ਮਿਸ਼ਨ ਫਤਿਹ 2.0 ਤਹਿਤ ਪਿੰਡ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਕਰੋਨਾ ਮਹਾਂਮਾਰੀ ਨੂੰ ਠਲ੍ਹ ਪਾਉਣ ਲਈ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਮੁਹਿੰਮ ਜਾਰੀ-ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ
ਪਠਾਨਕੋਟ, 25 ਮਈ 2021 ( ਨਿਊਜ਼ ਹੰਟ ) -ਕੋਰੋਨਾਵਾਇਰਸ ਦੀ ਮਹਾਂਮਾਰੀ ਦੇ ਚੱਲਦਿਆਂ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਮਿਸ਼ਨ ਫਤਿਹ ਤਹਿਤ 285 ਕੋਰੋਨਾ ਪਾਜੀਟਿਵ ਮਰੀਜ ਅੱਜ ਕੋਵਿਡ-19 ਵਿਰੁੱਧ ਜੰਗ ਜਿੱਤ ਕੇ ਸਿਹਤਯਾਬ ਹੋਏ। ਇਹ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਸ੍ਰੀ ਸੰਯਮ ਅਗਰਵਾਲ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਪਠਾਨਕੋਟ ਨੇ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਕਰੋਨਾ ਨੂੰ ਮਾਤ ਦਿੱਤੀ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਅਪਣੇ ਨਜਦੀਕੀ, ਰਿਸਤੇਦਾਰ ਅਤੇ ਹੋਰ ਲੋਕਾਂ ਨੂੂੰ ਕੋਰੋਨਾ ਦੀਆਂ ਸਾਵਧਾਨੀਆਂ ਬਾਰੇ ਜਾਗਰੂਕ ਜਰੂਰ ਕਰਨ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕੋਵਿਡ-19 ਦੀ ਜਾਂਚ ਹੁਣ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੈਂਪÇਲੰਗ ਵਿੱਚੋਂ 17067 ਨਮੂਨਿਆਂ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ਪਾਜ਼ੀਟਿਵ ਆਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਹੁਣ ਤੱਕ 14897 ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੇ ਕਰੋਨਾ ਨੂੰ ਹਰਾ ਕੇ ਤੰਦਰੁਸਤ ਹੋ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਅੰਦਰ ਇਸ ਸਮੇਂ 1816 ਐਕਟਿਵ ਕੇਸ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਆਏ ਦਿਨ ਕਰੋਨਾ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦਾ ਠੀਕ ਹੋਣਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਵਾਸੀਆਂ ਲਈ ਚੰਗੀ ਖਬਰ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰੰ ਮਹਾਂਮਾਰੀ ਖਿਲਾਫ਼ ਲੜਨ ਲਈ ਸਾਵਧਾਨੀਆਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਿਸ਼ਨ ਫਤਿਹ 2.0 ਤਹਿਤ ਪਿੰਡ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਕਰੋਨਾ ਮਹਾਂਮਾਰੀ ਤੇ ਜਿੱਤ ਪਾਉਣ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਮੁਹਿੰਮ ਜਾਰੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿੰਡਾਂ ਅੰਦਰ ਹਰੇਕ ਘਰ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚ ਕਰਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕਰੋਨਾ ਦੇ ਮਾੜੇ ਪ੍ਰਭਾਵਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣੂ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਸੱਕੀ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੇ ਮੌਕੇ ਤੇ ਕੋਵਿਡ ਜਾਂਚ ਲਈ ਨਮੂਨੇ ਲਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।
ਉਨਾਂ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੋਰੋਨਾ ਵਾਇਰਸ ਇੱਕ ਖਤਰਨਾਕ ਮਹਾਂਮਾਰੀ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਵਿਅਕਤੀ ਵਿੱਚ ਕੋਰੋਨਾ ਸਬੰਧੀ ਲੱਛਣ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਟੈਸਟ ਲਈ ਖੁਦ ਸਰਕਾਰੀ ਸਿਹਤ ਸੰਸਥਾ ਵਿੱਚ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਉਸ ਦਾ ਮਾਹਰ ਡਾਕਟਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ।
प्रशासन जालंधर में दाख़िल नजदीकी जिलों के कोविड मरीज़ों को उपलब्ध करवाएगा आक्सीजन कंसंट्रेटज़ – डिप्टी कमिश्नर
जालंधर, 25 मई 2021- ( न्यूज़ हंट )
कोविड के मरीज़ों की तरफ से आक्सीजन की घर में माँग को पूरा करने के चलते डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री घनश्याम थोरी ने कहा कि जालंधर जिले के नजदीकी जिलों के दाखिल कोविड मरीज़ों की मदद करते हुए आक्सीजन बैंक के दायरे को बढ़ाया गया है।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि आक्सीजन कंसंट्रेटज़ जालंधर के नजदीकी जिलों जैसे कि होशियारपुर, नवां शहर और कपूरथला के कोविड मरीज़ों जो कि जालंधर में दाख़िल हैं और अस्पताल से छुट्टी मिलते समय जिनके पास आक्सीजन की ज़रूरत सम्बन्धित स्लिप होगी को उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होनें कहा कि आक्सीजन कंसंट्रेटज़ लेते समय मरीज़ का स्थानीय पूरा पता होना चाहिए।
ज़िक्रयोग्य है कि ज़िला प्रशासन की तरफ से रैड्ड क्रास सोसायटी में एक आक्सीजन कंसंट्रेटज़ बैंक बनाया गया है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि अब तक आक्सीजन बैंक से 43 मरीज़ों को कंसंट्रेटज़ उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। उन्होनें कहा कि अब कोई भी कोविड और नान -कोविड मरीज़ इस आक्सीजन बैंक से नामात्र सक्योरिटी फीस 5000 और 200 रुपए रोज़ाना के हिसाब से आक्सीजन कंसंट्रेटज़ ले सकता है।
इसी तरह बैक्टरज़ फूड स्पैशलिस्टीज़ लिमटिड की तरफ से रैड्ड क्रास सोसायटी के आक्सीजन बैंक को कॉर्पोरेट सोशसल रिस्पांसेबिलिटी के अंतर्गत 10 आक्सीजन कंसंट्रेटज़ दान किये। श्री थोरी ने बैक्टरज़ इंडस्ट्रीज की तरफ से कोरोना वायरस महामारी विरुद्ध दिए योगदान में इस नेक काम के लिए प्रशंसा पत्र भेंट किया । उन्होनें कहा कि दानी संस्थानों की तरफ से दिया गया इस प्रकार का सहयोग विश्व स्तरीय स्वास्थ्य संकट से उचित ढंग से निपटने में बहुत सहायक सिद्ध होगा ।
डिप्टी कमिश्नर ने न्यू रूबी अस्पताल में पी.एस.ए.अधारित आक्सीजन प्लांट का उदघाटन |
जालंधर, 25 मई 2021- ( न्यूज़ हंट )
ज़िला जालंधर को आक्सीजन के उत्पादन में आत्म-निर्भर बनाने की तरफ एक और कदम बढाते हुए डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री घनश्याम थोरी ने न्यू रूबी अस्पताल में पीएसए प्रौद्यौगिकी पर अधारित आक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया और इस प्लांट की तरफ से प्रति मिनट 500 की दर के साथ आक्सीजन गैस का उत्पादन किया जायेगा।
आक्सीजन प्लांट की शुरुआत करते हुए डिप्टी कमिश्नर की तरफ से न्यू रूबी अस्पताल की तरफ से मानवीय प्रयोग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली आक्सीजन की ज़रूरत को पूरा करने के लिए अस्पताल में लगाए गए आक्सीजन प्लांट को लगाने के लिए किये गए प्रयत्नों की प्रशंसा की गई। उन्होनें कहा कि ज़िला प्रशासन की तरफ से पहले ही अस्पतालों और उद्योगों को ऐसे प्लांट लगाने के लिए अपील की गई है, जिससे वह आक्सीजन उत्पादन में स्व -निर्भर हो सकें।
डिप्टी कमिश्नर ने दूसरे स्वास्थ्य संभाल संस्थानों और उद्योगों को भी अपील की कि आक्सीजन की ज़रूरत को पूरा करने के चलते अपने – अपने संस्थानों में इस प्रकार के प्लांट लगाएगें। उन्होनें कहा कि इससे जहाँ आक्सीजन की माँग को कम किया जा सकेगा, वहीं ही जालंधर को आक्सीजन उत्पादन में आत्म- निर्भर बनाया जा सकेगा।
श्री थोरी ने कहा कि इस प्रकार प्लांट लगाना एक ही बार निवेश करना है ,जिसका उदेश्य संस्थानों को आक्सीजन के उत्पादन में आत्म- निर्भर बनाना है, जो कि कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर दौरान समय की ज़रूरत है। उन्होनें बताया कि ज़िला प्रशासन की तरफ से कोविड महामारी का उचित ढंग से मुकाबला करने के लिए बहु-आयोगी रणनीति जैसे कि सिविल अस्पताल में आक्सीजन प्लांट स्थापित करना, कोविड संभाल संस्थानों को आक्सीजन कंसंट्रेटज उपलब्ध करवाना, सरकारी अस्पतालों में पोस्ट कोविड रिकवरी वार्ड बनाना और मरीज़ों की सुविधा के लिए घर में आक्सीजन की ज़रूरत को पूरा करने के लिए आक्सीजन कंसंट्रेटज बैंक स्थापित करने को अपनाया गया है।
इस अवसर पर प्रोजैक्ट पर रौशनी डालते डायरैक्टर न्यू रूबी अस्पताल डा.एस.पी.एस. ग्रोवर ने कहा कि आक्सीजन जनरेशन प्लांट की तरफ से 80 सिलेंडर रोजानार उपलब्ध करवाए जाएंगे ,जिससे रोजाना की 80 प्रतिशत आक्सीजन की ज़रूरत को पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इसके इलावा 1500 लीटर तरल आक्सीजन को स्टोर करने के लिए स्टोरेज टेक भी बनाया गया है। ज़िक्रयोग्य है कि न्यू रूबी अस्पताल की तरफ से 40 बैंडो के साथ कोविड के मरीज़ों की सेवा की जा रही है।
इस अवसर पर डिप्टी मैडीकल कमिश्नर डा.जोती, डायरैक्टर न्यू रूबी अस्पताल डा.पुनीत पाल सिंह, डा.हरनीत कौर ग्रोवर, आई.एम.ए जालंधर प्रधान डा.अमरजीत सिंह, प्रधान रोटरी क्लब मनजीत सिंह और ब्रिगेडियर पी.एस.बिंदरा और अन्य भी उपस्थित थे।
डिप्टी कमिश्नर ने मुफ़्त मॉरचरी वैन की शुरूआत की, कोविड से मौत होने पर मृतक देह को मुफ़्त ले जाएगी वैन |
जालंधर, 25 मई- ( न्यूज़ हंट )
डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री घनश्याम थोरी ने आज सिविल अस्पताल जालंधर में दाख़िल कोविड मरीज़ों को कोविड कारण मौत हो जाने पर मृतक देह को ले कर जाने के लिए मुफ़्त मारचरी वैन को हरी झंडी दे कर रवाना किया ।
इस सम्बन्धित जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री घनश्याम थोरी ने बताया कि इस वैन के लिए फंड राज्य सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री राहत फंड में से जारी किया गया हैं। उन्होनें कहा कि वैन कोविड कारण मौत होने पर मैडीकल प्रोटोकॉल के अंतर्गत मुफ़्त सेवाएं उपलब्ध करवाएंगी।
इस अवसर पर और जानकारी देते हुए सिविल सर्जन जालंधर डा.बलवंत सिंह ने कहा कि 9.80 लाख की लागत वाली इस वैन को कोविड कारण मौत होने पर सेवा देने के उदेश्य से सिविल अस्पताल जालंधर में तैनात किया जायेगा। उन्होनें बताया कि वैन कोविड कारण मौत होने पर मृतक देह को शमशान स्थान तक ले कर जाएगी, जहाँ मैडीकल प्रोटोकॉल की पालना करते हुए पूरे सम्मान और रीति रिवाज़ों अनुसार मृतक का अंतिम संस्कार किया जायेगा।
इस अवसर पर अन्यों के इलावा ज़िला टीकाकरण अधिकारी डा.राकेश चोपड़ा और डा.राजीव गुप्ता भी उपस्थित थे। यहाँ यह भी ज़िक्रयोग्य है कि ज़िला प्रशासन की तरफ से कोरोना वायरस कारण मौत होने पर जरूरतमंद और गरीब परिवारों की सहायता के लिए पहले ही हैल्पलाइन नंबर 0181 -2224417 जारी किया जा चुका है।
भारतीय स्टेट बैंक ने 15000 मास्क, 15000 दस्ताने, 65 सैनीटाईज़र और 400 लीटर हाईप्रोकलोराईट सिविल सर्जन को किए भेंट |
जालंधर ,25 मई- ( न्यूज़ हंट )
देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक ,भारतीय स्टेट बैंक जो कि हर मुश्किल में समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खडा है और अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए लोगों की हर संभव मदद करने के लिए तैयार रहता है, इसी कड़ी में आज कोरोना वायरस महामारी के चलते ज़िले में पैदा हुई स्थिति को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री घनश्याम थोरी के नेतृत्व में कोरोना महामारी का असरदार ढंग से मुकाबला करने के लिए कोरोना मरीज़ों और डाक्टरों की ज़रूरतों को देखते हुए ज़रूरत का समान जैसे मास्क, दस्ताने, सैनीटाईज़र और सोडियम हाईप्रोकलोराईट उपलब्ध करवाया ।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री घनश्याम थोरी ने कहा कि कोरोना वायरस कारण ज़िले में पैदा हुई स्थिति के चलते भारतीय स्टेट बैंक की तरफ से किया गया यह प्रयास प्रशंसनीय है। उन्होनें कहा कि बैंक की तरफ से उपलब्ध करवाए गए 15000 मास्क, 15000 दस्ताने, 65 सैनीटाईज़र और 400 लीटर सोडियम हाईप्रोकलोराईट कोरोना वायरस महामारी का असरदार ढंग से सामना करने में कोरोना मरीज़ों और डाक्टरों के लिए बहुत लाभदायक होगा। उन्होनें सिविल सर्जन को कहा कि कोरोना वायरस विरुद्ध लड़ाई दौरान बैंक की तरफ से दिए गए सामान को पूरी जिम्मेदारी के साथ ज़रूरतमंदों तक पहुँचाया जाये। उन्होनें अन्य समाज सेवीं संस्थानों को भी अपील की कि ज़िले में कोरोना वायरस की स्थिति का असरदार ढंग से मुकाबला करने के लिए ज़िला प्रशासन को अधिक से अधिक सहयोग दे, जिससे जल्द से जल्द ज़िले को कोरोना मुक्त बनाया जा सके।
इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री प्रदीप कुमार ने कहा कि बैंक ने अपनी, सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए समाज सेवा का यह छोटा सा प्रयास किया है और भविष्य में भी भारतीय स्टेट बैंक की तरफ से ज़िला प्रशासन को हर संभव सहयोग दिया जायेगा।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डा.बलवंत सिंह ने भारतीय स्टेट बैंक का धन्यवाद करते हुए कहा कि कोरोना वायरस विरुद्ध लड़ाई में उनका यह योगदान बहुत मददगार सिद्ध होगा। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक जे.एम.कालिया, सुभाष वर्मा और उप प्रबंधक पवन बस्सी और ज़िला टीकाकरण अधिकारी डा.राकेश चोपड़ा और अन्य भी मौजूद थे।
अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) ने ज़िले की स्वास्थ्य सुविधाओं में मानवीय स्रोतों की कमी को पूरा करने का एलान |
जालंधर, 25 मई 2021- ( न्यूज़ हंट )
कोविड -19 महामारी का उचित ढंग से मुकाबला करने के लिए किये जा रहे प्रयत्नों के अंतर्गत अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) श्री विशेष सारंगल ने एक अलग पहल कदमी की शुरुआत करने का ऐलान किया, जिससे ज़िले के स्वास्थ्य संभाल संस्थानों में कोविड -19 के मरीज़ों के इलाज को और भी सुचारू ढंग के साथ चलाया जा सकेगा।
अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) ने एलान किया कि स्वास्थ्य संस्थानों को कोविड के मरीज़ों के इलाज के लिए मैडीकल पेशे से सबंधित कौशल कामगार उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होनें बताया कि पंजाब हुनर विकास मिशन के अंतर्गत प्रशासन की तरफ से अपने खर्च किए पर इस प्रकार के कोर्स के लिए उम्मीदवारों को मुफ़्त प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जायेगी। उन्होनें कहा कि यह मुफ़्त प्रशिक्षण नए उम्मीदवारों को कोविड -19 से सबंधित स्वास्थ्य सैक्टर भारी काऊंसल की तरफ से विकसित किये गए आर.पी.एल सिक्स जॉब रूल्ज के अंतर्गत उपलब्ध करवाई जायेगी। उन्होनें बताया कि उम्मीदवारों की प्रशिक्षण 21 दिनों और हुनर में और ज़्यादा निखार के लिए 7 दिनों का और प्रशिक्षण होगी।
यहाँ ज़िक्रयोग्य है कि पंजाब हुनर विकास मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण सिक्स जॉब रूल्ज जिसमें समकालीन मैडीकल तकनीशियन, जनरल डियूटी असिस्टैंट, जीडीए -एडवांस (क्रिटीकल केयर), होम हैल्थ एड, मैडीकल इक्यूपमैंट प्रौद्यौगिकी असिस्टैंट और फलेबोटोमिस्ट शामिल हैं के अंतर्गत करवाई जायेगी। उन्होनें कहा कि सभी अस्पताल यह नोट करे कि यदि उनको शिक्षित मानवीय स्रोतों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, तो पंजाब सरकार और भारत सरकार की तरफ से उनकी मुश्किलों का हल करते हुए मैडीकल पेशे से जुड़े कौशल स्वास्थ्य कामगार उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होनें ज़िले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को कहा कि अपनी, अपनी, ज़रूरतों सम्बन्धित अवगत करवाए, जिससे अधिक से अधिक शिक्षित स्वास्थ्य कामगारों को उनकी ज़रूरतों अनुसार उपलब्ध करवाया जा सके।
कमिश्नरेट पुलिस ने एक और नशा समग्लर पर सख़्त कारवाई की, मुख्य उदेश्य ज़िले में नशें की स्पलाई लाईन को तोड़ना, मालिक गिरफ़्तार – गुरप्रीत सिंह भुल्लर
जालंधर ,25 मई 2021- ( न्यूज़ हंट )
नशे विरुद्ध चलाई गए अभियान में एक और सफलता हासिल करते हुए जालंधर कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से नशा तस्कर को गिरफ़्तार करके 5840 (कमर्शियल कुआंटिटी) गोलियाँ बरामद की गई हैं। इस सम्बन्धित और ज्यादा जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर जालंधर श्री गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वरुण मलिक निवासी लाडोवाली रोड जो कि दिलकुशा मार्केट में मलिक मैडीकल स्टोर चलाता है की तरफ से बड़ी मात्रा में नशे को स्टोर किया गया है। स.भुल्लर ने कहा कि पुलिस टीम जिसमें ड्रग इंस्पैक्टर अनुपम कालिया शामिल थे की तरफ से दुकान पर छापा मारा गया और बारीकी के साथ इसकी जांच की गई।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच दौरान पुलिस पार्टी की तरफ से 5840 ट्रामाडोल की गोलियाँ दुकान में से बरामद की गई और इस उपरांत वरुण मलिक को गिरफ़्तार किया गया। उन्होनें बताया कि मलिक ने खुलासा किया है कि उसने जल्दी पैसे कमाने की लालसा में इस तरह की गतिविधियों को अपनाया । उन्होनें बताया कि उसके पिता भी फगवाड़ा में दवाओं का कारोबार करते हैं। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस केस से जुड़े दूसरे लोगों से आगे की पूछताछ की जा रही है।
