थे। अब तक मिली जानकारी के हिसाब से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हमलावरों की साजिश है कि लोगों को अंदर ही बंदी बनाया जाए। घटना स्थल से आ रहे वीडियोज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे इमारत से बाहर की ओर आग की लपटें निकल रही हैं।
स्थानीय मीडिया संवाददाता ने हमले के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘काबुल शहर में एक चीनी होटल पर हमला हुआ। होटल के अंदर घुसे कुछ हमलावरों ने गोलीबारी की।’ स्थानीय मीडिया हाउस टोलो न्यूज के मुताबिक सुरक्षा के लिए जवान घटना स्थल पर पहुंच गए हैं और घटना स्थल की ओर जाने वाले रास्तों को ब्लॉक कर दिया है।

FIFA World Cup 2022 : सेमीफाइनल से पहले मचा बवाल, मेसी से भिड़ने वाले रेफरी की हुई छुट्टी

0

FIFA World Cup 2022 में सेमीफाइनल से पहले विवाद हो गया है। मंगलवार देर रात अर्जेंटीना और क्रोएशिया के बीच मुकाबला होना है। इस बीच फीफा ने बड़ा फैसला लिया है और विवादित रेफरी Mateu Lahoz को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया है। ऐसा तब हुआ है जब अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने Mateu Lahoz के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अर्जेंटीना और नीदरलैंड्स के बीच हुए क्वार्टर फाइनल मैच में Mateu Lahoz ही रेफरी थे और उनके कई फैसले विवाद की वजह बना थे। यहां तक कि उनकी लियोनेल मेसी (Lionel Messi) समेत अन्य अर्जेंटीना के खिलाड़ियों से भिड़ंत भी हो गई थी।
स्पेनिश रेफरी Mateu Lahoz ने अर्जेंटीना और नीदरलैंड्स के मैच में कुल 15 येलो कार्ड्स दिखाए थे, इनमें से एक कार्ड लियोनेल मेसी को भी दिखाया गया था। इतना ही नहीं रेफरी के कई फैसलों के कारण मैदान पर हाथापाई की नौबत भी आ गई थी। अब फीफा द्वारा Mateu Lahoz के खिलाफ एक्शन लिया गया और वर्ल्ड कप के बचे बाकी चार मैच में उन्हें कोई भी ड्यूटी नहीं दी गई है। अभी दो सेमीफाइनल, एक तीसरे प्लेस के लिए मैच और फाइनल मुकाबला बाकी है।
नीदरलैंड्स के खिलाफ हुए मैच के बाद लियोनेल मेसी ने कहा था कि रेफरी के बारे में वह बात नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि अगर आप रेफरी को लेकर कुछ कहेंगे तो वह एख्शन लेंगे लेकिन फीफा को उनके बारे में सोचना चाहिए, क्योंकि जो काम करने के लिए लायक ना हो आप उसे ऐसी जगह पर रेफरी नहीं रखेंगे।
आपको बता दें कि अर्जेंटीना और नीदरलैंड्स के बीच मैच का नतीजा पेनल्टी शूटआउट से निकला था जिसमें अर्जेंटीना ने बाजी मारी थी। अब अर्जेंटीना का मुकाबला पहले सेमीफाइनल में क्रोएशिया से होना है। यह मेसी का आखिरी वर्ल्ड कप है, ऐसे में उनके लिए वर्ल्ड कप का सपना पूरा करने का आखिरी मौका है।

News Hunt Daily Evening E-Paper

0

12 December 2022

Page 4

#news #breakingnews #epaper #Newshunt #latestnews #LatestUpdates #latestupdates #indianewstodaylive